चंदौली में जमीन पर कब्जा दिलाने में दो पत्रकार गए जेल

चंदौली में पत्रकारिता का रौब गाठ कर दलित के जमीन पर जबरिया कब्ज़ा दिलाने के प्रयास में दो पत्रकारों को खानी पड़ी जेल की हवा। मामला धीना थाना क्षेत्र के एवती गांव का है, जहाँ ग्राम प्रधान ओम प्रकाश यादव के तहरीर पर पुलिस ने खुद को इलेक्ट्रानिक मीडिया का पत्रकार बता कर ग्रामीणों को सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ उसकाने व अभद्र व्यवहार के आरोप में चार लोगों को जेल भेज दिया गया। पांचवां व्‍यक्ति मौके का फायदा उठाकर वह से खिसक लिया।

धीना थाने में चारों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147/353/419/504/506 के तहत कार्रवाई की गयी है। पूरा प्रकरण कुछ इस प्रकार रहा। 16 जुलाई को एवती गांव में 12 लोगों को पट्टा देने की कार्रवाई चल रही थी। राजस्व विभाग के कर्मचारी व पुलिस बल की देखरेख में प्रक्रिया पूरी हुई। काम खत्‍म होने के बाद जब सरकारी कर्मचारी वापस निकलने की तैयारी में थे, इसी बीच सकलडीहा निवासी पत्रकार देवानंद यादव सहयोगी दीपक सिंह, धानापुर निवासी पत्रकार हेमंत यादव, सहयोगी संजय उपाध्याय व एक अन्य लोग के साथ मौके पर पहुंचे।

इन लोगों ने ग्रामीणों को पट्टा दिए जाने में हीलाहवाली का आरोप लगाते हुए विपक्षी मोहन राम व संतोष उर्फ़ सुनील के पक्ष में माप कराने की मांग करते हुए अधिकारियों व प्रधान संग दुर्व्यवहार करने लगे। दरअसल मोहन राम व संतोष अपने जमीन से सटी आराजी संख्या 240 की 3 एकड़ जमीन पर कई वर्षों से काबिज थे, जो उनकी नहीं थी। अन्य जमीन के अलावा उक्त भूमि को पट्टा दिए जाने से क्षुब्ध विपक्षी ने पत्रकारों को बुलवा कर उनसे भूमि वापस दिलाने को कहा था। सूत्रों की माने तो उक्त भूमि को वापस दिलाने के एवज में पत्रकारों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। आरोप लगे कि इसके लिए इनको धनराशि भी दी गई थी।

गौरतलब है कि देवानंद यादव जो गत आमचुनाव तक साधना न्यूज़ चैनल के लिए काम करते थे, लेकिन उस चैनल में अशोक केशरी ने जब अपनी दावेदारी ठोंकी तो देवानंद ने साधना को बाय बाय कह दिया और ब्रेकिंग न्यूज़ नामक वेब पोर्टल कम प्रतीक्षित न्यूज़ एजेंसी को खबरे देते थे। हेमंत यादव टीवी 24 की माइक आईडी संग स्टील कैमरा लेकर पत्रकारिता किया करते थे। बताते चले कि जिले में पत्रकार द्वारा वसूली की यह पहली घटना नहीं है। इसके पूर्व भी बबुरी में फर्जी पत्रकार बन कर वसूली कर रहा एक युवक व उसका सहयोगी दबोचा गया था, जो जिले के एक चर्चित पत्रकार का चचेरा भाई निकला। इस मामले में पत्रकारों के अनुयाय विनय पर फर्जी पत्रकार को पत्रकार की बजाय फर्जी मेडिकल आफिसर बता कर जेल भेजा गया था।

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Comments on “चंदौली में जमीन पर कब्जा दिलाने में दो पत्रकार गए जेल

  • कुशवाहा says:

    उत्तर प्रदेश …….
    में कही भी शिकायत करें कोई कीर्यावाही नही होने वाली ……
    हमने भी झांसी में कई शिकायत कई जगह की पर कोई कीर्यावाही नही हुई…. झांसी में रमेश वर्मा (दबंग भूमाफिया )दुारा जबरन हतोडी़ से ताला तोड़ने कि कोशिश करते हुऐ… मकान पर कब्जा करने की कोशिश……मकान मालिक दुारा झांसी पुलिस हेल्पलाईन नम्बर 100 व 94 54 403666 महो. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मो. 94 54 400282 , महो. पुलिस महानिरीक्षक, महो.जिलाधिकारी व कई जगह शिकायत व jansunwai.up.nic.in पोर्टल पर दर्ज पंजीकरण क्रमांक 4001661600008
    प्रार्थी का नव निर्मित मकान तह.व जिला झांसी मौजा पिछोर के आराजी न.829 में बना हुआ है | जिस पर मिन प्रार्थी का कब्जा है तथा प्रार्थी का ताला पड़ा हुआ है | उक्त मकान से रमेश वर्मा नि० आकाशवाणी कालॉनी झांसी को कोई वास्ता व सरोकार नही हैं | रमेश वर्मा जो दवंग प्रवति के है बिना किसी हक व अधिकार के प्रश्ननगत मकान को अपना बताते है दिनांक 23.1.2016 को रमेश वर्मा 8-10 दवंग एवं असलाधारी व्यक्तियों के साथ मौके पर आयें तथा प्रश्नगत मकान का ताला तोड़ने की कोशिश करने लगे जब मिन प्रार्थी ने मना किया तो अन्य व्यक्तियों में से 2-3 व्यक्तियों ने प्रार्थी के पुत्र अरविन्द को व प्रार्थी धक्का दे दिया तथा प्रार्थी के पुत्र अरविन्द को मारने लगे जब प्रार्थी का पुत्र अरविन्द जान बचकर भागा तथा अपने घर में छिप गया तो विपक्षी के साथ आये 4-5 व्यक्ति घर मे घुसकर अरविन्द के साथ मारपीट करने लगे तथा मॉ बहिन कि गालिया देते हुये कहने लगे कि अगर तुम लोग हमें रोको गें तो तुम लोगो को जान मरवा देगें और अब हम आज ही इस मकान पर कब्जा कर लेगें तुम्हें जो दिखाई दे सो करलो | इसके बाद विपक्षियों ने मिन प्रार्थी के घर का ताला तोड़कर घर के अन्दर घुसने कि कोशिश की तथा दिनांक 24.1.2016 को प्रशनगत मकान में निर्माण कार्य शुरू कर दिया तथा दवंग तथा बन्दूकधारी व्यक्ति लगातार वहॉ बैठे है

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