राजकमल झा और इंडियन एक्सप्रेस की टीम को मेरा लाल सलाम

Samar Anarya : Most of the Indians in Panama Papers are patriots like Amitabh Bachchan, Adani who keep chanting Bharat Mata Ki Jai. Some of them are even Padma Awardees. Bharat Mata ki Jai. पनामा पेपर्स में सामने आए ज़्यादातर भारतीय नाम अडानी से अमिताभ बच्चन जैसे राष्ट्रवादियों के हैं जो अक्सर भारत माता की जय बोलते रहते हैं। कुछ तो पद्म पुरस्कृत भी हैं! भारत माता की जय।

Virendra Yadav : छात्रों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, सोशल एक्टिविस्टों और वामपंथियों के बाद अब अखबार भी ‘देशद्रोही’ होते जा रहे हैं. ‘इन्डियन एक्सप्रेस’ का यह दुस्साहस कि ‘सदी के महानायक’ अमिताभ बच्चन, उनकी बहू ऐश्वर्या राय और अडानी आदि सरीखे ‘देशभक्तों’ को बेनकाब कर रहा है. जिन अमिताभ बच्चन की शपथ खाकर नैतिकता अपना कारोबार कर रही है, जो गुजरात के ब्रांड अम्बेसडर के रूप में अपनी आभा बिखेर रहे हैं और जिनकी महान छवि तले ज्ञानपीठ सम्मान भी कराह रहा है, ‘भारत माता’ के ऐसे भारत-पुत्र के बारे में राजकमल झा सरीखे अदना से अखबारनवीस का यह दुस्साहस कि वह ‘इन्डियन एक्सप्रेस’ में यह न्यूजस्टोरी छापे. अच्छा ही हुआ कि राजकमल झा असफल उपन्यासकार सिद्ध हुए. लगभग पंद्रह वर्ष पूर्व अंगरेजी उपन्यासों पर लिखे अपने लेख में मैंने इनके उपन्यास ‘दि ब्लू बेडस्प्रेड’ का पोस्टमार्टम किया था. साहित्य ने जिसे उलीच दिया वह पत्रकारिता का नगीना सिद्ध हुआ. तब मुझे नहीं पता था कि यह असफल उपन्यासकार एक दिन इतना साहसी और भंडाफोडू पत्रकार सिद्ध होगा. राजकमल झा और ‘इन्डियन एक्सप्रेस’ की टीम को मेरा लाल सलाम.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी अविनाश पांडेय समर और जाने माने आलोचक वीरेंद्र यादव के फेसबुक वॉल से.

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