Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

अखिलेश यादव और आजम खान के मीडिया विरोधी मंसूबे पर सुप्रीम कोर्ट ने फेरा पानी

आज 4 मार्च है. आज के दिन आजतक वाले पत्रकारों को यूपी विधानसभा के कठघरे में पेश होना था. अखिलेश यादव और आजम खान तुले हुए हैं कि आजतक चैनल को सबक सिखाया जाए. इसी बहाने वे सारे मीडिया संस्थानों को कड़ा संदेश देना चाहते थे. इसी बहाने वह चौथे खंभे को आतंकित करना चाहते थे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके मंसूबे पर पानी फेर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी और यूपी सरकार को फटकारा.

आज 4 मार्च है. आज के दिन आजतक वाले पत्रकारों को यूपी विधानसभा के कठघरे में पेश होना था. अखिलेश यादव और आजम खान तुले हुए हैं कि आजतक चैनल को सबक सिखाया जाए. इसी बहाने वे सारे मीडिया संस्थानों को कड़ा संदेश देना चाहते थे. इसी बहाने वह चौथे खंभे को आतंकित करना चाहते थे. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इनके मंसूबे पर पानी फेर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी और यूपी सरकार को फटकारा.

यूपी सरकार की तरफ से गौरव भाटिया और आजतक वालों की तरफ से सोली सोराबजी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए. कल और आज चली लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी. कोर्ट का कहना है कि स्टिंग न तो विधानसभा का हुआ, स्टिंग से जुड़ी कई तरह की जांचों में स्टिंग को फर्जी नहीं पाया गया, ऐसे में सदन की अवमानना का मामला बनता ही नहीं है. उधर, यूपी विधानसभा में चर्चा चल रही है कि सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई पर रोक लगाकर ठीक नहीं किया और यह सदन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप है. कुल मिलाकर पूरा मामला चूहा बिल्ली के खेल की तरह रोचक हो गया है.

ज्ञात हो कि मुजफ्फरनगर दंगे का आजतक वालों ने स्टिंग किया था. इस स्टिंग से सबसे ज्यादा नाराज आजम खान हुए थे क्योंकि स्टिंग में एक सिपाही ने कहा कि आजम खान के आदेश के कारण मुस्लिम दंगाइयों को थाने से छोड़ना पड़ा था. इसी बात को लेकर आजम खान ने आजतक के खिलाफ हल्ला बोल दिया. पत्रकारों के खिलाफ कई किस्म के एफआईआर कराए जो बाद में हाईकोर्ट की जांच में झूठे पाए गए व खारिज कर दिए गए. साथ ही विधानसभा की अवमानना का मामला बनाकर विधानसभा जांच समिति गठित करवा दी जिसमें अपने खास करीबियों को सदस्य बनवाया और रिपोर्ट मनमाफिक फाइल करा दी. आजम खां की हां में हां मिलाते हुए अखिलेश यादव भी आजतक वालों को विधानसभा के कठघरे में खड़े देखना चाहने लगे. लेकिन इनके सपने मुंगेरीलाल के हसीन सपने बनकर रह गए हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन