शोकाज नोटिस देने के बाद भी जलगांव के किसी अखबार ने नहीं लागू किया मजीठिया

पत्रकारों ने भी मांगना उचित नहीं समझा अपना बढ़ा हुआ वेतन… आर टी आई से हुआ खुलासा… माननीय सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बावजूद महाराष्ट्र के जलगांव में एक भी अखबार ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू नहीं किया है। यह खुलासा हुआ है आरटीआई के जरिये। मुंबई के निर्भीक पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट शशिकांत सिंह ने आरटीआई के जरिये जो जानकारी निकाली है उसके मुताबिक जलगांव के तीन अखबारों जलगांव तरुण भारत, दैनिक जनशक्ति और दैनिक साईंमत में से दैनिक जलगांव तरुण भारत तथा जनशक्ति का मुख्यालय जलगांव में है। इन तीनों अखबारों ने आज तक जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश तो छोड़िये, मणिसाना वेज बोर्ड भी लागू नहीं किया है।

इन तीनो अखबारों का २४ जून २०१६ को कामगार आयुक्त कार्यालय की निरीक्षण टीम ने निरीक्षण किया तो पाया कि इन तीनों अखबारों ने अपने कर्मचारियों को जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड और मणिसाना वेज बोर्ड की सिफारिश लागू करके उचित पैसा नहीं दिया है। उसके बाद जलगांव के इन तीनों अखबारों को १४ सितंबर २०१६ को शोकाज नोटिस भी भेजा गया मगर ये अखबार वाले आज तक नहीं सुधरे हैं।

उधर एक अन्य आरटीआई के जवाब में जलगांव के सहायक कामगार आयुक्त कार्यालय के जनमाहिती अधिकारी एम. डी. चौधरी ने ९ दिसंबर २०१६ को बताया है कि उनके कार्यालय में एक भी पत्रकार या उनके संगठन ने १७(१) के तहत रिकवरी क्लेम नहीं किया है। इसलिये रिकवरी की कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी। यानि जैसै जलगांव के अखबार मालिक हैं वैसे ही वहां के पत्रकार और मीडियाकर्मी भी हैं। किसी को भी जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड यानि बढ़ी हुई सेलरी और एरियर लेने की नहीं पड़ी है।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्टीविस्टि
मुंबई
९३२२४११३३५

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