मोदी सरकार ने अखबार मालिकों को खुश किया, प्रसार भारती के बजट में कटौती!

मोदी सरकार की नीति रही है बड़े मीडिया हाउसों को खुश रखना. इसी के तहत छोटे अखबारों की मोदी सरकार ने कमर तोड़ दी और बड़े अखबारों को भरपूर लालीपाप दिया. बजट में भी मोदी सरकार ने अखबार मालिकों को राहत दी है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में न्यूज प्रिंट के आयात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी आधा कर दिया है. इस कदम से अखबार निकालने का लागत घट जाएगा. मोदी सरकार के इस फैसले से प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री प्रसन्न है.

न्यूज प्रिंट और लाइटवेट कोटेड पेपर के आयात पर पिछले साल जुलाई में दस प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगा दिया गया था. इस बजट में इसे घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है. इस निर्णय से अखबार मालिकों को प्रति टन न्यूजप्रिंट पर 1500 से 1700 रुपए की बचत होगी.

ज्ञात हो कि भारत में न्यूजप्रिंट की डिमांड 2.5 मिलियन टन सालाना है. अपने देश में साल भर में न्यूजप्रिंट उत्पादन करीब एक मिलियन हो पाता है. ऐसे में अखबार मालिकों को न्यूज प्रिंट आयात करना पड़ता है।

बजट में सूचना-प्रसारण मंत्रालय के लिए 4375.21 करोड़ रुपए आवंटित किया गया है जो पिछले साल से ज्यादा है. प्रसार भारती का बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम कर दिया गया है. पिछले वित्तीय वर्ष (2019-20) में ये 473 करोड़ रुपए था, लेकिन अब इसे घटाकर 370 करोड़ रुपए कर दिया गया है.

इस बजट में ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क डेवलपमेंट (BIND) को भी आवंटन किया गया है. वित्त वर्ष 2020 में आवंटित किए गए 227 करोड़ रुपए के मुकाबले कुल सूचना बजट घटाकर 220 करोड़ रुपए कर दिया गया है. सूचना क्षेत्र के लिए संशोधित बजट अनुमान 215 करोड़ रुपए है.

फिल्म क्षेत्र को 145.50 करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है.

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