जेल में मर्डर : उस कैदी को वियाग्रा खिलाकर निपटा दिया गया था!

Yashwant Singh : चूंकि मैं ‘जानेमन जेल’ नामक किताब का लेखक हूं और 68 दिन जेल का नमक खाने का मौका पा चुका हूं इसलिए जेल में मुन्ना बजरंगी के मर्डर के बारे में एक्सपर्ट कमेंट देना अपना कर्तव्य समझता हूं. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

एक बड़े माफिया डॉन ने मुन्ना बजरंगी को जेल में मारने की सुपारी सुनील राठी को दी थी! देखें वीडियो

मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या से योगी सरकार पर भी उठने लगे सवाल…. Girish Malviya : रामराज्य की दूसरी क़िस्त आज रिलीज हो गयी कुख्यात माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को जेल में 10 गोली मार कर हत्या कर दी गयी है. अपराधी है तो मृतक से किसी को कोई सहानुभूति नहीं है लेकिन फिर …

यूपी की एक जेल के भीतर की रीयल जिंदगी देखें… क्या कुछ नहीं होता यहां… देखें वीडियो

झांसी जेल में सजा काट चुके कुछ कैदियों ने अंदर बनाए गए वीडियो को रिपोर्टर मधुर यादव को सौंपा…..  झांसी के पत्रकार मधुर यादव  ने जोरदार खुलासा किया है. उन्होंने झांसी की जेल के भीतर के रीयल फुटेज पब्लिक डोमन में लेकर आए हैं. इन फुटेज को देखने से पता चलता है कि जेल के भीतर नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. वीडियो से साफ जाहिर है कि जेल के अंदर दुकानें सजती हैं जहां कैदियों को जिला कारगार प्रशासन की मदद से ऊंचे दामों में सामान बेचा जाता है.

आइसा छात्र नेता नितिन राज ने जेल से भेजा पत्र- ‘रिश्वत देकर रिहाई कतई कुबूल नहीं’

सरकारों का कोई भी दमन और उनके भ्रष्टतंत्र की कोई भी बेशर्मी और बेहयाई क्रांतिकारी नौजवानों के मंसूबों को तोड़ नहीं सकती……

साथियों,

आज शायद भारतीय छात्र आन्दोलन अपने इतिहास के सबसे दमनात्मक दौर से गुजर रहा है, जहाँ छात्रों को अपनी लोकतान्त्रिक माँगो को लेकर की गई छात्र आन्दोलन की सामान्य कार्यवाही के लिए भी राजसत्ता के इशारे पर महीनों के लिए जेल में डाल दिया जा रहा है. छात्र आन्दोलन से घबराई योगी सरकार, जो कि इसे किसी भी शर्त पर कुचल देना चाहती है, हमें इतने दिनों तक जेल में रख कर हमारे मनोबल को तोड़ने की कोशिश कर रही है. लेकिन हम क्रान्तिकारी परम्परा के वाहक हैं हमारे आदर्श भगतसिंह और चंदू हैं, सावरकर नहीं, जो जेल के भय से माफ़ीनामा लिखकर छूटे और अंग्रेजों की दलाली में लग गए. हमें अगर और दिनों तक जेल में रहना पड़ा तब भी हम कमजोर पड़ने वाले नहीं हैं.

ईमानदार जज जेल में, भ्रष्टाचारी बाहर!

सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी अदालत है, इसलिए उसका फ़ैसला सर्वोच्च और सर्वमान्य है। चूंकि भारत में अदालतों को अदालत की अवमानना यानी कॉन्टेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट की नोटिस जारी करने का विशेष अधिकार यानी प्रीवीलेज हासिल है, इसलिए कोई आदमी या अधिकारी तो दूर न्यायिक संस्था से परोक्ष या अपरोक्ष रूप से जुड़ा व्यक्ति भी अदालत के फैसले पर टीका-टिप्पणी नहीं कर सकता। इसके बावजूद निचली अदालत से लेकर देश की सबसे बड़ी न्याय पंचायत तक, कई फ़ैसले ऐसे आ जाते हैं, जो आम आदमी को हज़म नहीं होते। वे फ़ैसले आम आदमी को बेचैन करते हैं। मसलन, किसी भ्रष्टाचारी का जोड़-तोड़ करके निर्दोष रिहा हो जाना या किसी ईमानदार का जेल चले जाना या कोई ऐसा फैसला जो अपेक्षित न हो।

किशोरों की नशाखोरी का स्टिंग करने के कारण एक पत्रकार जेल काट रहा है, पढ़िए उसका भेजा गया पत्र

Sir,  Main Manish dubay s/o Shree Laxmishankar kanpur uttar-pardesh ka niwasi hu. ve pesey se press-repotar hu.! Par aaj shayad mera profetion hi mere liye jaan ki afaat ban chuka hai.! Main apne ghaar, pariwaar, patni ve ek chhoti si bachhi se dur police ve kanun ke hatho ki katputli ban nirapradh jail kat raha hu.! Sir, maine 2011 mai dilli ke kuch kam umar ladko ko nasha-khori karte hue ek video banaya tha. tatha apne samajik sarkaro ke chalte usse youtube par upload kar diya tha.!

अखबार के प्रबंध संपादक को हथकड़ी लगाना पुलिस वालों को पड़ा महंगा

मुंबई उच्च न्यायालय ने नुकसान भरपाई के लिए चार लाख रुपये मुआवजा देने और पुलिस वालों पर कारवाई का आदेश दिया : मुंबई उच्च न्यायायल ने गुरुवार को एक कड़ा कदम उठाते हुये एक अखबार के प्रबंध संपादक को हथकड़ी लगाने पर ना सिर्फ पुलिस वालों को जमकर फटकार लगायी बल्की चार लाख रुपये का नुकसान भरपाई और २५ हजार रुपये याचिका खर्च के रुप में याचिकाकर्ता को देने और पुलिस वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया है।

एक अनाम और निरपराध औरत की जेल डायरी

करे कोई, भरे कोई। एक पुरानी कहावत है। एक बात यह भी है कि कई बार आंखों देखा और कानों सुना सच भी , सच नहीं होता। होता तो यह जेल डायरी लिखने की नौबत नहीं आती। लेकिन हमारे जीवन में भी कई बार यह बात और वह कहावत लौट-लौट आती है। एक वाकया याद आता है। एक गांव में एक पंडित जी थे। पूरी तरह विपन्न और दरिद्र। लेकिन नियम क़ानून और शुचिता से कभी डिगते नहीं थे। किसी भी सूरत। लोग बाग़ जब गन्ने के खेत में आग लगा कर कचरा , पत्ता आदि जला देते थे , पंडित जी अपने खेत में ऐसा नहीं करते थे। यह कह कर कि अगर आग लगाएंगे तो जीव हत्या हो जाएगी। पत्तों के साथ बहुत से कीड़े-मकोड़े भी मर जाएंगे। पर्यावरण नष्ट हो जाएगा।

आज के ही दिन चार साल पहले अपुन हवालात फिर जेल गए थे : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : आज ‘जेल दिवस’ है. आज के ही दिन चार साल पहले अपुन हवालात फिर जेल गए थे. मुझे आज इस दिवस पर बधाई दे सकते हैं. इस मौके पर एक संस्मरण अभी लिखा हूं जिसका लिंक दे रहा हूं. जो लोग ‘जानेमन जेल’ पढ चुके हैं, उनसे जरूर चाहूंगा कि वो दो शब्द कहें. जो नहीं पढ़े हैं उन्हें कहूंगा कि एक बार पढ़ो तो, पढ़ कर जेल जाने का मन न करे तो पैसे वापस 🙂

लिंक ये है : यशवंत के लिए आज है ‘जेल दिवस’, जानिए ‘जानेमन जेल’ के आगे पीछे की अनकही कहानी

आज है ‘जेल दिवस’, जानिए ‘जानेमन जेल’ के आगे पीछे की अनकही कहानी

आज ‘जेल दिवस’ है. आज के ही दिन वर्ष 2012 में कुछ कारपोरेट और करप्ट संपादकों-मीडिया मालिकों ने मिलकर मुझे पुलिस के जरिए उठवाया, थाने के हवालात में बंद कराया फिर जेल भिजवा दिया. पूरे 68 दिन गाजियाबाद के डासना जेल में रहा. उन दिनों नोएडा यानि गौतमबुद्धनगर का जेल भी डासना ही हुआ करता था. अब नोएडा का अपना खुद का जेल हो गया है जिसके बारे में बताया जा रहा है कि काफी आधुनिक किस्म का है, हालांकि यहां अभी जाना नहीं हो सका है. तो बता रहा था कि आज मेरे लिए जेल दिवस है.

महिला बंदी ने एटा के जेल अधीक्षक अनूप सिंह पर वसूली और छेड़छाड़ समेत कई गंभीर आरोप लगाए (देखें वीडियो)

यूपी के एटा जिला जेल से जमानत पर बाहर आकर एक महिला ने एटा जेल अधीक्षक अनूप कुमार पर जेल में अवैध वसूली, छेड़छाड करने और शारीरिक सम्बन्ध बनाने का प्रयास करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उसने अपनी शिकायत मुख्यमंत्री, महिला आयोग, डीजी जेल, मानवाधिकार आयोग, डीएम, एसएसपी से की है। डीआई जी जेल आगरा और महिला आयोग की टीम ने एटा जेल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

जेलों के भीतर किस किस्म का भ्रष्टाचार होता है, जानिए इस पत्र से

Dear Mr. Director general Ajeet Singh ji

Rajasthan prisons

jaipur

Subject : input media reports about various irregularities and corruption at Bikaner central jail

Dear sir

We have strong media inputs and reports with evidences etc concerning with below mentioned points. .. ..

३ मार्च को आप (डीजी जेल) वहां बीकानेर पहुंचे ..जेल देखा भी होगा… वहां की वस्तुस्थिति आप की जानकारी के लिये कुछ इस तरह से है… गौर फरमाया जाये व जांच कराई जावे…

भारत के इतने सारे मीडिया हाउसों के मालिक जेल में! पढ़िए पूरी लिस्ट और इनकी पूरी कहानी

आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब इतनी बड़ी संख्या में ‘मीडिया’ के मालिक जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे हैं। सहारा टीवी समूह के मालिक सुब्रत रॉय सहारा जेल में हैं और जमानत की राशि के इंतजाम में लगे है। लगभग दो साल में वे जमानत की राशि इकट्ठा नहीं कर पाए। दो लाख करोड़ के साम्राज्य का मालिक होने का दंभ भरने वाले सुब्रत रॉय दस हजार करोड़ नहीं जुटा पा रहे हैं। इसी तरह पी-7 चैनल और पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू भी जेल में हैं। खबर भारती चैनल के मालिक बघेल सांई प्रसाद समूह के शशांक प्रभाकर, महुआ ग्रुप के हिन्दी, भोजपुरी, बांग्ला भाषाओं के कई चैनलों के मालिक पी.के. तिवारी भी जेल में हैं। इसी तरह शारदा ग्रुप के चैनल-10 के मालिक सुदीप्तो सेन भी जेल में हैं। समृद्ध जीवन परिवार नामक चिटफंड कंपनी के मालिक और लाइव इंडिया नाम के चैनल के मालिक महेश किसन मोतेवार जेल में बंद हैं। इनमें से अधिकांश टीवी चैनलों के मालिक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हैं।

भंगू का हाल में ही किडनी बदला गया है, जेल प्रशासन रखेगा ध्यान

देश के सबसे बड़े पौंजी घोटाले में गिरफ्तार पर्ल्स समूह के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू का अभी हाल में ही किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है. इस बात का उल्लेख उनके दो वकीलों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया. भंगू के अधिवक्ता मनीष जैन और विजय अग्रवाल ने अदालत से कहा कि भंगू का हाल में किडनी प्रत्यारोपण हुआ है इसलिये जेल में उनकी नियमित जांच होनी चाहिये. साथ ही उनकी मेडिकल कंडीशन के मुताबिक इलाज व दवाइयां दिए जाने की मांग की. अदालत ने इस पर कहा कि जेल प्रशासन इसका ध्यान रखेगा. वकीलों की यह मांग भी कोर्ट ने मान ली कि उन्हें रोजाना एक घंटे अपने क्लाइंट यानि भंगू से मुलाकात की अनुमति दी जाए.

साईं प्रसाद की मालकिन वंदना भापकर को कोर्ट ने जेल भेजा

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद की मालकिन वंदना भापकर को रायपुर की एक अदालत ने जेल भेज दिया है. उन्हें पहले एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा था. रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. लाभ की आकर्षक स्कीमों का झांसा देकर कई सालों से छत्तीसगढ़ और देश के दूसरे शहरों में सक्रिय साईं प्रसाद और उससे सम्बंधित दूसरी कंपनियों पर CBI ने छापा मारी शुरू कर दी है. साथ ही देश के 30 से ज़्यादा शहरों में दस्तावेजी जांच पड़ताल शुरू हो गयी है. सूत्रों के अनुसार CBI की तीन टीमें रायपुर पहुंची जिसमे दिल्ली कोलकता और भिलाई के अधिकारी शामिल थे.

टीवी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी पर ट्विटर से कई सेक्सिस्ट टिप्पणियां करने वाले अंग्रेजी के एक बड़े पत्रकार जाएंगे जेल

(टीवी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी)


Deepak Sharma : महिलाओं का सम्मान किया जाना चाहिए. चाहे वो कर्मचारी हों या अधिकारी. चाहे वो पत्रकार हों या टीवी पर खबर पढ़ने वाली एंकर. भाषा का संयम और भद्रता अनिवार्य है. वरना वही हाल होगा जो अब दिल्ली के अंग्रेजी अखबार के एक बड़े पत्रकार का होने वाला है. इन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से टीवी पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी पर कई सेक्सिस्ट टिप्पणियां की और आज़िज़ आकर स्वाति ने पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी.

दिल्ली पुलिस के जवानों ने आगरा में कैदी को कराई शापिंग, देखें वीडियो

दिल्ली पुलिस वैसे तो छोटे-मोटे मामलों में किसी को जेल भेजकर अपनी पीठ थपथपा सकती है, लेकिन जब खुद के गुनाहों की बारी आती है तो चुप्पी साध जाती है. इन दिनों भाजपा नेताओं के इशारे पर चलने वाली दिल्ली पुलिस के लिए आम आदमी पार्टी के नेता-कार्यकर्ता सबसे बड़े दुश्मन हैं. थोड़ा भी आरोप लगा तो जांच शुरू और फौरन गिरफ्तारी. लेकिन यही दिल्ली पुलिस पेशेवर अपराधियों के साथ बेहद दोस्ताना व्यवहार करती है. इन अपराधियों को नियम-कानून तोड़कर शापिंग कराती फिरती है.

जालसाजी करने पर जीबी पन्त पॉलिटेक्निक के कर्मशाला अधीक्षक को जेल

लखनऊ की चीफ जुडीशिअल मजिस्ट्रेट ने जालसाजी से प्रमाणपत्र बनाकर नौकरी करने के एक मामले में समाज कल्याण विभाग के लखनऊ स्थित जी. बी. पन्त  पॉलिटेक्निक के कर्मशाला अधीक्षक पवन कुमार मिश्रा की जमानत अर्जी ख़ारिज करते हुए अभियुक्त को जेल भेज दिया।

‘जानेमन जेल’ पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे यशवंत जी सामने बैठ कर अपनी कहानी सुना रहे हों…

Prabudha Saurabh : यशवंत जी की किताब ‘जानेमन जेल’ पढ़ना बिलकुल नया अनुभव रहा। ‘जेल’ और ‘जानेमन’ शब्द का एक साथ होना ही इस किताब के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए काफ़ी था, दूसरा आकर्षण यशवंत। यह किताब मोटे तौर पर (हालांकि है बड़ी पतली सी) यशवंत जी की दो-तीन महीने की आपबीती (या यों कहें कि जेलबीती) है। निजी रूप में जितना मैं यशवंत जी को जानता हूँ, यह समझना तो मुश्किल है, कि वो क्रांतिकारी ज़्यादा हैं या पत्रकार लेकिन इतना ज़रूर है कि वो एक अनूठा फॉर्मूला हैं।

जब मीडिया मालिकों ने यशवंत को जेल भिजवाया था, तभी मैंने आगाह कर दिया था….

Palash Biswas : शाहजहांपुर में सोशल मीडिया के पत्रकार को मंत्री के गुर्गों और पुलिसे के द्वारा उसके घर में जिन्दा जला कर मार देने की घटना रौंगटे खड़ा कर देने वाली हैl साथ ही यह उत्तर प्रदेश कि सरकार के साथ साथ प्रदेश के पत्रकारों के चरित्र को भी उजागर करती हैl साथियों, याद करें जब मजीठिया की लड़ाई में पत्रकारों की अगुवाई करने वाले भड़ास के यशवंत को मालिकों की रंजिश की वजह से जेलयात्रा करनी पड़ी, तो हमने सभी साथियों से आग्रह किया था कि हमें एकजुट होकर अपने साथियों पर होने वाले हमले के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। हम शुरू से पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर वैकल्पिक मीडिया के हक में लामबंदी की अपील करते रहे हैं। हम लामबंद होते तो हमारे साथी रोज-रोज मारे नहीं जाते।

राष्ट्रीय सहारा बनारस यूनिट हेड देवकी का लखनऊ तबादला, सुब्रत राय तिहाड़ में लेंगे मैनेजरों व संपादकों की बैठक

राष्ट्रीय सहारा अखबार से खबर है कि बनारस यूनिट के हेड देवकी नंदन मिश्रा का लखनऊ तबादला कर दिया गया है. उन्हें जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट से संबद्ध किया गया है. इस बीच, एक अन्य सूचना के मुताबिक सहारा के लखनऊ के एचसीबीएल (हिंदुस्तान कोआपरेटिव बैंक लिमिटेड) बैंक में भगदड़ मचने का बड़ा कारण खुद सहारा के ही कई बड़े पदाधिकारी हैं. जब इन्हें 17 अप्रैल को आरबीआई की टीम के छापे की जानकारी मिली तो सबने फौरन अपना अपना पैसा निकालने के लिए दौड़ लगा दी. साथ ही इन लोगों ने अपने परिचितों को भी पैसे निकाल लेने की सलाह दी. इस तरह देखते ही देखते बात फैल गई और इस बैंक के आफिस के सामने पैसे निकालने वालों की लंबी कतार लग गई. बाद में आरबीआई ने इस बैंक पर रोक लगा दी लेकिन इससे पहले सहारा वाले और इनके परिचितों ने बैंक से अपना पैसा निकाल लेने में सफलता हासिल कर ली थी.

सहारनपुर में सहारा का कैमरामैन कई गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया (देखें वीडियो)

यूपी के सहारनपुर जिले में मिशन कम्पाउंड की घटना है. देर रात सहारा का कैमरामैन जॉन और उसका एक साथी सलीम पानवाला ने तीन बच्चों की प्रेम वाटिका के पास पिटाई कर उनसे 600 रुपये छीन लिए. आरोप है कि जॉन ने बच्चों के मुंह में रिवॉल्वर लगा दिया था. इन तीनों में से एक बेटा देवेश त्यागी का है जो IBN7 के रिपोर्टर हैं और दूसरा बेटा शहर के नामी वक़ील जयकृत सिंह का पोता है.

देवरिया में तैनात दरोगा शांति भंग के अपराध में भेजा गया मेरठ जेल

मवाना (मेरठ) : जनपद देवरिया में तैनात एस टी एफ के दरोगा को शान्ति भंग की आंशका के चलते उप जिलाधिकारी ने पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया। जनपद मेरठ की मवाना तहसील के ग्राम तिगरी में रास्ते को लेकर सुबह के समय दो पक्षो में विवाद हो गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी अरविन्द कुमार सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी डी पी सिंह व तहसीलदार भूपेन्द्र बहादुर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।

आपकी ‘जानेमन जेल’ तो मेरा भी दिल लूटकर ले गई

आदरणीय यशवंत भाई, अमेजोन ब्वॉय ने आज आपकी जानमेन जेल हाथों में रखी तो पता नहीं था दिन इसी के नाम करने वाला हूं। आफिस में पहला पन्ना खोला तो फिर रुका नहीं गया। आपकी जानेमन तो मेरा भी दिल लूटकर ले गई। सबसे पहले तो कुछ बेहतरीन किताबों के नाम सुझाने के लिए धन्यवाद और अफसोस है कि आपको जेल में चीफ साहब अंगुली कर गया। …खैर ये तो मजाक है लेकिन किताब बहुत सीरियस है।

यशवंत की ‘जानेमन जेल’ : विपरीत हालात में खुद को सहज, सकारात्मक और धैर्यवान बनाये रखने की प्रेरणा देने वाली किताब

पूनमपूनम

Poonam Scholar : इस बार विश्व पुस्तक मेला में एक ही बार जाने का मौका मिल सका. हिन्द युग्म प्रकाशन के सामने से गुजरते हुए अचानक याद आया कि इसी प्रकाशन से तो यशवन्त जी की पुस्तक ‘जानेमन जेल’ भी प्रकाशित हुई है. काफी समय से पढ़ने की इच्छा थी सो खरीद ली. कल जाकर समय मिला पढ़ने का. यशवन्त जी ने जेल जीवन के बारे में जो कुछ भी लिखा है उसे पढ़कर जेल के प्रति जो भ्रान्तियाँ हम लोगों के मनों में बनी हुई हैं न केवल वो दूर होती हैं बल्कि विपरीत परिस्थितियों में स्वयं को सहज, सकारात्मक और धैर्यवान बनाये रखने की प्रेरणा भी मिलती है.

यूपी के बरेली में नौनी राम और गोण्डा में अफजल की जेल में कैसे हुई मौत?

लखनऊ । रिहाई मंच ने बरेली जेल में नौनी राम व गोण्डा जेल में अफजल की हिरासत में मौत को मानवाधिकार उत्पीड़न का गंभीर मसला बताते हुए इन दोनों मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। रिहाई मंच प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिल यादव ने कहा कि बरेली जेल में नौनी राम की हिरासत में मौत हुई जो कि 2006 से आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। इस प्रकरण में जिस तरीके से पुलिस ने कहा कि वह मानसिक तौर पर बीमार था और उसने अपने मफलर से फांसी लगाकर जान दी, वह प्रशासन को कई सवालों के घेरे में लाता है।

संत रामपाल का आरोप- जेल सुपरिंटेंडेंट 50 लाख रुपये मांग रहा है

सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल ने मीडिया के सामने सीधे जेल सुपरिंटेंडेंट पर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगाया है। रामपाल ने कहा कि उसे तकलीफ है कि जिस अधीक्षक ने उससे फिरौती मांगी थी, उसे ही उस जेल का अधीक्षक बना दिया गया है। उसने कहा कि पुलिस ने जो चालान पेश किया है, वह बनावटी और झूठा है। चालान में जो लिखा गया है, सब पुलिस का मनघड़ंत है।

मवाना चीनी मिल में तोड़फोड़ और जानलेवा हमले के मामले में रालोद जिला उपाध्यक्ष रतन सिंह जेल भेजे गए

मेरठ : गन्ना भुगतान की मांग को लेकर मवाना चीनी मिल में हुई तोड़फोड़ व कर्मचारियों पर जानलेवा हमले के मामले में थाना पुलिस ने राष्ट्रीय लोकदल के जिला उपाध्यक्ष रतन सिंह को उसके आवास गांव भैंसा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मवाना चीनी मिल पर किसानों का पिछले वर्ष तथा वर्तमान पेराई सत्र का लगभग 300 करोड़ रुपये बकाया है, जिसको लेकर किसान बीते एक माह से गन्ना समिति में धरना दे रहे हैं।

हमारा लोकतंत्र दलितों, आदिवासियों और मुस्लिमों को सिर्फ जेल दे पाया : शिवमूर्ति

लखनऊ । रिहाई मंच ने ‘अवैध गिरफ्तारी विरोध दिवस’ के तहत यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में ’अवैध गिरफ्तारियां और इंसाफ का संघर्ष’ विषयक सेमिनार का आयोजन किया। आतंकवाद के नाम पर पकड़े गए खालिद मुजाहिद जिनकी पुलिस व आईबी अधिकारियों द्वारा मई 2013 में हत्या कर दी गई थी, उनकी 2007 में हुई फर्जी गिरफ्तारी की सातवीं बरसी पर यह आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए साहित्यकार शिवमूर्ति ने कहा कि आज जेलों में तमाम लोग 10-10 सालों से उन मामलों में बंद हैं जिसमें अधिकतम सजा ही दो साल है। इनमें बड़ी संख्या दलितों, आदिवासियों और मुसलमानों की है। इससे साबित होता है कि पूरी व्यवस्था ही इन तबकों के खिलाफ है। सबसे शर्मनाक कि सामाजिक न्याय के नाम पर सत्ता में आई पार्टियों के शासन में भी यह सिर्फ जारी ही नहीं है बल्कि इनमें बढ़ोत्तरी ही हो रही है। खालिद का मामला इसका उदाहरण है। यह सिलसिला तभी रुकेगा जब मुसलमानों को आतंकवाद के नाम पर फंसाने और उन्हें फर्जी एंकाउंटरों में मारने वाले जेल भेजे जाएंगे जैसा कि गुजरात में देखने को मिला।

अपराधी मीडिया मालिक छुट्टा घूम रहे, विज्ञापन एजेंट को तीन साल की जेल हो गई

किसी अखबार या चैनल मालिक को आपने पेड न्यूज या छंटनी या शोषण या चोरी के मामले में जेल जाते आपने नहीं सुना होगा लेकिन एक विज्ञापन एजेंट को तीन साल की जेल की सजा इसलिए हो गई क्योंकि उसने अखबार में विज्ञापन छपवाकर उसका पेमेंट जमा नहीं कराया. विज्ञापन छपवा कर पैसे न जमा कराना अपराध है. उचित ही सजा मिली. लेकिन ऐसी सजाएं बड़े लोगों को अपराध में क्यों नहीं होती.