लखनऊ : “ऐसा महसूस हो रहा है जैसे पत्रकारिता परिवार ने अपना मुखिया खो दिया।”
यह भावुक शब्द कहे वरिष्ठ पत्रकार और बीबीसी साउथ एशिया के पूर्व संवाददाता, साथ ही उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष राम दत्त त्रिपाठी ने, जब वे वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विक्रम राव को श्रद्धांजलि दे रहे थे।
डॉ. राव के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब लाया गया था। वहाँ मौजूद पत्रकारों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने नम आँखों से उन्हें विदाई दी।
राम दत्त त्रिपाठी ने कहा, “डॉ. राव अपनी लाइब्रेरी और संदर्भ सामग्री को अत्यंत व्यवस्थित रखते थे, जिससे उनके लेख गहन शोध पर आधारित होते थे। उन्होंने पत्रकारिता और पत्रकारों के हक़ में कई ऐतिहासिक लड़ाइयाँ लड़ीं। वे संगठक, लेखक और मार्गदर्शक—तीनों भूमिकाओं में अद्वितीय थे।”
प्रेस क्लब से उनका शव अंतिम संस्कार के लिए भैंसाकुंड श्मशान घाट, लखनऊ ले जाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
बिहार के राज्यपाल श्री आरिफ़ मोहम्मद ख़ान भी भैंसाकुंड श्मशान घाट पहुँचे और डॉ. राव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। श्मसान घाट में बड़ी संख्या में पत्रकार पहुँचे।
उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में डॉ. राव की पत्नी डा. सुधा राव, वरिष्ठ पत्रकार राम दत्त त्रिपाठी समाजवादी पार्टी के महासचिव राजेन्द्र चौधरी, पूर्व एमएलसी मधुकर जेटली और ट्रेड यूनियन नेता उमाशंकर मिश्र शामिल थे।
प्रख्यात पत्रकार विक्रम राव का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ मंगलवार को लखनऊ के भैंसाकुंड श्मसान घाट पर कर दिया गया. इससे पहले उनका शव प्रेस क्लब ले जाया गया , जहॉं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी .
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मूल खबर…
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