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यूपी में जंगलराज : अमेठी में यौन उत्पीड़न की शिकार महिला के परिजनों को मिल रही धमकियां

लखनऊ : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी स्थित मुंशीगंज थाने में 30 जनवरी को यौन हमले की कोशिश का एक मुकदमा धारा 354, 7, 8 के तहत दर्ज कराया गया है। पीड़ित पक्ष शाहगढ़ ब्लॉक स्थित एक गाँव का है। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनके नाम हैं नीरज व हरीश, मौजी का पुरवा और मुंशीगंज स्थित कटरा निवासी मनीश। बिल्कुल शरू में ही आरोपियों से संबंध रखने वाले दबंगों ने पूरी कोशिश की कि मामला थाने में ही दर्ज न होने पाये और इसके लिए थानेदार को बाकायदा विश्वास में लिया गया। इसी कड़ी में पीड़िता के घर जाकर दंबंगों ने शपथ-पत्र व दूसरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए और परिजनों को अपमानित किया।

लखनऊ : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी स्थित मुंशीगंज थाने में 30 जनवरी को यौन हमले की कोशिश का एक मुकदमा धारा 354, 7, 8 के तहत दर्ज कराया गया है। पीड़ित पक्ष शाहगढ़ ब्लॉक स्थित एक गाँव का है। जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, उनके नाम हैं नीरज व हरीश, मौजी का पुरवा और मुंशीगंज स्थित कटरा निवासी मनीश। बिल्कुल शरू में ही आरोपियों से संबंध रखने वाले दबंगों ने पूरी कोशिश की कि मामला थाने में ही दर्ज न होने पाये और इसके लिए थानेदार को बाकायदा विश्वास में लिया गया। इसी कड़ी में पीड़िता के घर जाकर दंबंगों ने शपथ-पत्र व दूसरे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए और परिजनों को अपमानित किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते बदले की भावना से यह शर्मनाक कृत्य करवाया गया। अंततः जब थाने में मुकदमा कायम हो गया तो बौखलाए हुए अभियुक्तों ने पीड़िता के पिता को धमकाया कि उल्टे तुम्हें ही किसी मुकदमे में फँसाकर जेल भिजवा देंगे, थाने में कुटाई होगी सो अलग। पीड़ित पक्ष ने अपनी भाषा और अपने तरीके से यह बात स्पष्ट कर दी है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन और स्थानीय मीडिया को मैनेज कर लिया गया है।

बहरहाल, पीड़िता का परिवार बेदह सदमे में है और एकदम से डरा हुआ है। दबंगों ने किसी जानकार वकील से शपथपत्र व दूसरे कागजात तैयार करवा कर पीड़िता और उसके घर वालों से हस्ताक्षर करवा लिये हैं, ताकि मामले को अदालत में पहली ही पेशी पर खारिज करवाया जा सके। पीड़िता के पिता ने यह भी आशंका जाहिर की है कि अब बयान बदलवा लेने के बाद अदालत में खुद उसके ही खिलाफ कार्यवाही करवाई जा सकती है कि झूठा मुकदमा क्यों कायम करवाया?

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि कुछ छुटभैया नेताओं ने दबाव बनाने की योजना के तहत मुकदमे की नकल थाने से प्राप्त कर ली, ताकि यह ‘समझाया’ जा सके कि देखो भइया लड़की का मामला है, आगे चलकर काफी बदनामी होगी। इस बात का पता नहीं चल पाया है कि जिस शपथपत्र और दूसरे कागजात पर पीड़ित पक्ष से जबरिया हस्ताक्षर करवाये गये हैं, क्या वे पुलिस के भी पास हैं या नहीं। संवेदनशील-सरोकारी लोगों के समर्थन-सहयोग से क्या पीड़ित पक्ष को यकीन दिलाया जा सकता है कि चुप्पी तोड़ो और अपने खिलाफ अन्याय का डटकर प्रतिकार करो, हम तुम्हारे साथ हैं, इस सवाल का उत्तर मिलना अभी बाकी है।

कामता प्रसाद की रिपोर्ट.

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