दंगों के दाग और अपराधों की आग से कैसे बचेंगे अखिलेश यादव

अलीगढ़ में हुई महिलाओं से मारपीट और लूटपाट की दो घटनाओं ने बुलंदशहर कांड की याद फिर ताजा कर दी है। उत्त्तर प्रदेश में दंगों के सवाल पर सपा सरकार को विपक्षी दल पहले से ही घेरते आ रहे हैं। तो ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चुनाव के समय अब अखिलेश यादव दंगों के दाग और अपराधों की आग से खुद और पार्टी को कैसे बचाएंगे ?

धीरज सिंह

घटनाएं होती हैं और कुछ समय बाद लोग उन्हें भूल जाते हैं मगर चुनाव आते ही राजनैतिक दल एक- दूसरे का लेखा-जोखा कुरेद कर फिर बाहर निकाल देते है। लोग जिन बातों को भूल चुके थे, चुनाव के ऐन पहले फिर से सुर्खियां बनने लगती हैं। प्रदेश में हुए दंगे और आपराधिक वारदात, कुछ ऐसे ही मुद्दे हैं जो समाजवादी पार्टी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पीछा नहीं छोड़ेंगे। मार्च 2012 में उत्तर प्रदेश का चुनाव परिणाम आने के बाद जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपने युवा पुत्र अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया तो जनता प्रदेश के विकास का सपना देख रही थी। लैपटॉप मिलने की आशा में प्रदेश के युवाओं में भारी उत्साह था।

उ.प्र. सपा के किले में दरार : टीपू से टीपू सुल्तान बनने के अखिलेश के मंसूबों पर फिर गया पानी

अलग-अलग चाहर दिवारियों से समय-समय पर झर-झर के बाहर आये बयान जिन्हें पाठकों की सुविधा के लिए, सिलसिलेवार नीचे परोसा गया हैं, तो यही संकेत दे रहे हैं कि “टीपू“ से “टीपू सुलतान“ बनने के अखिलेश (घर परिवार में टीपू) के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर गया है।

अखिलेश यादव की कहानी से याद आये राजीव गांधी!

अनेहस शाश्वत
23 जून, 1980 की सुबह रेडियो पर एक समाचार आया और सन्नाटा छा गया। समाचार यह था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के छोटे पुत्र और उनके सम्भावित उत्तराधिकारी कांग्रेस नेता संजय गांधी का दुर्घटना में निधन हो गया। इस दारुण दुख के आघात से उबरी इन्दिरा गांधी ने सिर्फ इतना कहा कि-‘‘मेरे साथ इससे ज्यादा बुरा और क्या हो सकता है।’’ लेकिन किन्हीं भी परिस्थितियों में न डिगने वाली भारतीय मानसिकता की इन्दिरा गांधी ने तत्काल अपने बड़े पुत्र राजीव गांधी को अपना उत्तराधिकारी चुनकर प्रषिक्षण देना शुरू किया। अभी यह प्रशिक्षण चल ही रहा था कि दूसरी दुर्घटना घटी और 31 अक्टूबर, 1984 को इन्दिरा गांधी की हत्या कर दी गयी। चूंकि सारी गोटें इन्दिरा गांधी बिछा चुकी थीं और उनके सिपहसालार भी जांनते थे कि उनका भविष्य वंशवादी शासन में ही सुरक्षित है। इसलिए तत्काल राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिला दी गयी।

यूपी में जंगलराज : जेल के चिकित्साधिकारी को क्यों है मौत का अंदेशा, पढ़िए पूरा पत्र

सेवा में
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
महानिदेशालय स्वास्थ्य भवन लखनऊ उ.प्र.
विषय – हत्या से पूर्व का बयान
महोदय

सविनय निवेदन है कि मैं जिला कारागार फिरोजाबाद में चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हूँ। मैं डायबिटीज का मरीज़ हूँ और सुबह-शाम इन्सुलिन लेता हूँ। जनवरी 2016 में जब मैं नवीन प्रा. स्वास्थ्य केंद्र इटौली पर तैनात था, तब मुझे पैनिक एंग्जायटी की समस्या हो गई थी। ढाई महीने तक नियमित दवा लेने और 21 फरवरी से 22 मार्च तक स्वास्थ्य लाभ हेतु अर्जित अवकाश लेने के बाद में पूरी तरह ठीक हो गया।

जंगलराज और घरेलू झगड़े के आरोपी अखिलेश यादव मीडिया पर निकाल रहे भड़ास

यूपी में अजब गजब राज चल रहा है. सीएम किसी बच्चे की तरह अपनी हर हार का ठीकरा मीडिया पर फोड़ रहा है. प्रदेश में जंगलराज चरम पर है. सरकारी आफिसों में घूसखोरी और भ्रष्टाचार, सपा नेताओं व मंत्रियों की नंगई, सत्ताधारियों के परिजनों की गुंडई, समाजवादी पार्टी के कुनबे में आंतरिक विवाद, महिलाओं का उत्पीड़न और बलात्कार, बाढ़ से परेशान लाखों किसान, पुलिस प्रशासन द्वारा आम जनता की सुनवाई से इनकार… यूपी के बारे में जितना लिखा जाए कम है. लेकिन नौजवान सीएम अखिलेश यादव लंबे चौड़े कई कई पन्ने और कई कई मिनट के विज्ञापन अखबारों-चैनलों में देकर खुद की बढ़िया इमेज गढ़ने-काढ़ने में लगे हैं लेकिन कोई मामला जब उनके सिर के उपर सवार हो जाता है तो वह सारा ठीकरा मीडिया के सिर मढ़ देते हैं…

लखनऊ में सपाई साइकिलों की खटर पटर और ताज होटल में टिप टिप बरसा पानी…

Yashwant Singh : अखिलेश यादव अदूरदर्शी और बकलोल नेता हैं. उन्हें जमीनी हालत की समझ ही नहीं है. पूर्वांचल में कौमी एकता दल के पास ठीकठाक जनाधार है. मुसहर, जुलाहा टाइप हिंदू मुस्लिम्स की बेहद पिछड़ी या यूं कहिए अति दलित जातियों का माई बाप कौमी एकता दल ही है. सपा में इस पार्टी के विलय से सपा को जबरदस्त फायदा होता. लेकिन मीडिया और दूसरी पार्टियों के नेताओं के ‘अपराधीकरण अपराधीकरण’ के हो हल्ले के जाल झांसे में फंसकर अखिलेश न सिर्फ इस विलय को रद करा बैठे बल्कि जमीनी स्तर पर सपा संगठन को मजबूती देने वाले शिवपाल को भी नाराज कर दिया.

सपा नेताओं के स्त्री विरोधी चेहरे को दिखाने वाला यह पोस्टर सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों समाजवादी पार्टी की थू थू हो रही है. सपा के स्त्री विरोधी चेहरे के बखूबी उजागर हो जाने के बाद हर पढ़ा लिखा नागरिक इस पार्टी की भरपूर निंदा कर रहा है. बुलंदशहर गैंगरेप प्रकरण पर आजम खान के बेवकूफी भरे बयान के बाद हर आम ओ खास यह कहने पर मजबूर है कि आखिर सपा के नेताओं को हो क्या गया है, क्या उनके घर में बेटी मां नहीं हैं? सपा की सोच को उजागर करता एक पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

यूपी में जंगलराज : बुलन्दशहर से जुड़े सवालों के जवाब चाहिए

उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में नेशनल हाइवे पर गैंगरेप का बेहद ही शर्मनाक मामला सामने आया है। कार में सवार परिवार को बंधक बनाकर वहशी दरिंदो ने मां और बेटी को हवश का शिकार बनाया है। सामूहिक दुष्कर्म की यह खौफनाक घटना कानून के शासन को कलंकित करने और सभ्य समाज को लज्जित करने वाली हैं। रूह को कंपा देने वाली इस घटना ने एक बार फिर नारी अस्मिता को कुचला है। एक बार फिर नारी की इज्जत को तार-तार किया गया। उस डरावनी एवं खौफनाक रात्रि की कल्पना ही सिहरन पैदा करती है कि परिवार के सदस्यों के सामने किस तरह एक मां-बेटी को अगवा किया और फिर बंधक बनाकर गैंगरेप किया गया।

यूपी में जंगलराज : अखिलेश यादव के राज में अपराधियों का मनोबल चरम पर

यूपी के बुलंदशहर में दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंधक बनाकर मां-बेटी से गैंगरेप और लूटपाट कोई पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी एक-दो नहीं हजार से भी अधिक ऐसे मामले है, जिसमें गैंगरेप, लूट, हत्या, डकैती, बच्चियों संग बलातकार जैसी वारदाते हुई है। इन घटनाओं में संलिप्त अपराधियों को धर दबोचने के बजाय सपाई गुंडों संग मिलकर पैसा बनाने में जुटे पुलिसकर्मी कार्रवाई के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति ही की है। चार-छह घटनाओं को छोड़ दें तो हरेक घटनाओं में निर्दोषों की गिरफ्तारी दिखाकर पुलिस न सिर्फ वाहवाही लूटी बल्कि अवैध वसूली का कुछ हिस्सा सत्ताई कुनबे को पहुंचाकर न मलाईदार थानों में तैनाती के साथ तरक्की का तगमा भी हासिल कर ली या करने वाले है।

यूपी में मंत्री ने अफसर को दी मां-बहन की गालियां (सुनें टेप)

यूपी में समाजवार्दी पार्टी की सरकार के मंत्री बेलगाम हैं और पूरा जंगलराज कायम कर रखा है. अखिलेश यादव अपनी इमेज के सहारे इलेक्शन जीतने की तैयारी में लगे हैं लेकिन उनके मंत्री उनकी लुटिया डुबाने के लिए कमर कसे हैं. तभी तो आए दिन मंत्रियों के कारनामों की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है. ताजा मामला सपा सरकार के एक राज्यमंत्री की दबंगई का है.

यूपी में जंगलराज : पत्रकार को कालर पकड़ बाहर निकाला और बोला- ‘जहां चाहे शिकायत कर लो, कुछ न होगा’

यूपी में वास्तव में जंगल राज है। इलाहाबाद में एक पत्रकार को गरियाते धकियाते कालर पकड़कर गैस एजेंसी से बाहर कर दिया गया। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि जहां चाहो शिकायत कर दो कुछ नहीं होने वाला। भुक्तभोगी पत्रकार ने थाने जाकर घटना की तहरीर दी पर पांच दिन बाद भी मुकदमा दर्ज करने को कौन कहे, पुलिस प्राथमिकी तक दर्ज नहीं कर सकी है। मामला इलाहाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र का है। ‘पत्रकारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं’ का जोर जोर से गाना गाने वाले ‘क्रांतिकारी पत्रकार’ हों या इलाहाबाद के पत्रकारीय संगठन इस मामले में बगल झांकने और आश्चर्यजनक हद तक चुप्पी साधे हुए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो गई यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन की क्रूर कथा

मुख्‍य सचिव आलोक रंजन को हार चाहिए, न मिले तो नकद तीस लाख रुपया दो… चोरी के आरोप में दो महीनों तक अवैध हिरासत में रखा अपने दो घरेलू नौकरों को… इसी सारे मामले से जुड़ी है लखनऊ के एसएसपी के तबादले की इंटरनल स्टोरी….

यूपी में जंगलराज : लाख रुपये न देने पर पुलिस वालों ने पीटकर मार डाला और लाश हवालात में टांग दिया

यूपी की संभल पुलिस का बर्बर चेहरा… युवक की हवालात में मौत… परिजनों ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप… हवालात के शौचालय में फाँसी पर झूलता मिला युवक का शव… पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मियो को किया निलंबित… मजिस्ट्रेटी जाँच के दिए आदेश… परिजनों ने काटा हंगामा…. भारी पुलिस बल मौके पर तैनात… कई थानों की पुलिस को बुलाया गया…  

यूपी के जंगलराज से भयमुक्त होने के लिए वरिष्ठ पत्रकार ने अपनाया था यह नायाब तरीका

Shambhunath Shukla : तीव्र शहरीकरण किसी इलाके को हुआ है तो वह शायद एनसीआर का इलाका ही होगा। देखते ही देखते दिल्ली के करीब बसे नोएडा व गाजियाबाद में इस तेजी से बहुमंजिली इमारतें खड़ी हुई हैं कि यह पूरा इलाका कंक्रीट के जंगल में ही बदल गया है। इसमें भी गाजियाबाद जिले का इंद्रा पुरम इलाका तो अव्वल है। अभी ज्यादा दिन नहीं बीते जब यहां से गुजरने मेें दिन को भी डर लगता था। मैने यहां पर अपना 200 मीटर का एक भूखंड इसलिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को वापस कर दिया था क्योंकि 1993 में उन्होंने इस भूखंड के लिए 264000 रुपये मांगे थे जो कि मेरे लिए बहुत ज्यादा रकम थी और मैने वह आवंटित भूखंड सरेंडर कर दिया।

यूपी के खराब सूचना आयुक्तों के नाम का खुलासा : मुलायम के समधी अरविन्द बिष्ट टॉप पर, जावेद उस्मानी नंबर दो

लखनऊ : येश्वर्याज सेवा संस्थान की सचिव और सामाजिक कार्यकत्री उर्वशी शर्मा, आरटीआई कार्यकर्ता तनवीर अहमद सिद्दीकी, आरटीआई विधिक सलाहकार और उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ता रुवैद कमाल किदवई और आरटीआई एक्सपर्ट आर.एस. यादव ने आज लखनऊ में एक प्रेस वार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए सबसे खराब सूचना आयुक्त पता लगाने के वास्ते किए जा रहे सर्वे के परिणाम सार्वजनिक किये. सर्वे के आधार पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के समधी सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह बिष्ट को सूबे का सबसे खराब सूचना आयुक्त बताया गया है तो वहीं जन सूचना अधिकारियों द्वारा आरटीआई आवेदनों के निस्तारण में की जा रही हीलाहवाली आरटीआई एक्ट के क्रियान्वयन की सबसे बड़ी बाधा के रूप में सामने आयी है.

यूपी में जंगलराज : गरीबी, कर्ज और भूख से त्रस्त किसान झिनकू पेड़ से लटक मरा

(उपरोक्त तस्वीर पर क्लिक कर संबंधित वीडियो देखें)


-रामजी मिश्र ‘मित्र’-

सीतापुर : कैसे कोई गरीब किसान झिनकू पेड़ पर लटक कर मर जाने में ही मुक्ति देख पाता है, इसे जानना हो तो आपको उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में आना पड़ेगा। यहां झिनकू की मौत अफसरों, नेताओं, सिस्टम से ढेर सारे सवालों का जवाब मांग रही है लेकिन सब भ्रष्टाचारी चुप्पी साधे मामले को दबाने में लगे हैं। किसान अन्नदाता होता है। झिनकू भी अन्नदाता था। लेकिन गरीबी, कर्ज और भूख ने उसे ऐसे बेबस किया कि पूरा सिस्टम उसे आत्महत्या की ओर ले जाने लगा।

समाजवादी राज का सच : मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट नवीन सचिवालय भवन में उडाई जा रही है श्रम कानूनों की धज्जियां

निर्माण मजदूरों की जिदंगी लगी है दांव पर निर्माण मजदूर मोर्चा की जांच टीम की रिपोर्ट

लखनऊ :  ‘अरे साहब आप डाक्टर की बात करते है यहां तो हालत यह है कि यदि कोई मजदूर मर जाए तो लाश का भी पता न चले ठेकेदार उसे अपना मजदूर मानने से ही इंकार कर दे‘ यह बातें शटरिंग का काम करने वाले बाराबंकी के एक निर्माण मजदूर ने आज उ0 प्र0 निर्माण मजदूर मोर्चा की जांच टीम से कहीं। जांच टीम उ0 प्र0 के मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट और विधानसभा के ठीक सामने बन रहे नवीन सचिवालय भवन में निर्माण मजदूरों की कार्यस्थितियों की जांच करने के लिए वहां गयी थी। इस टीम में यू0 पी0 वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष दिनकर कपूर, निर्माण मजदूर मोर्चा के जिलाध्यक्ष बाबूराम कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष राम सुदंर निषाद और केश चंद मिश्रा शामिल थे। जांच टीम ने देखा कि उ0 प्र0 निर्माण निगम द्वारा बनवाए जा रहे नवीन सचिवालय में भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम 1996, उ0 प्र0 भवन एवं सन्निर्माण (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) नियम 2009 के प्रावधानों की खुलेआम धज्जियां उडाई जा रही है।

जानिए, मोदी का मूड बिगड़ा तो किस तरह चौटाला के बगल वाली बैरक में पहुंच जाएंगे मुलायम!

ये ‘सीबीआई प्रमाड़ित ईमानदार’ क्या होता है नेताजी? सौदेबाज मुलायम का कुनबा 26 अक्टूबर 2007 से वाण्टेड है, क़ानूनी रूप में सीबीआई की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद 40 दिनों में एफआईआर हो जानी चाहिए थी. चूँकि सीबीआई सत्ता चलाने का टूल बन चुकी है, सो सीबीआई कोर्ट पहुँच गई एफआईआर की परमीशन मांगने। उस वक्त …

यूपी में जंगलराज : तंजील की हत्या बिगड़ी कानून व्यवस्था एक और नमूना

…2007 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को इसलिये हार का सामना करना पड़ा था, क्योंकि तब प्रदेश में जंगलराज जैसे हालात थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया था, यही समस्या अखिलेश सरकार के साथ है…

अजय कुमार, लखनऊ

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डीएसपी मोहम्मद तंजील अहमद की जिस तरह से एक शादी समारोह से लौटते समय मौत के घाट उतारा गया वह शर्मनाक तो है ही इस तरह की वारदातें कई गंभीर सवाल खड़े करती है। खासकर तब तो और भी आश्चर्य होता है जब ऐसे हादसों के समय सियासतदार चुप्पी साध लेते हैं कथित धर्मनिरपेक्ष शक्तियां की जुबान पर ताला लग जाता है। उम्मीद तो यही की जा रही थी शहीद डीएसपी तंजील की मौत के बाद फिजाओं में तुम कितने तंजील मारोगे, घर-धर से तंजील निकलेगा’ का नारा गूंजेगा। यह तंजील को सच्ची श्रद्धांजलि होती, लेकिन नारा लगाना तो दूर चंद लोगों के अलावा तंजील के घर जाकर उनके परिवार के आंसू तक पोछना किसी ने जरूरी नहीं समझा। तंजील की हत्या आतंकवादी साजिश थी या फिर कोई और वजह, इसका खुलासा देर-सबेर हो ही जायेगा। 

यूपी में हेल्पलाइन नहीं, हेल्पलाइफ चाहिए, माफिया को असहमति के स्वर अब बर्दाश्त नहीं

सच बोलता पत्रकार असहिष्णुता का सबसे बड़ा शिकार

वाराणसी। देश में सहिष्णुता और असहिष्णुता को लेकर खूब घमासान मचा। इस मुद्दे को लेकर फिल्मी हस्तियों सहित धर्माचार्यों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी। स्थिति यह हुई कि संसद में भी जमकर हंगामा हुआ। अभिनेता आमिर खान ने तो यहां तक कह डाला कि उनकी पत्नी को देश में डर लगता है। उनके बयान के बाद मानो भूचाल आ गया। हर खास-ओ-आम खुद को असहिष्णुता का शिकार बताने लगा। कुछ समय के लिए लगा पूरा देश ही  असहिष्णुता की आग में झुलस गया हो। लेकिन समय के साथ यह शब्द धीरे-धीरे ठंडा होने लगा। सच कहे तो इस देश में असहिष्णुता का सबसे बड़ा शिकार वह पत्रकार है जो बेबाक बोलता है, सही-गलत को अपने विवेक की तराजू में तौलता है।

यूपी में जंगलराज : अमेठी में यौन उत्पीड़न की शिकार महिला के परिजनों को मिल रही धमकियां

लखनऊ : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी स्थित मुंशीगंज थाने में 30 जनवरी को यौन हमले की कोशिश का एक मुकदमा धारा 354, 7, 8 के तहत दर्ज कराया गया है। पीड़ित पक्ष शाहगढ़ ब्लॉक स्थित एक गाँव का है। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनके नाम हैं नीरज व हरीश, मौजी का पुरवा और मुंशीगंज स्थित कटरा निवासी मनीश। बिल्कुल शरू में ही आरोपियों से संबंध रखने वाले दबंगों ने पूरी कोशिश की कि मामला थाने में ही दर्ज न होने पाये और इसके लिए थानेदार को बाकायदा विश्वास में लिया गया। इसी कड़ी में पीड़िता के घर जाकर दंबंगों ने शपथ-पत्र व दूसरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए और परिजनों को अपमानित किया।

यूपी में पत्रकारों के लिए हेल्पलाइन अखिलेश सरकार का एक बड़ा छलावा

सुप्रभात यशवंत जी

आपसे टेलीफ़ोन पर हुई वार्ता के सन्दर्भ में पूरी बात लिखकर यहां बताना चाहूंगा आपको कि उत्तर प्रदेश द्वारा शुरू की गयी हेल्पलाइन यदि केवल राजपत्रित (accredit) पत्रकारों के लिए है तो इसका कोई मतलब नहीं है। जागरण, अमर उजाला जैसे बड़े संस्थानों में भी 5% से कम ही राजपत्रित पत्रकार है। बाकी 95% पत्रकार और गैर पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारियों का क्या मीडिया में कोई योगदान नहीं है? राजपत्रित पत्रकारों पर तो मीडिया मालिक और प्रशासन वैसे ही मेहरबान रहता है, उन्हें तो सामान्यता शिकायत की नौबत आती ही नहीं है।

पत्रकार जगेंद्र केस में आरोपी पुलिसकर्मी बरेली क्राइम ब्रांच पर कोर्ट में बयान का बना रहे हैं दबाव

बरेली : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह मर्डर केस में आरोपी पुलिसकर्मी बरेली क्राइम ब्रांच पर जबरन दो गवाहों के कोर्ट में बयान कराने का दबाव बना रहे हैं। इन गवाहों के बयान के जरिए वह खुद को केस से बचाना चाहते हैं, लेकिन बरेली के पुलिस अधिकारियों ने आईओ को बिना किसी दवाब के सही जांच करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

वीमन हेल्पलाइन के बड़े दरोगा नवनीत सिकेरा को पत्रकार कुमार सौवीर ने दिखाया आइना

Kumar Sauvir : 1090 यानी वीमन हेल्प लाइन के बड़े दरोगा हैं नवनीत सिकेरा। अपराध और शोहदागिरी की राजधानी बनते जा रहे लखनऊ में परसो अपना जीवन फांसी के फंदे पर लटका चुकी बलरामपुर की बीडीएस छात्रा की मौत पर सिकेरा ने एक प्रेस-विज्ञप्ति अपनी वाल पर चस्पा किया है। सिकेरा ने निरमा से धुले अपने शब्द उड़ेलते हुए उस हादसे से अपना पल्लू झाड़ने की पूरी कवायद की है। लेकिन ऐसा करते हुए सिकेरा ने भले ही खुद को पाक-साफ़ करार दे दिया हो, लेकिन इस पूरे दर्दनाक हादसे की कालिख को प्रदेश सरकार और पूरे पुलिस विभाग के चेहरे पर पोत दिया है।

यूपी में ‘समाजवादी’ जंगलराज : लखनऊ में छेड़खानी से परेशान एक मेडिकल छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी

बधाई हो सरकार में बैठे समाजवादियों और तुम्हारे कारकूनों! तुम्हारे अटूट प्रयास आज फलीभूत हुए और नतीजा यह हुआ कि बीती रात एक मेडिकल छात्रा ने राजधानी के गुडम्बा कालोनी में अपने कमरे में पंखे से लटक  कर खुद को मौत हवाले कर दिया। बधाई हो। ताज़ा खबर है कि लखनऊ के एक डेंटल मेडिकल छात्रा ने छेड़खानी से त्रस्त होकर फांसी लगा ली। पिछले कई महीने से मोहल्ले से लेकर कॉलेज आसपास शोहदों ने उसका जीना हराम कर रखा था। मानसिक तनाव इतना बढ़ने लगा कि उसे खुद की जिंदगी ही अभिशाप लगाने लगी। उसे लगा कि उसका स्त्री-देह ही उसका सबसे बड़ा दुश्मन है। बस फिर क्या था। इस बच्ची ने उस कलंक-अभिशाप को ही हमेशा-हमेशा के लिए धो डाला।

यूपी सरकार ने मीडिया वालों के लिए जारी किया टोल फ्री नंबर, इस पर करें मजीठिया वेज बोर्ड न मिलने की शिकायत

यूपी में अखिलेश सरकार ने मीडिया वालों को टोल फ्री हेल्पालइन का लालीपाप फेंका है. यह हेल्पलाइन कितना कारगर है, इसका टेस्ट सिर्फ एक प्वाइंट पर मीडिया वाले कर सकते हैं. जिन जिन को मजीठिया वेज बोर्ड न मिला हो वे इस टोल फ्री नंबर पर कंप्लेन करें. देखें कि क्या अखिलेश यादव मीडिया मालिकों को मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से नया पुराना सेलरी एरियर हिसाब दिला पाते हैं. पक्का मानिए, अखिलेश सरकार मीडिया को लेकर सिर्फ दिखावा कर रही है. अगर वह सीरियस है तो टोल फ्री नंबर देने से पहले प्रिंट मीडिया वालों को मजीठिया वेज बोर्ड लागू कराने का तोहफा दे चुकी होती. पर अराजक और जंगल राज चलाने वाली यूपी की समाजवादी सरकार इन दिनों नौकरशाहों के दिखावे वाले तामझाम में इतना मशगूल है कि वह बुनियादी काम भूल-छोड़ चुकी है.

ये यूपी है जनाब : 19 महीने बाद दर्ज हो सका पत्रकार उमेश शुक्ला के लापता होने का मुकदमा

(लापता पत्रकार उमेश शुक्ल)

वाराणसी । वाराणसी पुलिस विगत 19 महीनों से लापता एक पत्रकार को खोजना तो दूर, उनका सुराग तक नहीं लगा पाई। लापता पत्रकार की खोज के लिए लगातार बड़ा भाई दिनेश कार्यालयों और अधिकारियों के दरवाजे भटकता रहा लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना। दिनेश मुख्यमंत्री सहित गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखते रहे लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। कुछ दिनों तक पत्रकार संगठनों ने दिलचस्पी दिखाई लेकिन अखबरों में संगठन का नाम छपने के बाद वह भी बैकफुट पर आ गए। लेकिन दिनेश ने हार नहीं माना और न्याय के लिए लड़ते रहे। दिनेश ने पुनः एसएसपी आकाश कुलहरि से गुहार लगाई। एसएसपी से आदेश मिलने के बाद सिगरा थाने ने आईपीसी की धारा 363 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। 

यूपी में जंगलराज : सूचना दिलाने के बजाय आयुक्त बिष्ट ने वादी को बेइज्जत कर नज़रबंद कराया

: राज्य सूचना आयोग के अफसरों की मनमर्जी बेलगाम, कार्यकर्ताओं में क्षोभ : लखनऊ : सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी छवि चमकाने और पार्टी की जड़ों को जमाने की लाख कोशिश कर लें, उनके अनेक बड़े सूबेदार सारा मटियामेट करने में जुटे हैं। ताजा मामला है राज्य के चर्चित सूचना आयुक्त अरविन्द सिंह विष्ट का, जिन्होंने आज दोपहर एक सूचना कार्यकर्ता के साथ भरे दफ्तर गालियां दीं और अपने सुरक्षाकर्मियों को बुला कर उन्हें एक कमरे में बंद करा दिया। ताज़ा खबर मिलने तक तनवीर बिष्ट के कमरे में गैरकानूनी ढंग से नज़रबंद हैं और उन्हें किसी से भी मिलने से पाबंदी लगा दी गई है।

बलिया में सिपाही ने की अवैध वसूली की शिकायत तो एसपी ने किया सस्पेंड, आहत सिपाही ने दिया इस्तीफा (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के नरही थाने के पिकेट पर हो रही अवैध वसूली की शिकायत करना एक सिपाही को महंगा पड़ गया. एसपी ने शिकायत करने वाले सिपाही को ही सस्पेंड कर दिया. इससे आहत निलम्बित सिपाही ने पुलिस हेड क्वार्टर इलाहाबाद को अपना त्याग पत्र भेज दिया है. उसने जान-माल की सुरक्षा की गुहार भी की है.

आज़म खान, रामपुर की पुलिस और दोगला चरित्र

Kanwal Bharti : कल रामपुर पुलिस ने फेसबुक पर आज़म खान के खिलाफ लिखने वाले किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। खबर है कि उसने आज़म और उसके परिवार पर कोई टिप्पणी की थी। किन्तु रामपुर पुलिस दोगली चरित्र की है।

यूपी के देवरिया में एसओ ने पत्रकार के सिर पर रिवाल्वर की बट से मारा

खाकी की गुंडई का शिकार बना पत्रकार

उत्तर प्रदेश पुलिस की खुलेआम गुंडई एक बार फिर सामने आयी है. देवरिया जिले के खुखुन्दु थाने के एसओ अंशुमान यदुवन्शी ने एक पत्रकार पर कातिलाना हमला करते हुए उसे फर्जी मुकदमें में फसांने की धमकी दे डाली. इतना ही नहीं शिकायत करने गये लोगों पर जमकर लाठिया भी बरसाई. खुखुन्दु थाना क्षेत्र के पडरी गांव मे वारावफात का जुलूस निकलना था जो पत्रकार अरविन्द पाण्डेय के घर के सामने से होकर जाना था.

शोहदों के कहर के बाद पुलिसिया खौफ का शिकार हुआ पत्रकार

बदायूं : महिलाओ पर अश्लील फब्तियाँ कसने का विरोध करना दैनिक जागरण के स्थानीय पत्रकार को खासा महंगा पड़ा. टोकाटाकी से खिसियाये शोहदों ने पत्रकार के घर धावा बोल दिया. शोहदों ने फिल्मी अंदाज में फायरिंग करते हुए घर मे घुस कर पेशेवर गुंडों की तरह हाकियों से पत्रकार को पीटने लगे. बीच बचाव करने वाले भी जम कर पिटे. खाकी के खौफ से बेखबर शोहदे अपनी हसरत पूरी करने के बाद वापस हुए.

यूपी पुलिस रातों रात इतनी बहादुर हो गई कि उसको पत्रकारों को दौड़ा दौड़ा कर पीटना भी आ गया! …आखिर क्यों!!

उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा में कई पत्रकारों को जमकर लाठियों से पीटा और उनको घायल कर दिया। बताया जाता है कि उनके कैमरे तक तोड़ दिय गये। पत्रकार असली थे या नक़ली..? दलाल थे या ईमानदार..? कवरेज कर रहे थे या ब्लैकमेल…? हो सकता है कुछ लोगों के मन में इस दखद समय में इसी तरह के विचार आ रहे हों! हो सकता है कि कुछ प्रेस क्लबों में शराब के नशे मे धुत कुछ कथित क़लम के सिपाही सरकार को गिराने से लेकर एक एक को देख लेने का प्लान भी बना भी चुके हों!

आईजी साहब, आपको बधाई… आपने आगरा के पत्रकारों को लंगड़ाकर चलना सिखा दिया…

Kumar Sauvir : जय हिन्द आईजी साहब! कैसे हो मेरे माई-बाप हजूर सरकार? पहले तो आपको बधाई कि आपने आगरा के पत्रकारों को लंगड़ाकर चलना सिखा दिया। पत्रकारों के बदन पर वो लाठियां भांजी है आपने, कि पूछिए मत। देखने वाले दंग थे कि…. छोड़िये यह सब।

यूपी में जंगलराज : आगरा में पत्रकारों पर पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज… मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन…

देश के सबसे बड़े प्रदेश की कितनी कड़वी हकीकत है कि ताजनगरी आगरा में कथित बहादुर पुलिसकर्मी धरने की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों पर लाठियां चलाते हैं, उन्हें लहुलूहान करते हैं। यह कोई जांबाजी नहीं बल्कि पुलिसिया नाकामी का नमूना भर है। वैसे अर्से से मानवाधिकार सिसक रहा है। मानवाधिकार उल्लंघन में यूपी को अव्वल दर्जा हासिल है। पत्रकारों पर होने वाली हमले की वारदातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना स्वस्थ माहौल कायम है।

स्कूल यूनीफार्म में नाबालिग छात्रा ने थाने में पुलिस वालों को चाय पिलाया (देखें वीडियो)

देश के प्रधानमंत्री भले चाय बेच चुके हों और चाय बेचने का बार बार गर्व से जिक्र करते हों लेकिन उनके पीएम बनने के बाद भी बाकी चाय वालों की जिंदगी में अच्छे दिन नहीं आ पाए हैं. स्कूली ड्रेस में एक नाबालिग छात्रा चाय बेचने की मजबूरी के कारण थाने में पुलिस वालों को चाय पिलाने पर मजबूर है, वह भी फ्री में. बाल अधिकार जैसे कानून के होने के बावजूद खुद पुलिस वाले इसकी सरेआम धज्जियां उड़ाते हं. आजमगढ़ क्षेत्र के डीआईजी, बलिया के पुलिस अधीक्षक और गड़वार थाना के पुलिस कर्मी इसी कक्षा चार की छात्रा के हाथों दी गई चाय को चुस्कियां लेकर पीते रहे.

बदकिस्मत पत्रकार थे राजीव चतुर्वेदी, लखनऊ के थाने में मार डाले गए, लखनऊ के पत्रकार चुप लगा गए

बलात्कार के एक आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता की आत्महत्या पर महीनों गैंगवार करने वाला फेसबुक एक पत्रकार की हत्या पर खामोश क्यों है? दरअसल इसे समझने के लिये रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है. दोनों मामलों को अलग से देखते ही स्थिति स्पष्ट हो जाती है. सामाजिक कार्यकर्ता एक बड़े बौद्धिक गिरोह के सदस्य थे, जिस गिरोह में बड़े संपादक, कई पत्रकार, कई मानवाधिकारी थे. गिरोह जानता था कि आरोप बलात्कार का है और इसका फैसला अदालत करेगी लेकिन इसके बाद भी फेसबुक उत्तेजित कर दिया गया. यह उत्तेजना अखबारी पन्नों से निकलकर प्रेस क्लब तक में बिखर गयी.

खबर छपने से बौराए फर्रूखाबाद के प्रभारी सूचनाधिकारी पूरन चंद्र मिश्रा ने पत्रकार आनंद भान शाक्य को दी जमकर गालियां (सुनें टेप)

: गुंडों को लेकर रात में पत्रकार के घर पर बोला धावा : यूपी के जंगल राज में सबसे ज्यादा बेलगाम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हैं. भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने बारिश में बिना वाइपर लगे बस चलाने की लिखित शिकायत गाजीपुर जिले में पदस्थ रोडवेज अधिकारी से की तो अधिकारी ने बदतमीजी करते हुए अपने नेतृत्व में रोडवेजकर्मियों के साथ हमला बोल दिया. इस मामले में अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर 36 घंटे बाद तब दर्ज की जब लखनऊ से एफआईआर दर्ज किए जाने के लिए दबाव डलवाया गया. यह मामला अभी पुराना भी नहीं पड़ा था कि यूपी के फर्रूखाबाद जिले से एक नया मामला सामने आ गया है. यहां के प्रभारी सूचनाधिकारी पूरन चंद्र मिश्रा ने एक पत्रकार को फोन कर धाराप्रवाह गंदी गंदी गालियां दीं.

यूपी में जंगलराज : लखनऊ में वरिष्ठ पत्रकार राजीव चतुर्वेदी को पुलिस ने थाने में प्राण निकलने तक प्रताड़ित किया

Kumar Sauvir : लेखक, कवि, चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता राजीव चतुर्वेदी की अभी शाम को पुलिस हिरासत में मौत हो गई। एक धोखाधड़ी के मामले में पुलिस राजीव को पूछताछ के लिए सरोजनी नगर थाने में ले गई थी। बताते हैं कि पुलिस ने राजीव को काफी प्रताड़ित भी किया। नतीजा, दो घंटे बाद ही थाने में ही राजीव ने दम तोड़ दिया। पुलिस का दावा है कि राजीव को जबरदस्त हृदयाघात हुआ और जैसे ही पुलिस उन्हें अस्पताल तक पहुंचाती, राजीव के प्राण पखेरू हो गए।

अमरोहा में यूएनआई के पत्रकार से डीआईजी ओमकार सिंह और एएसपी विजय गौतम ने की बदतमीजी

सेवा में

श्री मनोहर सिंह
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्टस
महोदय,

कृपया अवगत हो दिनांक 20 अक्टूबर 2015, समय 12.43 अपराह्न, स्थान कोतवाली डिडौली जिला अमरोहा में ग्राम पतेई खालसा में हुये सांप्रदायिक तनाव के दृष्टिगत कमिश्नर व डीआईजी मुरादाबाद अपने अधीनस्थ जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक अमरोहा को संग लेकर एक दर्जन लोगों के साथ कोतवाली के खुले प्रांगण में पीपल के पेड़ के नीचे खुली बैठक कर रहे थे, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक अमरोहा विजय गौतम व अन्य स्टाफ भी मौजूद था।

यूपी के जंगलराज की नई कहानी : अमिताभ, जया और अभिषेक बच्चन को यूपी सरकार हर माह देगी डेढ़ लाख रुपये!

Surya Pratap Singh IAS : अमिताभ बच्चन, जया व अभिषेक को यूपी सरकार देगी 50,000 रुपये की पेंशन… यानि इस परिवार को हर महीने डेढ़ लाख रुपये… पेंशन के नाम पर…क्या मजाक है…. मुख्यमंत्री के गाँव ‘सैफई’ के प्रधान दर्शन सिंह यादव को भी इस वर्ष यश भारती पुरस्कार मिला है… उसके प्रभाव ने यह निर्णय करा दिया… सरकारी खजाने का मज़ाक बना कर रख दिया है.. लुटाओ, जितना लुटा सकते हो… चुनाव तक…

मुलायम के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने से दुखी आईपीएस अमिताभ ठाकुर थाने के सामने धरने पर बैठेंगे

Amitabh Thakur : श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा 10 जुलाई 2015 को फोन पर धमकी देने के मामले में कोर्ट द्वारा 14 सितम्बर को समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद भी लखनऊ पुलिस द्वारा अब तक उसका पालन नहीं किये जाने के प्रति अपना कष्ट प्रकट करने हेतु मैं 01 अक्टूबर से थाना हजरतगंज के सामने अनिश्चितकालीन रूप से बैठूँगा. I shall be sitting indefinitely before Hazratganj police station from 01 October to show my pain at non-registration of FIR against Sri Mulayam Singh Yadav for phone threat on 10 July, despite the Court order passed on 14 September to register an FIR under appropriate sections.

‘दृष्टांत’ मैग्जीन ने यूपी सरकार के माननीय महबूब अली को क्यों बताया भ्रष्ट, पढ़ें पूरा विवरण

जिसे सलाखों के पीछे होना चाहिए था वह अपनी आपराधिक छवि के चलते यूपी विधानसभा की गरिमा को चोट पहुंचा रहा है। जिसके खिलाफ हत्या का प्रयास, डकैती, अपहरण, मारपीट, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी, दंगे करवाना, मकान-जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा करवाना और धोखाधड़ी से सम्बन्धित दर्जनों की संख्या में आपराधिक मुकदमें दर्ज हों, उसे सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के निर्देश पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे रखा है। जिसकी शिक्षा महज 12वीं तक है, वह माध्यमिक शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बना बैठा है। यहां बात हो रही है माध्यमिक शिक्षा कैबिनेट मंत्री महबूब अली की।

मुलायम का अंत भी अब करीब आ गया है, वह भी अमिताभ ठाकुर के हाथों : दयानंद पांडेय

Dayanand Pandey : एक समय कंस और रावण जैसों को भी लगता था कि उन का कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। और वह अत्याचार पर अत्याचार करते जाते थे। लेकिन एक दिन उन का अंत हुआ। गोरी, गजनवी, चंगेज खां, बाबर, औरंगज़ेब आदि के हश्र भी हमारे सामने हैं। ब्रिटिश राज में तो एक समय सूरज भी नहीं डूबता था, पर एक दिन आया कि डूब गया। तो मुलायम सिंह यादव कौन सी चीज़ हैं? मुलायम सिंह यादव के पाप और कुकर्म का घड़ा भी अब भर जाने की राह पर है।

बुजुर्ग ब्राह्मण साहित्यकार का युवा यादव मुख्यमंत्री का पैर छूना दरअसल सामाजिक बदलाव की एक तस्वीर है!

Mohammad Anas : मुझे इस तस्वीर में कोई बुराई नहीं नज़र आती. यह सामाजिक बदलाव वाली तस्वीर है. जिसमे एक ब्राहमण साहित्यकार एक पिछड़ी जाति यादव मुख्यमंत्री से पुरूस्कार लेने के बाद चरण स्पर्श कर रहा है.  इस तस्वीर में मुझे कुछ भी बुरा नहीं लग रहा, लेकिन जिन्हें बुरा लग रहा है उन्होंने ऐसे न जाने कितने यादव बुजुर्गों को गाँव गिरांव में पैरों में झुकाते रहते हैं. अखिलेश यादव ने तो इस चाटुकार ब्राह्मण को उठाना भी चाहा, लेकिन यूनिवर्सिटी के दिनों से ही ताकतवर के सामने झुकने और निर्बल को सताने वाली मानसिकता तब तक पूरा पूरा लेट चुकी थी.

सपा से रामगोपाल यादव और अक्षय यादव को तुरंत निकाल देना चाहिए

Mohammad Anas : रामगोपाल यादव के बेटे और फिरोजाबाद से समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद अक्षय यादव पर इन्डियन एक्सप्रेस ने ख़बर लिखी है की उन्होंने यादव सिंह की कंपनी के शेयर खरीदे. अक्षय द्वारा शेयर खरीदते ही बर्खास्त यादव सिंह बहाल हो जाते हैं. यादव सिंह पर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप है और यह संदेह जताया जाता है कि उन्होंने ऐसा सत्ता में शामिल लोगों के इशारों पर किया. रामगोपाल यादव, सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह के भाई हैं और अक्षय मुलायम सिंह के भतीजे. अब जब भतीजा फंसता हुआ नज़र आया तो बिहार में बीजेपी को वाकओवर दे आये नेता जी. पहले से पांच सांसद हैं आपके परिवार में, एक जेल चला जाता तो क्या बुरा हो जाता. कम से कम बिहार में ‘सेक्यूलर मोर्चा’ मजबूत तो रहता. भाई और भतीजा करप्शन करें और भुगते जनता? ये कहाँ का इंसाफ है? ये करप्शन बहुत महंगा पड़ेगा. लखनऊ मेट्रो पर भी बहुत भारी पड़ेगा. मुझे पता है बीजेपी के नेता अक्षय यादव के मामले में खामोश रहेंगे क्योंकि ‘डील’ बड़े नेताओं से हो गई है. फिर भी, परिवारवाद के चक्कर में समाजवाद के साथ साफ़ साफ़ अन्याय होते नहीं देखा जा सकता. रामगोपाल इस्तीफा दो, अक्षय यादव को जेल भेजो.

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यादव सिंह की काली कमाई से मुलायम खानदान हुआ मालामाल, सीबीआई का खुलासा

अकूत संपत्ति के मालिक और करोड़ों के भ्रष्टाचार में संलिप्त नोएडा प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ हो रही सीबीआई जाँच में नित नए खुलासे हो रहे हैं. ताजा खुलासा यादव सिंह से यूपी की सत्ताधारी पार्टी और मुलायम परिवार से कनेक्शन का हुआ है. मुलायम सिंह के भतीजे और समाजवादी पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के यादव सिंह से कारोबारी रिश्ते का पता चला है. अक्षय यादव फिरोजाबाद से सांसद भी हैं. अक्षय यादव ने यादव सिंह के सहयोगी से एनएम बिल्डवेल नाम की कंपनी ली थी. अक्षय ने सितंबर 2013 में एनएम बिल्डवेल कंपनी के 9 हजार 995 शेयर यादव सिंह के सहयोगी राजेश मनोचा से 10 रुपये के भाव पर खरीदे थे. पांच शेयर अक्षय की पत्नी ऋचा के नाम ट्रांसफर हुए थे. उस समय इस कंपनी के शेयर की कीमत लगभग 2050 रुपये होनी चाहिए थी.

बलिया में बन्दी के दौरान व्यापारी पुत्र ने कवरेज कर रहे मीडियाकर्मी को मारी गोली

बलिया में नगरपालिका चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता की गिरफ्तारी को लेकर व्यापारियों ने बन्दी का आह्वान किया था जिसे सभी दलों के नेताओं का समर्थन था। कुछ व्यापारियों की दुकानें खुली थी जिसे नेता बन्द करने की अपील कर रहे थे। इसी बीच दुकान बन्द कराने को लेकर भाजपा नेताओं व व्यापारी रामप्रकाश जायसवाल और उसके बेटे के बीच झड़प हो गयी जिसमें व्यापारी पुत्र ने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चला दी।

कानपुर में दरोगा ने कवरेज करने गए मीडियाकर्मियों पर तानी रिवाल्वर, सस्पेंड

कानपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र के भागवत दास घाट में नाबालिग बच्ची के साथ उसके चाचा द्वारा किए गए रेप की घटना को कवर करने कोतवाली पहुंचे एक नेशनल टीवी चैनल के रिपोर्टर और कैमरा पर्सन को पहले तो कोतवाली में तैनात दारोग़ा अशोक कुमार ने बदसलूकी करते हुए कैमरा तोड़ने की धमकी दी और जब मीडियाकर्मियों ने विरोध किया तो रिवाल्वर तान दी. मीडिया कर्मी के साथ बदसलूकी की खबर पा कर कोतवाली पहुँचे सैकड़ों मीडिया कर्मियो ने जमकर पुलिस प्रशासन की गुंडई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपी दरोगा के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की. इस पर सीओ कोतवाली ओपी सिंह ने घटना पर खेद जताते हुये आरोपी दरोगा के खिलाफ एसएसपी को रिपोर्ट भेजी. एसएसपी ने तत्काल दरोगा अशोक कुमार को निलंबित कर दिया है.

पुलिस विभाग में करप्शन का मुद्दा उठाने वाले सिपाही को एक कुर्सी लूटने के आरोप में जेल भेज दिया

यूपी के जंगलराज की ढेरों कहानियां हैं. जिधर देखो उधर एक कहानी मिलेगी. ताजा मामला मेरठ का है. एक सिपाही अपने एसपी के पास जाकर कहता है कि हे एसपी महोदय, तुम समेत तुम्हारे सीओ से लेकर बाबू तक रिश्वत लेते हैं, कदम कदम पर. जो सस्पेंड हुआ उसकी बहाली से लेकर ड्यूटी लगाने तक में पैसे लिए जाते हैं. अपने मुंह पर आरोप सुनते ही एसपी साहब के भीतर का सिपाही जग गया और उन्होंने थानेदार को बुलवा कर सिपाही को उठवा लिया. अगले रोज सिपाही को एक कुर्सी लूटने के आरोप में जेल भेज दिया गया. है न पूरी फिल्मी सी कहानी. लेसन ये कि अगर आप सच बोलेंगे, न्याय की बात करेंगे, साहस दिखाएंगे तो मारे जाएंगे, जेल जाएंगे, दुख उठाएंगे.

Scribe Jagendra Singh burning case : SC seeks response from Centre, UP on PIL

New Delhi: The Supreme Court on Friday decided to entertain a plea seeking CBI probe into the circumstances leading to the withdrawal of a petition by a journalist’s son, who had sought an independent probe into the alleged burning and murder case of his father in which a state minister and five others have been booked. An application filed by a Lucknow scribe has claimed that the son of slain journalist, Jagendra Singh, was pressurised and threatened by the alleged killers of his father, following which he had written a letter to his lawyer on July 23 wishing to withdraw the petition.

सपा राज में 11वीं की छात्रा के मानवाधिकार का अखिलेश यादव के थानेदार ने यूं किया ‘सम्मान’

Yashwant Singh : यूपी का सपाइयों वाली सरकार ने बेहद बुरा हाल कर रखा है… पुलिस वाले हद से ज्यादा बदमिजाज और बदतमीज हुए पड़े हैं. इन खाकी वर्दी वालों को न कोई डर है न लाज न शरम न चिंता… एक थानेदार पुलिस बल लेकर एक घर में घुसता है और वहां मौजूद 11वीं की छात्रा को ताबड़तोड़ पीटने लगता है. यह सब कुछ थानेदार की अगुवाई में हो रहा था. वो तो धन्य हो किसी पत्रकार साथी का जिसने वहां चुपके से वीडियो बना लिया.

वाह रे यूपी की अखिलेश सरकार : बागी सूर्य प्रताप सिंह की जगह दागी प्रदीप शुक्ला… यही है समाजवाद!

Kumar Sauvir : हैल्लो हैल्लो..  हेलो माइक टेस्टिंग हेलो… जी अब ठीक है। शुरू करूँ? … ओके. तो सुनिए… नमस्कारररररर… यह रेडियो यूपी है। अब आप उत्तर प्रदेश से जुडी अहम् खबरें सुन रहे हैं। सरकार ने यूपी में अरबों-खरबों के सरकारी घोटालों के मामले में साढ़े 3 साल तक डासना जेल में बंद रहे वरिष्ठ आईएएस अफसर को सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो का डीजी और प्रमुख सचिव की कुर्सी सौंप दी है। जबकि सरकारी घोटालों और भारी षडयंत्रो का भंडाफोड़ करने वाले जुझारू वरिष्ठतम आईएएस अफसर सूर्य प्रताप सिंह की कुर्सी छीन कर उन्हें बेआबरू करके बेकार ढक्कन की तरह सड़क पर फेंक दिया है। यूपी सरकार और उसका कामकाज पूरी सक्रियता, ईमानदारी और जान प्रतिबद्धता के साथ जी-जान के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास में जुटी हुई है। समाचार समाप्त हुए। (लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर के फेसबुक वॉल से.)

आओ गांधीगिरी करें : डाक्टर से गुंडागर्दी करने वाले गाजीपुर के सीओ सिटी को फोन करें

Yashwant Singh : हमारे गाजीपुर जिले के डाक्टर Avinash Singh Gautam बेहद उर्जावान और क्रांतिकारी डाक्टर हैं. फिजियोथिरेपिस्ट हैं. गर्दन से लेकर शरीर के किसी हिस्से के दर्द को छूमंतर कर देते हैं, अपने जादुई इलाज व मसाज के जरिए. इनका इलाज और मसाज गाजीपुर के एक पुलिस अफसर को ऐसा भाया कि इन्हें रात दिन कभी भी आदेश देकर बुलाने लगा. गर्दन के दर्द से पीड़ित इस रीढ़ विहीन पुलिस अफसर ने डाक्टर को अपना बंधुआ गुलाम सरीखा समझने लगा और आदेश देकर इलाज कराने लगा. डाक्टर अविनाश ने जब इनकार किया तो सबक सिखाने के लिए आधी रात को इनके घर धावा बोल दिया.

गाजीपुर में डाक्टर ने गर्दन का मसाज करने से इनकार किया तो सीओ सिटी ने दलबल के साथ आधी रात को घर में घुसकर की गुंडई

पुलिसिया गुंडई के शिकार गाजीपुर के सोशल एक्टिविस्ट और फिजियोथिरेपिस्ट डा. अविनाश सिंह गौतम


पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में डा. अविनाश सिंह गौतम बतौर फिजियोथिरेपिस्ट कार्यरत हैं. डाक्टर साहब सोशल एक्टिविस्ट भी हैं, इसलिए वह जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं. अन्याय और जुल्म के खिलाफ लड़ने वाले लोगों के मोर्चा में शामिल रहते हैं. पिछले दिनों शहर के सीओ कमल किशोर ने अपने गर्दन के दर्द और स्पेंडलाइटिस के इलाज के लिए डाक्टर अविनाश सिंह गौतम से संपर्क किया. डाक्टर साहब ने उनके गर्दन की मसाज के साथ-साथ उचित दवा और निर्देश दिया. सीओ साहब को गर्दन के मसाज से इस कदर राहत मिली कि वह डाक्टर अविनाश सिंह गौतम को गाहे बगाहे फिजियोथिरेपी और गर्दन के मसाज के लिए बुलाने लगे.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने मुलायम यादव के खिलाफ धमकाने की लिखित कंप्लेन दी, पढ़ें पूरा लेटर

आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आज लखनऊ के हजरतगंज थाने में सपा मुखिया मुलायम यादव के खिलाफ लिखित कंप्लेन दी है. इस कंप्लने में उन्होंने फोन पर धमकाने को लेकर विस्तार से सारी बाती बताई हैं. अमिताभ ठाकुर जब रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे तो उनके साथ मीडिया के भी काफी लोग थे. अमिताभ और मुलायम की बातचीत का टेप कल जारी होने के बाद से यूपी की राजधानी लखनऊ में हलचल तेज हो गई.

अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

Himanshu Dwivedi : इमानदार आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी से संबंधित ऑडियो टेप में ‪‎मुलायम‬ ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ का जिक्र करके कह रहा है कि “क्या वो भूल गए?” और अंत में कहता है कि अबकी बार उससे ज्यादा हो जाएगा! क्या है ये ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’? दरअसल ये जिक्र था एक घटना का जब समाजवादी पार्टी की पिछली से पिछली सरकार के समय श्री अमिताभ ठाकुर फीरोजाबाद जिले में पुलिस कप्तान के रूप में तैनात थे! तब सीएम मुलायम सिंह यादव हुआ करते थे. ‎फीरोजाबाद‬, इटावा, मैनपुरी यादव बेल्ट होने के कारण मुलायम परिवार का राजनीतिक गढ़ रही है और स्वाभाविक सी बात है कि इनकी दबंगई और गुंडागर्दी का केंद्र भी!

लखनऊ के अखबार दबा कर बैठ गए ‘मुलायम धमकी’ वाला टेप, कहीं कोई खबर नहीं

Yashwant Singh : लखनऊ के अखबार दबा के बैठ गए मुलायम धमकी वाली न्यूज़। सिर्फ nbt lucknow में सिंगल कॉलम खबर है। दैनिक जागरण अमर उजाला हिंदुस्तान समेत सैकड़ों छोटे बड़े अखबारों के नपुंसक संपादकों को लानत भेजिए। शेम शेम। ये धमकी वाला टेप किन न्यूज़ चैनलों पर चला, किनपे नहीं चला, कृपया अवगत कराइए। और हाँ, अगर आपने अब तक इस टेप को अपने fb वाल पर शेयर नहीं किया तो अब कर लीजिये। चैनल वाले अखबार वाले ये टेप दबा के बैठे हुवे हैं। लग रहा बारगेनिंग चल रही है या डील हो चुकी है। ऐसे में हमको आपको इस लिंक को फैलाना होगा ताकि खबर दब ना सके और बारगेनिंग फेल हो सके। लिंक ये है: https://www.youtube.com/watch?v=qks3tJxKNsI

मुलायम सिंह यादव के खिलाफ धमकाने संबंधी एफआईआर लिखाएंगे आईपीएस अमिताभ ठाकुर

Amitabh Thakur : मैं आज 11 बजे थाना हजरतगंज जा कर श्री मुलायम सिंह यादव द्वारा मुझे दी गयी धमकी के सम्बन्ध में एआईआर प्रस्तुत करूँगा. साथ ही वरिष्ठ अफसरों को अपनी और पत्नी नूतन की सुरक्षा के लिए भी प्रार्थना करूँगा. Today I shall be presenting an FIR before Hazratganj police station at 11 AM regarding Sri Mulayam Singh Yadav’s yesterday threat. I shall also be presenting my application to senior officers for my and wife Nutan’s security. यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के फेसबुक वॉल से.

आईपीएस को धमकाने वाला टेप सुनकर मुलायम के प्रति जो मन में थोड़ी बहुत इज्जत थी, वो भी खत्म हो गई….

Senior IPS officer Amitabh Thakur alleges Mulayam Singh Yadav threatened him on phone

एक समाजवादी पुरोधा का चरम पतन… सुनिए ये टेप जिसमें मुलायम सिंह यादव धमका रहे हैं आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को… अब तक हम लोग सोचा करते थे कि आखिर यूपी में जंगल राज का असली राज क्या है.. पर अब पता चला कि जब मुखिया ही एक आईपीएस को ऐसे सीधे धमका सकता है तो उनके चेले चमचे क्या करते होंगे… यही कारण है कि पूरे यूपी में आग लगी हुई है… बजाय आग बुझाने के, मुलायम सिंह यादव अब उन्हें धमका रहे हैं जो जनहित में सक्रिय रहते हुए सरकार की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश कर रहे हैं…

मुलायम सिंह ने आईपीएस को कहा- सुधर जाओ, नहीं तो….!

आज 10 जुलाई 2015 को दिन में फोन नंबर 0522-2235477 से मुलायम सिंह यादव का फोन आईपीएस अमिताभ ठाकुर उनके मोबाइल नंबर नंबर 094155-34526 पर आया. वक्त था शाम चार बजकर 43 मिनट. कुल दो मिनट 10 सेकेंड बात हई. पूरी बातचीत का ट्रांसक्रिप्ट इस प्रकार है…

मुलायम सिंह यादव ने फोन कर आईपीएस अमिताभ ठाकुर को धमकाया!

एक बड़ी खबर लखनऊ से आ रही है. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि उन्हें मुलायम सिंह यादव ने फोन कर धमकाया और सुधर जाने की नसीहत दी. अमिताभ ने पूरी धमकी को रिकार्ड कर लिया है और जल्द ही इसे पब्लिक डोमेन में लाने जा रहे हैं.  अमिताभ ठाकुर का कहना है कि उनके पास जो फोन आया तो कहा गया कि मुलायम सिंह यादव बात करेंगे. जब मुलायम सिंह यादव लाइन पर आए तो उन्होंने धमकाना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि पिछली बार से ज्यादा बुरी गत बनाउंगा. सुधर जाओ. अमिताभ ठाकुर ने इस तरह की धमकी को बेहद अलोकतांत्रिक बताते हुए पूरे मामले को जनता की अदालत में ले जाने का फैसला किया है.

यूपी में जंगलराज : अमर उजाला के पत्रकार की मां से दारोगा बलात्कार नहीं कर पाया तो पेट्रोल डालकर जला दिया

लखनऊ। अभी शाहजहांपुर के पत्रकार जागेन्द्र को जलाकर मारने की घटना ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि बाराबंकी में अमर उजाला अखबार के पत्रकार संतोष त्रिवेदी की मां से थाने के भीतर बलात्कार की कोशिश की गई और कामयाबी नहीं मिली तो उहें पेट्रोल डालकर जला दिया गया। गंभीर हालत में लखनऊ में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। वह थाने में अपने पति को छुड़ाने के लिए गयी थी जिन्हें पूछताछ के नाम पर पुलिस ने बेवजह बैठा रखा था। छोडऩे के एवज में पहले उनसे एक लाख रुपये मांगे गये और फिर थानाध्यक्ष के कमरे में ले जाकर उनसे बलात्कार की कोशिश की गयी।

यूपी में जंगलराज : स्टिंग से नाराज एसओ जितेंदर यादव ने पत्रकार को पीटा और शिकायत करने पर मां को उठाया (देखें वीडियो)

पश्चिमी यूपी के संभल से खबर है कि धनारी पुलिस के एसओ ने एक मीडिया कर्मी को दौड़ा दौड़ा कर पीटा. शिकायत के बाद एसपी सम्भल ने दिए जाँच के आदेश. असल में मामला एक स्टिंग को लेकर है. एसओ जितेंदर यादव एक युवक को थाने में पीट रहे थे. इसी का स्टिंग एक मीडिया कर्मी ने किया था. इसी बात को लेकर उन्होंने खुन्नस उतारी. उन्होंने मीडियाकर्मी को पीटने के साथ ही फ़ोन पर धमकी दी कि किसी से शिकायत मत करना. जब पत्रकार शिकायत करने एसपी के पहुंचा तो एसओ ने उसकी मां को घर से उठा लिया.

यूपी में जंगलराज : फिर निर्भया कांड, जननांग पर घाव, जलाने के निशान, बोरे में शव, फिर केस दब जाएगा!

Kumar Sauvir : बीती शाम लखनऊ की एक बेटी फिर कुछ हैवानों की शिकार बन गयी। अलीगंज के बीचोंबीच सेंट्रल स्‍कूल के पीछे बोरे में दो दिन पुरानी उसकी लाश जब बरामद हुई तो लोग गश खाकर गिर पड़े। उम्र रही होगी करीब 25 साल, कपड़े बुरी तरह फटे हुए। हाथ और पैर तार से बंधे थे। इस बच्‍ची को जलाया गया था। इतना ही नही, इसके जननांग पर दरिन्‍दों ने बहुत बड़ा घाव बना दिया था। एक मनोविज्ञानी से बातचीत हुई तो उन्‍होंने बताया कि ऐसी दरिन्‍दगी नव-धनाढ्य और इसके बल पर पाशविक ताकत हासिल किये लोगों की ही करतूत होती है। सत्‍ता का नशा भी सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण कारक तत्‍व बनता है। तो फिर कौन हैं वह लोग ? शायद एडीजी पुलिस (महिला सुरक्षा) सुतापा सान्‍याल को पूरी छानबीन के बाद इस बारे में पता चल जाए। इसके एक दिन पहले भी तेलीबाग में भी इसी तरह की एक लाश बरामद हुई थी। क्‍या वाकई लखनऊ की आबोहवा बेटियों के खिलाफ हो चुकी है? अगर ऐसा है तो हम सब के लिए यह शर्म, भय, निराश्रय, असंतोष के साथ ही साथ चुल्‍लू भर पानी में डूब जाने की बात है। बेशर्म हम।

‘दृष्टांत’ पत्रिका ने छापी यूपी के एक महालूट की आंख खोलने वाली विस्तृत कहानी

-अनूप गुप्ता-


लखनऊ

अरबों की योजना में करोड़ों की दलाली! : लगभग एक दशक पूर्व कांग्रेस के कार्यकाल में केन्द्र सरकार ‘राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन’ यानि एन.आर.एच.एम. की आधारशिला रखती है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के उन निम्न तबके के लोगों की सेहत सुधारना था जो निजी अस्पतालों में मोटी रकम देकर अपना इलाज करवाने में असमर्थ हैं। मनमोहन सरकार के कार्यकाल में योजना के प्रचार-प्रसार के लिए करोड़ों रुपए भी सरकारी खजाने से खाली हो जाते हैं। योजना तैयार होने के बाद बकायदा देश के विभिन्न राज्यों को भारी-भरकम बजट भी आवंटित हो जाता है। उत्तर-प्रदेश भी उन्हीं राज्यों में से एक था। गुणवत्तापरक दवाओं की आपूर्ति और सरकारी अस्पतालों के अपग्रेडेशन के लिए टेण्डर आवंटित किए जाते हैं। सम्बन्धित विभाग को प्राप्त टेण्डरों पर विचार-विमर्श चल ही रहा था कि इसी बीच गाजियाबाद की एक दवा निर्माता कम्पनी सरजीक्वाइन का प्रतिनिधि गिरीश मलिक नामक व्यक्ति सामने आता है।

Jagendra Murder Case : Journalists March to Mulayam’s Residence (See video)

NEW DELHI: A group of journalists today marched to the residence of Samajwadi Party chief Mulayam Singh Yadav to protest against the brutal murder of a freelance journalist in Shahjahanpur. Jagender Singh was allegedly set on fire by policemen on June 1 during a raid at his house at Vikas Colony in Sadar Bazar, Shahjahanpur. He died during treatment at a hospital in Lucknow on June 8.

जगेंद्र हत्याकांड : ‘कुत्ता प्रदेश’ की कहानी, एक आईएएस अफसर की जुबानी… (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ प्रेस क्लब आफ इंडिया में आज हुई सभा में सबसे शानदार रहा आईएएस Surya Pratap Singh यानि एसपी सिंह को सुनना. एसपी भाई को एफबी टीवी अखबारों में पढ़ता देखता रहा हूं लेकिन मिलने-सुनने का मौका आज मिला. ग़ज़ब का बोले. बोले क्या झकझोर दिया. उनका आधे घंटे का वीडियो अपलोड करने वाला हूं. तब तक कुछ तस्वीरें. एक तस्वीर में एसपी सिंह जी के साथ संगम पांडेय जी भी हैं, मुड़ मुड़ के ना देख मुड़ मुड़ के वाली फोटो में. संगम पांडेय जी जानी मानी साहित्यिक पत्रिका हंस के पूर्व संपादक रहे हैं. उनसे जमाने बाद मुलाकात हुई. संगम भाई जब भी मिलते हैं, उन्हें देर तक पकड़ कर रखता हूं, बतियाता हूं. ये एक ऐसे पत्रकार लेखक समालोचक शख्सियत हैं कि मिलने पर इनसे अध्यात्म से लेकर ब्रह्मांड तक ढेरों बात बहस तर्क-कुतर्क मैं करता हूं और वो न सिर्फ इसे इंज्वाय करते हैं बल्कि कई ऐसे पढ़ने जानने सीखने के सूत्र छोड़ जाते हैं जिनसे मैं आगे के दिनों में खोजता जूझता लड़ता सोचता पढ़ता रहता हूं. फोटो देखने के पहले ये एक वीडियो देखिए, प्रेस क्लब आफ इंडिया से लेकर मुलायम सिंह यादव के दिल्ली वाले बंगले तक पर हुए प्रदर्शन का:  https://www.youtube.com/watch?v=W-F0x9D0m_U

यूपी में जंगलराज : प्रसिद्ध कवि केदार नाथ अग्रवाल के घर पर भूमाफिया का धावा

Sudhir Singh : बाँदा में कवि केदार नाथ अग्रवाल का घर बिक गया। आज शाम किसी भूमाफिया ने ढेर सारी निर्माण सामग्री इकट्ठी करके निर्माण भी शुरू कर दिया है। कुछ असलहाधारी भी बैठे हैं। इस अपने पुश्तैनी घर में हिंदी के विश्वप्रसिद्ध कवि केदार जी करीब 65 साल तक रहे । यह घर अर्धसदी तक हिंदी के बड़े रचनाकारों का भी मिलने-जुलने का केंद्र रहा जहाँ राहुल सांकृत्यायन नागार्जुन, त्रिलोचन, रामविलास शर्मा, महादेवी वर्मा, हरिवंशराय बच्चन जैसे लेखक आते थे। 1972 में बाँदा में आयोजित बाँदा सम्मेलन का भी केंद्र यह घर था। केदार जी के निजी संग्रह की लगभग 7 दशकों की दुर्लभ पत्र-पत्रिकाएँ और हजारों पुस्तकें भी यहीं रखी हैं जिनकी देखरेख केदार शोधपीठ न्यास करता है जिसके सचिव नरेन्द्र पुण्डरीक का कोई पता नहीं है। यह बड़ा और गम्भीर मसला है जिसके लिए तुरंत कुछ किये जाने की जरूरत है।

शहीद पत्रकार जगेंद्र के खून का बदला हम लेंगे, यूपी विस चुनाव में सपाइयों की जमानत जब्त कराके दम लेंगे

Yashwant Singh : शाहजहांपुर के न्यू मीडिया के पत्रकार साथी जगेंद्र सिंह को जलाकर मार डालने का पाप उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार का नाश कर देगी, यह तय है. आजकल जब बड़े अखबार और न्यूज चैनल के मालिक-संपादक-रिपोर्टर लोग मंत्रियों-अफसरों के करप्शन पर कलम चलाने की जगह करप्शन में हिस्सा लेकर चुप्पी साध जाते हों तब न्यू मीडिया के साथी ही वो सच्चे पत्रकार नजर आते हैं जो अपने अपने तरीके से अपने अपने इलाके के भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करते दिखते हैं. सोशल मीडिया फेसबुक, ट्विटर आदि से लेकर मोबाइल, ह्वाट्सएप आदि तक को समाहित किए न्यू मीडिया के सच्चे सिपाही जगेंद्र सिंह की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देना है.

जगेंद्र की तीन तस्वीरें- जीवन से मरघट तक… : इस बहादुर पत्रकार की यूपी सरकार के एक मंत्री राममूर्ति ने जघन्य तरीके से हत्या करा दी. इस कांड ने सभी सच्चे नागरिकों को झकझोर दिया. बेशर्म यूपी सीएम अखिलेश यादव अब भी चुप्पी साधे हुए हैं. हत्यारा मंत्री और हत्यारा कोतवाल खुलेआम घूम रहे हैं.

यूपी में रातोंरात रजिस्टर्ड हुई नई एड कंपनी को करोड़ों का काम मिला और खेल मंत्री का गलत नाम छपवा दिया

लखनऊ : कुछ रोज पहले लखनऊ के सभी प्रमुख अखबारों ने पहले पन्ने पर फुल पेज का एक विज्ञापन छापा। विज्ञापन खेल से सम्बन्धित था और ऊपर ही मुख्यमंत्री के साथ खेल मंत्री नारद राय की फोटो छपी थी। विज्ञापन छपते ही लखनऊ में हडकंप मचा कि नारद राय खेल मंत्री कब बन गये। यह महत्वपूर्ण आयोजन था और सीएम का पसंदीदा विषय भी। इतने बड़े आयोजन में पहले पन्ने पर इतनी बड़ी चूक ने बता दिया कि यूपी के अफसर इतने काबिल हैं कि उन्हें नहीं पता कि यूपी का खेल मंत्री कौन है।

यूपी में जंगलराज : 60% जले पत्रकार ने मंत्री राममूर्ति वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने 01 जून 2015 को दिन में उनके आवास विकास कॉलोनी, सदर बाज़ार, शाहजहांपुर स्थित मकान में सदर कोतवाल श्रीप्रकाश राय द्वारा दी गयी दबिश के दौरान आग लगने से लगभग 60 फीसदी जल गए सोशल मीडिया पत्रकार जगेन्द्र सिंह से सिविल अस्पताल, लखनऊ में जा कर मुलाक़ात की. मुलाकात के दौरान श्री जगेन्द्र ने कहा कि यह सब श्रीप्रकाश राय द्वारा राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा के इशारों पर किया गया.

यूपी में जंगलराज : सपा सांसद चंद्रपाल यादव ने तहसीलदार को चोर कहा और ट्रांसफर करा दिया, सुनें टेप

तहसीलदार गुलाब सिंह और सांसद चंद्रपाल यादव


सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने सांसद चंद्रपाल यादव द्वारा झाँसी के तहसीलदार गुलाब सिंह राजपूत को अवैध खनन का ट्रैक्टर पकडे जाने पर हड्काने के मामले में ऑडियो-टेप आने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से तत्काल श्री यादव के खिलाफ सरकारी सेवक को कार्य में बाधा और डराने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश देने की मांग की है. मुख्यमंत्री को भेजे पाने पत्र में उन्होंने इस घटना के बाद तहसीलदार के झाँसी से कानपुर हुए ट्रान्सफर को भी निरस्त करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वे सांसद और तहसीलदार के बीच के ऑडियो टेप की प्रति लोकायुक्त को भी गायत्री प्रजापति जांच में देंगी जिससे यह स्थापित हो जाए कि प्रदेश में अवैध खनन किस हद तक है और इसमें राजनेताओं की कितनी अधिक भूमिका है.

यूपी में जंगलराज : मंत्री और पुलिस के उत्पीड़न से पेरशान बेबाक पत्रकार ने पेट्रोल डालकर खुद को जलाया

उत्तर प्रदेश का बुरा हाल है. पेड मीडिया की नजर सिर्फ केजरीवाल की आलोचना करने पर रहती है क्योंकि अभी केजरीवाल ने मीडिया को खिला पिलाकर मुंह बंद करना नहीं सीखा है. यही कारण है कि उत्तर प्रदेश से लेकर ढेर सारे प्रदेशों तक में चल रहा जंगल राज मीडिया की नजर से जानबूझ कर गायब रहता है क्योंकि इन सरकारों ने आन दी रिकार्ड और आफ दी रिकार्ड विज्ञापनों / पैसों से मीडिया का मुंह सिल रखा होता है. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में जो कुछ हुआ है, वह दहला देने वाला है. एक बेबाक पत्रकार को सोशल मीडिया पर लिखने की कीमत यह चुकानी पड़ी कि एक मंत्री उसे परेशान करने लगा और मंत्री के इशारे पर पुलिस गिरफ्तार करने के लिए पीछे पड़ गई. ऐसे में पत्रकार ने पुलिस के सामने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा लिया.

यूपी में जंगलराज : सुनिए समाजवादी पार्टी के शिक्षा मंत्रीजी के श्रीमुख से एक नौजवान को धाराप्रवाह गालियां

यूपी की समाजवादी पार्टी सरकार के मंत्री पंडित सिंह उर्फ विनोद सिंह

मंत्री जी की नाम हैं विनोद सिंह. गोंडा में इनका आतंक है. आतंक हो भी क्यों न. जब उनका मन करता है तो सीएमओ का अपहरण कर लेते हैं. मन करता है तो फोन मिलाकर किसी को गालियां देने लगते हैं. ताजा मामले में गोंडा के एक युवक आकाश अग्रवाल को मंत्रीजी ने सिर्फ इसलिए दर्जनों गालियां दे दी क्योंकि उस युवक ने हिंदुस्तान अखबार में छपी मंत्री जी की एक हरकत वाली खबर को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर दिया था. दरअसल हिंदुस्तान अखबार ने गोंडा में एक खबर छापी थी कि किस तरह मंत्री की गाड़ी में लगी काली फिल्म उतार दी गई. इसी खबर को गोंडा के नौजवान आकाश अग्रवाल ने अपनी फेसबुक पर लगा दिया.

यह क्या… अपने डीजीपी तो खड़े हो गए गुंडों के साथ

लखनऊ। यह एक ऐसी खबर है जिस पर आपको भरोसा नहीं होगा, मुझे भी नहीं हुआ था। आइये आपको बताते हैं एक ऐसा वाक्या जिसने पूरी यूपी पुलिस के दामन पर ऐसा दाग लगाया है जो मुश्किल से छूटेगा। जब पुलिस का सबसे बड़ा अफसर गुंडों की पैरवी में दिन-रात एक कर दे तो भला कानून का ध्यान कौन रखेगा। अपने डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने जो कारनामा कर दिया है वैसा कारनामा आज तक शायद किसी डीजीपी ने नहीं किया होगा।

किसान खुदकुशी मामले में आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने बाराबंकी के डीएम के बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया

Surya Pratap Singh : बाराबंकी में सत्ता की चौखट पर आशाराम ने फ़ासी लगाई. बैंकों और सूदखोरों के तगादे से त्रस्त किसान आशाराम ने शनिवार देर रात बाराबंकी में डीएम आवास के सामने पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी. रविवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों व एडीएम पीपी पॉल ने पुलिस को सूचना दी. आशाराम ने डीएम के नाम संबोधित दो पेज के सूइसाइड नोट में सूदखोरों के दबाव की बात लिखने के साथ ही सीएम से अपने अंतिम संस्कार में शामिल होने का आग्रह भी किया है.

यूपी कैडर के वरिष्ठ आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने लोकतंत्र और चोरतंत्र के बीच अंतर समझाया

Surya Pratap Singh : लोकतंत्र (DEMOCRACY) और चोर-तंत्र (KLEPTOCRACY) का रोचक अंतर… लोकतंत्र का सीधा मतलब है – लोगों के लिए, लोगों के द्वारा, लोगों की सरकार है. लोगों के लिए सरकार का मतलब: सरकार का एकमात्र उद्देश्य जनसामान्य की प्राथमिकताएं व आकांक्षाओं को पूरा करना. लोगों के द्वारा सरकार का मतलब: सरकार लोगों के द्वारा चुनी जाये तथा चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो. लोगों की सरकार का मतलब: सरकार में मंत्री गण या चलाने वाले सही मायने में लोगो के बीच से हों- जनता सच्चे व् ईमानदार व्यक्ति को ही अपना मंत्री देखना चाहती है जो सद्चरित्र भी हों.

‘Holiday politics’ challenged in HC

IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur today filed a Petition in Allahabad High Court, Lucknow Bench as regards the ‘holiday politics’ being played by the Uttar Pradesh government for the last few years. The petition says that the State government declares ‘public holidays’ under section 25 of Negotiable Instruments Act but for the last few years such holidays are being declared in a completely arbitrary manner solely for political considerations.

चंद्रशेखर आजाद नहीं, बलिया वाले चंद्रशेखर के हैप्पी बर्थडे पर सरकारी छुट्टी… यूपी सरकार के इस घटियापने का मतलब समझिए

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने आधिकारिक रिकार्ड में अपनी जन्मतिथि 1 जुलाई 1927 दर्ज कराई थी। आज भी रिकार्ड में जन्मतिथि के नाम पर यही तारीख अंकित है लेकिन उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार ने 17 अप्रैल को उनकी जयंती घोषित करते हुए इस दिन सरकारी कार्यालयों में अवकाश का आदेश जारी कर दिया। इस कारण चंद्रशेखर के साथ एक और विवाद जुड़ गया है। मजेदार बात तो यह है कि आम लोग यह नहीं जानते कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 17 अप्रैल को जिन चंद्रशेखर के नाम पर अवकाश घोषित किया है वे सोशलिस्ट नेता चंद्रशेखर हैं।

यूपी में किसान की मौत और आदिवासी नेता पर पुलिसिया फायरिंग से मुलायम-अखिलेश का असली चेहरा उजागर

लखनऊ 14 अप्रैल 2015। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के लोकसभा क्षेत्र आजमगढ़ के गांव सरायसादी में हुई किसान की मौत को रिहाई मंच ने सपा सरकार की किसान विरोधी नीति का एक और उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सूबे में किसान और उसके प्रति सरकार का रवैया क्या है। मंच ने सोनभद्र में कन्हार बांध के नाम पर गैरकानूनी ढ़ंग से किए जा रहे अधिग्रहण के खिलाफ अंबेडकर जयंती पर ‘संविधान बचाओ’ प्रदर्शन पर पुलिस फायरिंग की कड़ी भर्त्सना करते हुए दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

यूपी के दो परम भ्रष्टाचारियों यादव और प्रजापति को गुस्सा क्यों आता है?

Amitabh Thakur : मेरी पत्नी नूतन ठाकुर ने पिछले दिनों कई गलत काम किये हैं लेकिन उनमे सबसे गलत काम निश्चित रूप से नॉएडा के भले शेर अभियंता और देश के पूर्व युवराज के जिले के खनन बाबा के खिलाफ शिकायतें हैं. ये दोनों ऐसे लोग हैं जिनके सम्बन्ध में बच्चा-बच्चा यह मानता है कि उन पर साक्षात् लक्ष्मी की कृपा है, साथ ही यह भी मान्यता है कि इन दोनों ने तंत्र का मन्त्र पूरी तरह समझ लिया है और ऊपर से नीचे तक सभी जगह इनके पत्ते फिट हैं, और जो व्यवस्था में फिट है, जाहिर है वह हिट है. इसीलिए यादव प्रजापति बंधू पूरी तरह और बुरी तरह हिट हैं, सुपरहिट. इस तरह हिट कि इनके लिए स्वयं व्यवस्था खड़ी हो जाती है यह कहते हुए कि ये भोले हैं और भले भी.

यूपी में जंगलराज : एक और अन्नदाता ने की आत्महत्या, एक और किसान के सीने में घुसी पुलिस की गोली

यूपी में एक महीने में 67 किसानों ने की आत्‍महत्‍या कर ली। ये आंकड़ा झूठा है क्योंकि ये पिछले मार्च महीने में हुई किसान मौतों का जोड़ है। आज तो आधा अप्रैल भी गुजर रहा है। संख्या सैकड़ा पार कर चुकी है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और उसके साथ ही किसानों की सदमे से मौत और खुदकुशी का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। मौसम लगातार फसलों पर कहर बन कर टूट रहा है। करोड़ों अन्नदाताओं के घरों में अंधेरा पसरता जा रहा है। उन्हें अपनी मुसीबतों का कोई पारावार नहीं सूझ रहा है। अखबारी सूचनाओं पर यकीन करें तो सबसे खराब हाल उत्तर प्रदेश के मध्यक्षेत्र और बुंदेलखंड का है। यहां रोजाना मौतों की गिनती बढ़ती जा रही है। 

रामपुर में ‘नए नवाब’ का इशारा मिलते ही ‘चरस वाले बाबा’ नाम से कुख्यात एक सीनियर पुलिस अफसर जेल भेज देता है…

(आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर)


: एक आईपीएस अफसर की जुबानी, रामपुर में एक नेता के दहशत, आतंक और अत्याचार की कहानी : मैं और नूतन दो दिन के लिए रामपुर गए. वजह थी यह जानकारी कि वहां करीब 80 वाल्मीकि परिवार, जो लगभग 60 वर्षों से घर बना कर रह रहे थे, को जिला प्रशासन द्वारा अचानक उजाड़े जाने की बात कही जा रही है. हम 11 अप्रैल की शाम लगभग 5 बजे रामपुर पहुंचे और 12 को लगभग 12 बजे तक वहां रहे. इस दौरान हमने मौके को भलीभांति देखा और देखते ही यह बात समझ में आ गयी कि वाल्मीकि बस्ती के लोगों की बात पूरी तरह जायज़ है. कई दशकों से ये लोग पक्के मकान बना कर रह रहे हैं, पूरे के पूरे परिवार. उनके वोटर आईडी हैं, सभी सरकारी दस्तावेज़ हैं, नगर पालिका ने मकान नंबर दिए हैं.

लूट प्रदेश कह लीजिए या आतंक प्रदेश, चहुंओर मातम का नाम है उत्तर प्रदेश…. (सुनें आडियो टेप)

Yashwant Singh : गजब है उत्तर प्रदेश. भ्रष्टाचार और अराजकता का चरम है इस सूबे में. मीडिया वाले सूबे के युवा मुखिया अखिलेश यादव का चरण दबाने में लगे हैं. ज्यादातर समाजवाद का कोरस गा रहे हैं. कुछ एक जो बोल सकते थे, वे चुप्पी साधे हैं. मीडिया मालिक यूपी सरकार के भारी भरकम विज्ञापन तले दबकर एहसानमंद हैं. इन मालिकों के नौकर किस्म के पत्रकार सरकार से अघोषित रूप से मिले कैश या आवास या दलाली या अन्य सुविधाओं के कारण सरकार के खुलेआम या छिपे प्रशंसक बने हुए हैं. ऐसे में सच्चाई सामने नहीं आ रही.

सपा अध्यक्ष ने दरोगा की जीभ काट लेने की धमकी दी, आईपीएस अमिताभ ने की डीजीपी से जांच की मांग

वाराणसी : सपा सरकार के जमाने में जो न हो जाए, कम ही है. वाराणसी जिले के सिगरा थाने के लल्लापुर चौकी के दारोगा रामसरीख को पहले तो समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष राज कुमार जायसवाल ने फोन पर जीभ काटने की धमकी दी। इसके बाद एसएसपी ने कार्य की लापरवाही बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी को लाइनहाजिर कर दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक रिकॉर्ड आडियो वायरल हो गया। रिकार्ड में सुनाई दे रहा है कि सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जयसवाल दरोगा की जुबान काटने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही कई एसओ के जिला कार्यालय में बैठे होने की  बात कहते हुए बता रहे हैं कि कई दरोगा तुम्हारी शिकायत कर रहे हैं। तुम्हे लाइन में बैठा दूंगा। 

लखनऊ वाले पत्रकार संजय शर्मा ने अखिलेश यादव के लिए इमानदारी का सर्टिफिकेट जारी किया

Yashwant Singh : संजय शर्मा मित्र हैं. कई वर्षों से. उनके घर मेरा आना जाना है. दुख सुख के साथी रहे हैं. बदायूं से चलकर लखनऊ में जमने की उनकी कहानी प्रेरणादायी है. अपने दम पर आगे बढ़े हैं यानि सेल्फ मेड हैं. एक जमाने में सहारा के रिपोर्टर हुआ करते थे. अब लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकारों में से एक. प्रिंटिंग मशीन के मालिक हैं. वीकएंड टाइम्स नामक अपना अखबार निकालते हैं. मायावती जब यूपी की मुख्यमंत्री हुआ करती थीं तो संजय भाई सत्ता के पोलखोल के जरिए सीधे सीएम साहिबा से पंगा ले लिया करते थे. उनकी सरोकारी सक्रियता देखने लायक हुआ करती थी.

उन्नाव के किसानों पर लाठी चार्ज और मुकदमा अखिलेश सरकार को पड़ेगा महंगा

लखनऊ : रिहाई मंच ने उन्नाव के शंकरपुर गांव में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी) द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों पर लाठी चार्ज और मुकदमा दर्ज करने को प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीति करार देते हुए किसानों पर दर्ज मुकदमा तत्काल वापस लेने और दोषी शासन-प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मंच ने सपा सरकार को उसका चुनावी वादा याद दिलाते हुए कहा है कि वादे के मुताबिक वह अधिग्रहण की गई जमीन का मूल्य 6 गुने से अधिक दे तथा अधिग्रहण के दौरान किसानों की सहमति के बिना कोई जमीन अधिग्रहीत न की जाए।

गाजियाबाद में टीवी पत्रकार शिवम त्रिपाठी को लूटने के बाद पेड़ में बांध दिया

यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है. पूरे सूबे में जंगलराज कायम है. राजधानी लखनऊ हो या दिल्ली के करीब का जिला गाजियाबाद. हर कहीं बदमाश हावी हैं और पुलिस पर भारी पड़ रहे हैं. गाजियाबाद में टीवी पत्रकार के साथ जिस तरह की घटना हुई है वह रोंगटे खड़ा करने वाला है. क्रॉसिंग रिपब्लिक मोड़ के पास कट्टे और तमन्चे की नोक पर नोएडा में एक न्यूज चैनल में कार्यरत पत्रकार को हथियारबंद लुटेरों ने लूट लिया और उन्हें जंगल में पेड़ से बांधकर छोड़ दिया.

यूपी में जंगल राज : पुलिस वाले ने आठ साल के इस बच्चे के साथ क्या किया, देखें वीडियो

यूपी में पुलिस पहले से ही हैवान थी और आज भी है. कोई बदलाव सुधार नहीं आया है. फिरोजाबाद के थाना सिरसागंज में थाने के अन्दर पुलिस 8 वर्ष के मासूम बच्चे पर जुल्म ढा रही है. मासूम बच्चे को पट्टे से बर्बरता से मारती पुलिस इसे अपनी मर्दानगी का सबूत समझ रही है. पुलिस ने पॉकेट मारी के आरोप में 8 वर्ष के बच्चे पकड़ा था. थाने का हेड कांस्टेबल धनीराम इस बच्चे के लिए कैसे यमराज बन जाता है, देखिये यह कुछ सेकेंड्स का वीडियो…

यूपी पुलिस के सीओ आशुतोष मिश्रा की कारस्तानी : पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेंद्र तिवारी को छह साल जेल कटवा दिया

04 सितम्बर 2009 को क़स्बा अनंतराम, थाना अजीतमल, जिला औरैया में महेंद्र कुमार की हत्या हुई जिसमे अनिल कुमार त्रिपाठी नामजद हुए और पिच्चू मिश्रा आरोपों के घेरे में आये. विवेचना के दौरान विवेचक सीओ अजीतमल आशुतोष मिश्रा ने जबरदस्ती पिच्चू मिश्रा की जगह धर्मेन्द्र कुमार तिवारी पुत्र चंद्रशेखर को पुच्ची मिश्रा बताते हुए 11 सितम्बर 2006 को गिरफ्तार कर इटावा जेल भेज दिया जबकि वे जानते थे कि यह पिच्चू मिश्रा नहीं है.

गौरी हत्याकांड : यूपी पुलिस पर गंभीर मानवाधिकार हनन का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने कल अपने पति अमिताभ ठाकुर के साथ गौरी हत्याकांड के कथित घटनास्थल पर अभियुक्त की बहन डॉली से बातचीत के आधार पर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग और यूपी के डीजीपी को अभियुक्त के परिवार वालों के मानवाधिकार उल्लंघन के सम्बन्ध में शिकायत की है. डॉली ने इन्हें बताया था कि पुलिस गिरफ़्तारी की रात 12 बजे और फिर 4 बजे सुबह बिना महिला पुलिस के आई थी और उन लोगों ने डॉली सहित महिलाओं से अभद्रता की थी.

यूपी सीएम अखिलेश ने महज मौजमस्ती के लिए सरकारी पैसे पर विदेश टूर किया!

सरकारी खर्चों पर किए गये विदेश दौरों के बाद उन दौरों के दौरान सीखी गयी बातों को लेकर रिपोर्ट तैयार करना और उस पर अमल करना एक सामान्य प्रक्रिया है परंतु यूपी सीएम के सरकारी विदेश दौरे इस सामान्य प्रक्रिया से छूट प्राप्त श्रेणी में आते हैं. यह खुलासा लखनऊ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर संजय शर्मा की एक आरटीआई से हुआ है। दरअसल, संजय की आरटीआई के जवाब में उत्तर प्रदेश के गोपन विभाग के विशेष सचिव एवं जन सूचना अधिकारी कृष्ण गोपाल ओर से जो उत्तर मिला है, उसने अखिलेश के विदेश दौरों की पोल खोल दी है.

आईपीएस पर रेप का फर्जी आरोप लगाने वाली महिला का पति समाजवादी पार्टी का नेता निकला

: सीबीआई जांच की मांग : मेरे और मेरे पति अमिताभ ठाकुर पर गाज़ियाबाद की एक महिला द्वारा लगाए गए पूर्णतः फर्जी बलात्कार के आरोपों में आज हमें महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई. यह ज्ञात हुआ कि खुद को गरीब असहाय कहने वाली इस महिला के पति ‘वरिष्ठ’ सपा नेता हैं जो मोहल्ले में काम लायक रसूख और पहचान रखते हैं. इस तथ्य के सामने आने के बाद पूरे केस की वस्तुस्थिति देखते हुए मुझे पूर्ण विश्वास हो गया है कि यह षडयंत्र मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा उनके खिलाफ चल रही जांच में डराने और फंसाने के लिए कराया गया है.

आईपीएस अमिताभ ठाकुर बलात्कारी!

यूपी के भ्रष्ट नेताओं, भ्रष्ट मंत्रियों, भ्रष्ट अफसरों की आंख के किरकिरी बने जनपक्षधर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फंसाने की साजिशें जाने कब से चल रही हैं लेकिन अब इन साजिशों की गुणवत्ता थोड़ी उच्च होने लगी है. इनके मकान में चोरी कराने से लेकर इनकी पोस्टिंग रोकने, ट्रांसफर करते रहने, छुट्टी के आवेदन पर विचार न करने से लेकर हर कदम पर इनके लिए मुश्किलें व चुनौतियां खड़ी करने वाला उत्तर प्रदेश का भ्रष्ट सत्ता-सिस्टम अब इन्हें रेप के आरोपों में फंसाकर डिमोरलाइज करना चाहता है, नष्ट करना चाहता है. यह सब उन दिनों किया जा रहा है कि जिन दिनों अमिताभ ठाकुर और नूतन ठाकुर ने यूपी सरकार के एक भ्रष्ट मंत्री जो खनन का काम देखता है के अवैध खनन के कारनामों का लंबा चौड़ा कच्चा चिट्ठा मय प्रमाण लोकायुक्त को सौंप रखा है और पूरे प्रदेश में इसे लेकर हलचल मची हुई है.

यूपी के जंगल राज का नमूना देखिए… टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने पर दबाव, गाली और धमकी

Shashank Pandey Roushu : 15 मिनट पहले की घटना। भूतपूर्व विधायक हंड़िया इलाहबाद के पुत्र आजकल उनकी जगह पर विधायक हो गए हैं, उनकी आकस्मिक मृत्यु के कारण। अभी UP STATE BRIDGE CORP. LTD. ने बैरागिया नाला पर सेतु बनाने हेतु टेंडर निकल है। इस टेंडर में मैं भी भाग ले रहा हूँ और विधायक जी के बड़े भाई रिंकू भी। कल उन लोगों ने मुझ पर एवं सभी अन्य टेंडर फॉर्म लेने वालों के ऊपर दबाव बनाकर बाकी सबके फॉर्म ज़बरदस्ती ले लिए परंतु मैंने अपना फॉर्म उन्हें नहीं दिया और मैंने टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए फॉर्म भर कर जमा भी करवा दिया है।

इस ‘समाजवादी’ मंत्री अवधेश प्रसाद का सामंतवाद तो देखिए!

सेवा में, सम्पादक महोदय, सादर प्रणाम, फैजाबाद से एक खबर है। खबर इस तस्वीर पर आधारित है। तस्वीर में दिख रहे हैं उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार के समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद।  इन्हें उनका सरकारी अर्दली मकर संक्रांति के दिन बुधवार को खिचड़ी भोज से निकलने के बाद जूते पहना रहा है।

यूपी में जंगल राज : भ्रष्टाचारी घर में घुसकर हत्या कराने की धमकी दे रहे, पुलिस प्रशासन मौन साधे है

To: pmindia@nic.in, pmosb@nic.in, cmup@nic.in, csup@nic.in, manojksinha.bjp@gmail.com, manojsinha.mp@sansad.nic.in

दिनांक: 27/12/2014

सेवा में,

माननीय प्रधानमंत्री,

भारत सरकार, नई दिल्ली

विषय: ग्राम प्रधान छावनी लाइन गाजीपुर उ० प्र०, इस ग्राम प्रधान के पति तथा परिजनों द्वारा किये गये विभिन्न भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर शिकायतकर्ता को जान से मारने की मिल रही धमकियों के सम्बन्ध में।

गायत्री प्रजापति धमकी के एफआईआर में लखनऊ पुलिस ने किया खेल

मुझे और मेरे पति पति आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को एक कथित टीवी पत्रकार द्वारा दी गयी धमकी में दी गयी शिकायत पर गोमतीनगर थाने में पूरी तरह गलत तरीके से एफआईआर दर्ज की गयी है. मेरे प्रार्थनापत्र के अनुसार मामला 506 आईपीसी तथा 66ए आईटी एक्ट 2000 का संज्ञेय अपराध बनता है लेकिन थानाध्यक्ष ने इसे सिर्फ धारा 507 आईपीसी के असंज्ञेय अपराध में दर्ज किया. आम तौर पर धमकी देने पर 506 आईपीसी का अपराध होता है जबकि 507 आईपीसी तब होता है जब कोई आदमी अपना नाम और पहचान छिपाने की सावधानी रख कर धमकी देता है.