नहीं रहे हरदिल अज़ीज़ वरिष्ठ पत्रकार राजीव मित्तल

राजीव मित्तल

वरिष्ठ पत्रकार राजीव मित्तल नहीं रहे. रात डेढ़ बजे उनका निधन लखनऊ में हो गया. अंतिम यात्रा आज सुबह उनके लखनऊ स्थित निज निवास (17, गुरुद्वारा रोड, लखनऊ) से हुई. राजीव मित्तल जी पत्रकारिता में 35 वर्ष से अधिक समय तक सक्रिय रहे. उन्होंने हिंदुस्तान, नई दुनिया, सहारा, जनसत्ता, दैनिक जागरण, अमर उजाला, बीआई टीवी, कल्पतरु आदि अखबारों-संस्थानों में काम किया. वे 15 वर्षों से अधिक समय तक सम्पादक रहे. राजीव जी के निधन के बाद पत्रकार शालू अग्रवाल ने उनके बारे में फेसबुक पर ये पोस्ट किया है-

Shalu Agrawal-

सर ऐसे तो न जाना था। मन भारी है, शब्द जैसे आपके साथ अंतिम यात्रा पर चले गए हों। सार्थक, सच्ची पत्रकारिता के पहरू आदरणीय राजीव सर अब महज़ यादों में हमारे साथ हैं। जबलपुर, आगरा, मेरठ, लखनऊ सर क्या क्या याद करें, कल ही तो बात हुई थी कहा था स्वास्थ्य नरम है। अमूमन हम इस मुद्दे पर चर्चा करते थे। मगर इस बार आप दौर चले जाएँगे ऐसा तो सोचा भी न था। देर रात डेढ़ बजे आंटी जी ने जब कहा शालू सर की तबियत बहुत बिगड़ गई है, मन घबरा रहा है बस तभी से आपके साथ गुज़रे हर पल का लम्हा आंखों में तैरता रहा। क्या पता था कि बस अब ये यादें ही रहेंगी।

सर आपके पत्रकारीय मूल्य, लेखन, किताबे, व्यवहार, जीवन के प्रति नज़रिया, जूनियर्स को हमेशा आगे बढ़ाकर रखना। मौके देना नए लोगों को ये सब खूबी कहाँ है आज के पत्रकारों में। नेताओं, माफियाओं, झूठे जनप्रतिनिधियों, चापलूसों को कभी इर्दगिर्द न फटकने देना। खुलकर लिखना, कड़वा लिखना। आज की पत्रकारिता में ऐसे मूल्य किसके पास हैं। कभी अपने सिद्धांतों को नहीं छोड़ा आपने। नई दुनिया मे हमारी पूरी टीम को इतना सिखाया कि आज भी आप सबके दिलों में बसते हैं। कैसे सहा जाएगा ये दुख। आपके किस्से, गीत, कहानियां अपने साथ आप ये सब भी ले गए। ईश्वर बडा निर्दयी है अभी 6 अप्रैल को ही आपसे आपके जन्मदिन पर बात हुई थी, और आज ये खबर।

फोन उठाते ही अबे ओ नालायक का सम्बोधन देना, कानो की ये आदत ऐसे न जाएगी सर। जबलपुर में अखबारी काम से लेकर हर साथी की मुश्किल समझना, दूर करना कितनी बातें हैं सर।

दुखी हूं बहुत…


वरिष्ठ पत्रकार गोविंद पंत राजू की प्रतिक्रिया देखें-

अलविदा राजीव… दुनिया में सबसे निर्मल, सरल और खरी खरी लिखने कहने वाले राजीव मित्तल का कल रात एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अंतिम संस्कार भी सुबह ही हो गया है। मस्तमौला राजीव नभाटा लखनऊ में हमारा साथी था। बी आई टी वी, जनसत्ता, हिंदुस्तान, अमर उजाला आदि में वरिष्ठ पदों पर रहा। राजीव जितना अच्छा पत्रकार था जितना अच्छा संपादक था उतना ही अच्छा इंसान था। राजीव बहुत याद आओगे तुम।


Satyam Varma- लखनऊ के हरदिल अज़ीज़, बेहद ईमानदार, अपनी शर्तों पर जीने वाले पत्रकार, लेखक, साहित्यप्रेमी, फ़िल्मप्रेमी, संगीतप्रेमी, हर उम्र के लोगों के बहुत प्यारे दोस्त राजीव मित्तल नहीं रहे। राजीव जी, आप बहुत याद आयेंगे।

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One comment on “नहीं रहे हरदिल अज़ीज़ वरिष्ठ पत्रकार राजीव मित्तल”

  • Bhupendra pratibaddh says:

    बहुत दुःखद। राजीव मित्तल के साथ जनसत्ता चंडीगढ़ में काम करने का मौका मिला था। खुशमिजाजी और साफगोई उनकी बातचीत और व्यवहार के अभिन्न व अटूट अंग थे। सिखाना, बताना, टोकना, दुरुस्त करना उनकी आदत-फितरत में शुमार था। बिदकना और चुनौती देना कोई उनसे सीखे।
    भावभीनी श्रद्धांजलि।
    भूपेंद्र प्रतिबद्ध, चंडीगढ़।

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