ग्राम प्रधानों से उगाही करने वाला फर्जी पत्रकार धरा गया, देखें वीडियो

प्राइवेट जॉब से ज्यादा पत्रकारिता में है पैसा…. ब्यूरो चीफ ने ऐसी दी ‘शिक्षा’ की चेला पुलिस के गिरफ्त में आ गया….

रायबरेली से खबर है कि पत्रकारिता के नाम पर ब्लैकमेलिंग करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. किस तरह बेरोजगार लड़कों को अपराध करने पर मजबूर किया जा रहा है, यह इस खबर से युवक की दास्तान सुनने से मालूम चल जाता है.

रायबरेली में खुद को फ़ास्ट न्यूज़ का ब्यूरो चीफ बताने वाले एक शख्स ने 20 साल के एक युवक को फर्जी पत्रकार बनाकर उगाही के काम में लगा दिया. जब यह 20 साल का युवक पुलिस के हत्थे चढ़ा तो सारी सच्चाई तोते की तरह उगल दिया. पुलिस कप्तान अनिल कुमार सिंह की प्रेस वार्ता में 20 साल के युवक कन्हैयालाल ने बताया कि फ़ास्ट न्यूज़ चैनल के ब्यूरो चीफ राज किशोर उसे अपने साथ अलग अलग गांव में ले गया और उगाही के काम पर लगा दिया.

पकड़े गए युवक ने बताया कि वह पहले गुजरात में सर्वे का काम करता था. उसकी जान पहचान राज किशोर से हुई. उसने कहा कि प्राइवेट जॉब छोड़ दो, इस काम से ज्यादा पैसा तो पत्रकारिता में उगाही से ही कमा लोगे. राजकिशोर ने युवक से कहा कि वह प्रधानों के पास जाए और कालोनी आवंटन समेत कई योजनाओं में गड़बड़ी किए जाने का हवाला देकर अवैध रूप से पैसा बना रहे प्रधानों को ब्लैकमेल करो व 5 से 10 हजार रुपये मांगों. इसके एवज में हम प्रधानों के खिलाफ उनके द्वारा की जाने वाली गड़बड़ी की ख़बर नहीं चलाएंगे.

युवक कन्हैयालाल ने कहा कि उसने मोबाइल से राजकिशोर की बात कुछ प्रधानों से करवाई जिसके बाद कुछ प्रधानों ने 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक दे भी डाले. लेकिन सरेनी क्षेत्र के एक प्रधान राकेश सिंह ने पत्रकार द्वारा अवैध वसूली किए जाने की शिकायत पुलिस से कर दी. पुलिस ने वसूली करने वाले फर्जी पत्रकार कन्हैयालाल को उसके निवास से दबोच लिया.

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि वह फर्जी पत्रकार है जो कि एक फर्जी चैनल के ब्यूरो चीफ बने राजकिशोर के झांसे में आ गया. पत्रकारवार्ता में सामने आए फर्जी पत्रकार ने बताया कि उसे यह काम करते अभी सिर्फ 4 दिन ही हुए थे. लेकिन उसे तो यही बताया गया कि पत्रकारिता तो इसी तरह से होती है. फिलहाल खुद को न्यूज़ चैनल का ब्यूरो चीफ कहने वाला राजकिशोर पुलिस की पकड़ से अभी तक दूर है.

देखें वीडियो, फर्जी पत्रकार क्या क्या बता रहा है…

ग्राम प्रधानों से उगाही करने वाला पत्रकार पकड़ा गया

प्राइवेट नौकरी छोड़कर फर्जी गुरु के झांसे में पत्रकार बनना महंगा पड़ा.. ग्राम प्रधानों से उगाही करते हुए पकड़ा गया… पुलिस के सामने तोते की तरह सच्चाई बोलने लगा… मामला यूपी के रायबरेली का है.

Bhadas4media ಅವರಿಂದ ಈ ದಿನದಂದು ಪೋಸ್ಟ್ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ ಶುಕ್ರವಾರ, ಜನವರಿ 25, 2019

रायबरेली से रवींद्र सिंह की रिपोर्ट.

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Pauri Journey – ये पत्रकार इस घनघोर पहाड़-जंगल में भटक क्यों रहे हैं?(भड़ास एडिटर यशवंत सिंह, पत्रकार राहुल पांडेय, पर्यावरणविद समीर रतूड़ी और युवा दीप पाठक की टीम का घनघोर जंगल में क्या कर रही है, जानिए इस वीडियो के जरिए.)

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