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सपा राज में 11वीं की छात्रा के मानवाधिकार का अखिलेश यादव के थानेदार ने यूं किया ‘सम्मान’

Yashwant Singh : यूपी का सपाइयों वाली सरकार ने बेहद बुरा हाल कर रखा है… पुलिस वाले हद से ज्यादा बदमिजाज और बदतमीज हुए पड़े हैं. इन खाकी वर्दी वालों को न कोई डर है न लाज न शरम न चिंता… एक थानेदार पुलिस बल लेकर एक घर में घुसता है और वहां मौजूद 11वीं की छात्रा को ताबड़तोड़ पीटने लगता है. यह सब कुछ थानेदार की अगुवाई में हो रहा था. वो तो धन्य हो किसी पत्रकार साथी का जिसने वहां चुपके से वीडियो बना लिया.

Yashwant Singh : यूपी का सपाइयों वाली सरकार ने बेहद बुरा हाल कर रखा है… पुलिस वाले हद से ज्यादा बदमिजाज और बदतमीज हुए पड़े हैं. इन खाकी वर्दी वालों को न कोई डर है न लाज न शरम न चिंता… एक थानेदार पुलिस बल लेकर एक घर में घुसता है और वहां मौजूद 11वीं की छात्रा को ताबड़तोड़ पीटने लगता है. यह सब कुछ थानेदार की अगुवाई में हो रहा था. वो तो धन्य हो किसी पत्रकार साथी का जिसने वहां चुपके से वीडियो बना लिया.

संभव है छात्रा के बाप या चाचा या दोनों ही अवैध शराब बनाने या बेचने का धंधा करते हों, लेकिन उसका पाप उसकी बेटी क्यों झेले. वह भी बिना जांच पड़ताल किसी को पीटने का हक पुलिस को किसने दिया है. थानेदार ने आते ही बस तमाचे मारना शुरू कर दिया. गिड़गिड़ाती इस लड़की को देखकर मन अजीब हो जाता है. महिला सम्मान महिला उत्थान महिला हेल्पलाइन जैसे ढेर सारे नारे कार्यक्रम यूपी में सरकार के नेता अफसर लोग लगाते दिखाते बताते हैं लेकिन ग्राउंड लेवल पर कितना सम्मान हो रहा है महिलाओं का, इस वीडियो को देखकर समझ आ जाता है.

ठीक है, आपको पीटने का जोर-जोर से मन हो रहा था तो किसी महिला सिपाही को बोल देते. वो दो चार तमाचे लगा देती. पर आप तो ठहरे सपा के जंगलराज के राबिनहुड. बिना मौके पर जंगलन्याय किए मानेंगे थोड़े ही. इसी कारण थानेदार महोदय खुद ही छात्रा को पीटने लग जाते हैं. पहले तो आपको पीटने का राइट किसी ने दिया नहीं, कानून ने भी नहीं. दूसरे अगर लड़की ने कोई अपराध किया प्रतीत होता है तो उसे आप कानून के मुताबिक लिखा पढ़ी कर पूछताछ करते, गिरफ्तार करते, फैसला करने के लिए कोर्ट पर छोड़ते.

पर यह क्या कि आते ही जंगल न्याय शुरू… तड़ाक तड़ाक गालों पर मारना शुरू… यह हाल लखनऊ पुलिस का है. वह भी एक थानेदार का, जिसे सोच समझ वाला और संवेदनशील होना चाहिए. सोचिए यूपी के दूरदराज के जिलों में दरोगाजी लोगों का क्या हाल होगा. तभी तो कभी ये दरोगा थानेदार कोतवाल किसी पत्रकार को जला डालते हैं तो कभी पत्रकार की मां से रेप करने की कोशिश के बाद आग लगा फूंक डालते हैं…

इन्हीं हरकतों के कारण अखिलेश एंड यादव कंपनी का सूपड़ा विधानसभा चुनावों में साफ होना तय है लेकिन अनाचार अब भी न रोक पाने के कारण यूपी सरकार के प्रति घृणा का भाव जनमानस में तीव्र से तीव्रतम होता जा रहा है, जो समाजवादी पार्टी के लिए बेहद खतरनाक बात है. चुनावी नैया पार करने के वास्ते सिर्फ यादवों को खुश रखने और मुसलमानों को रिझाए रखने के लिए इन्हें भांति भांति से ओबलाइज करने से काम नहीं चलने वाला नेताजी.

हालात निचले स्तर पर बद से बदतर हैं. भयंकरतम गोलबंदी सपा के खिलाफ अगले विस चुनाव में संभव है, ये मैं यूपी में कुछ दिन घूम बतियाकर लौटने के बाद कह रहा हूं. वैसे, ये सच है- विनाश काले विपरीत बुद्धि. इस छात्रा के साथ जो हरकत लखनऊ पुलिस ने की है, उसको लेकर खुद अखिलेश यादव को माफी मांगने सामने आना चाहिए. एक सभ्य लोकतांत्रिक देश में एक छात्रा के मानवाधिकार के साथ ऐसा सुलूक… कहां मर गए मानवाधिकार आयोग और कहां फुंक गए समाजवाद के सिद्धांत… शेम शेम अखिलेश यादव… शेम शेम यूपी पुलिस… अखिलेश यादव, शर्म बची हो तो खुद सामने आकर इस कुकृत्य के लिए माफी मांगिए… 

पढ़ें संबंधित खबर और देखें वीडियो, इस लिंक पर क्लिक करें : http://goo.gl/pLZv2c

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से. संपर्क: [email protected]


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1 Comment

1 Comment

  1. abc

    August 13, 2015 at 7:20 am

    ये तो जनता को वोट देने से पहले सोचना चाहिए था कि जब भी सपा कि सरकार आई है इसी तरह से गुंडागर्दी हुई है

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