‘रिपब-लिक टीवी’ मानें भाजपा की गुंडा वाहिनी, शेहला रशीद ने कुछ गलत नहीं किया!

Samar Anarya : अगर आपको लगता है कि रिपब-लिक टीवी वाले को भगा के शेहला रशीद डोरा ने कुछ गलत कर दिया है तो आप निहायक बेवकूफ हैं! क्या है कि नैतिकता और सिद्धांत दोनों उन पर लागू होते हैं जो खुद भी उन्हें मानते हों! और अगर आपको लगता है कि रिपब-लिक पत्रकारिता की नैतिकता मानता है, एक खबरिया चैनल है तो यह आपकी कम बुद्धि की दिक्कत है- हमारी नहीं!

राजकमल झा और इंडियन एक्सप्रेस की टीम को मेरा लाल सलाम

Samar Anarya : Most of the Indians in Panama Papers are patriots like Amitabh Bachchan, Adani who keep chanting Bharat Mata Ki Jai. Some of them are even Padma Awardees. Bharat Mata ki Jai. पनामा पेपर्स में सामने आए ज़्यादातर भारतीय नाम अडानी से अमिताभ बच्चन जैसे राष्ट्रवादियों के हैं जो अक्सर भारत माता की जय बोलते रहते हैं। कुछ तो पद्म पुरस्कृत भी हैं! भारत माता की जय।

पूरे देश में लाल सलाम गुंजा देने में मदद का शुक्रिया मोदी, ईरानी और बस्सी जी

जी, मैंने झूम के लाल सलाम के नारे लगाए हैं. न न, सिर्फ जेएनयू में नहीं, हम जी उन चंद लोगों में से हैं जो जेएनयू पहुँचने के बहुत पहले कामरेड हो गए थे. उन्होंने जिन्होंने महबूब शहर इलाहाबाद में लाल सलाम का नारा भर आवाज बुलंद किया है. पर जी तब हम बहुत कम लोग होते थे. तमाम तो हमारे सामने ही कामरेडी कह के मजाक उड़ाते थे हमारा. हम भी समझते थे कि बेचारे वो नहीं समझ रहे हैं जो हम समझ पा रहे हैं- रहने दो तब तक जब तक इनके सपनों की राष्ट्रवादी सरकार अडानी का बैंक कर्जा माफ़ करने के लिए इन मध्यवर्गीय भक्तों की भविष्य निधि पर टैक्स नहीं लगा देते.

एएनआई की बॉस स्मिता प्रकाश अब भी पूरी बेशर्मी से अड़ी हुई हैं

Samar Anarya : Myanmar rubbishes Indian claims of killing rebels inside its territory against contentions that it was on board! Abki baar, jhooth dar jhooth sarkar. कल दिन भर एएनआई द्वारा जारी फर्जी फोटो दिखा दिखा छाती 56 इंच करने के बाद आज रक्षा मंत्रालय प्रवक्ता का आधिकारिक बयान आ गया है कि रक्षा मंत्रालय ने कोई तस्वीर नहीं जारी की है. हाँ, एएनआई की बॉस स्मिता प्रकाश अब भी पूरी बेशर्मी से अड़ी हुई हैं- जारी नहीं अधिकृत की थी! https://goo.gl/p07ORX

शुक्र है, शशि थरूर साहब आप कामरेड न हुए वरना टीआरपीखोर कविता कृष्णन अब तक चुप न बैठती

Samar Anarya : कामरेडों के खिलाफ बिना किसी पीड़िता या पुलिस शिकायत के बलात्कार का किस्सा बना देने वाली श्रीमती कविता कृष्णन को सुनंदा पुष्कर की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गयी एफआईआर का नोटिस लेकर एक ट्वीट तक करने की फुर्सत नहीं मिली है. शुक्र है, शशि थरूर साहब आप कामरेड न हुए वरना…. पूछिये आपकी लिस्ट में हो तो कामरेडों की इस सुपारी किलर से https://www.facebook.com/kavita.krishnan (मेरे ऊपर मानहानि का मुकदमा कर सकती है, स्वागत है). मधु किश्वर की उस चेली को, टीआरपीखोर को, खुर्शीद मामले की साजिशकर्ता को मैं वही कहता हूँ जो वह है. मधु किश्वर का बनवाया वीडिओ बंटवाया था इस टीआरपीखोर ने. ये देखें: http://www.countercurrents.org/shukla130814.htm

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अलविदा बिपिन चन्द्रा, अलविदा बलराज पुरी.

Samar Anarya : अलविदा बिपिन चन्द्रा, अलविदा बलराज पुरी. अब भी याद है कि इलाहाबाद में साइकोलॉजी में एमए पूरा कर लेने के बाद सामने मौजूद दो विकल्पों में से एक चुनना कितना मुश्किल था. एक तो क्लिनिकल साइकोलॉजी जो इलाहाबाद शहर के बाद अपनी दूसरी माशूक थी तो एक तरफ वो इंकलाबी जज्बा जिसे क्रान्ति हुई ही दिखती थी.

कविता कृष्णन मार्का नारीवाद : यौन उत्पीड़न की शिकार पीड़ित छात्रा अगर शिकायत करे तो मार के उसका हाथ तोड़ दो

Samar Anarya : कविता कृष्णन ने सिखाया अपने संगठन को नया नारीवाद। यौन उत्पीड़न करो और पीड़ित शिकायत करने की हिम्मत करे तो मार के उसका हाथ तोड़ दो कि फिर कोई कभी हिम्मत न करे. यही सीख लेकर आइसा नेताओं के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत करने वाली छात्रा को आइसा कार्यकर्ताओं ने पीटा। शर्मनाक है यह. वामपंथ के नाम पर सबसे बदनुमा धब्बा। देखें खबर… http://goo.gl/yGnxtW

कथित कामरेड कविता कृष्णन : पाखंडी नारीवाद का पर्दाफाश


 

यशवंत पर लड़की छेड़ने का एफआईआर कराया इसीलिए वह मेरा विरोधी बन गया है : कविता कृष्णन

विवादित नारीवादी कविता कृष्णन से बिहार के गया जिले के चर्चित वकील मदन तिवारी ने फोन पर लंबी बात की.  कविता कृष्णन पर उठ रहे ढेर सारे सवालों, लग रहे ढेर सारे आरोपों को लेकर मदन तिवारी ने उनसे एक-एक कर विस्तार से बात की. पर अपने पाखंडी स्वभाव के अनुरूप कविता बात करते-करते मदन पर ही भड़क गई और उन्हें नानसेंस तक कह डाला. मतलब ये कि बातचीत करने तक का धैर्य नहीं दिखा सकी. यही हड़बड़ी वह राजनीति और नारीवाद में भी करती है जिसके कारण कई जेनुइन लोग बुरी तरह फंस गए, आत्महत्या करने को मजबूर हुए या उनकी इज्जत तार-तार कर दी गई. कविता की ओछी मानसिकता और टीआरपी खोर महिलावादी सक्रियता को लेकर एक बड़ा खेमा विरोध में खड़ा हो चुका है. इसी सबको लेकर मदन ने कविता से बातचीत की और उनका पक्ष जानना चाहा.

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कविता कृष्णन और गैंग का असल सच

Samar Anarya : तरुण तेजपाल और खुर्शीद अनवर मामले में तथ्यों की, तर्क की बात करने वाले सेकुलर रेप के समर्थक थे और शिकायतकर्ता (उनके लिए ‘पीड़िता”) का बयान अंतिम सत्य – कविता कृष्णन और गैंग। अब उनकी पार्टी के अकबर चौधरी और सरफ़राज़ हामिद के ऊपर यौन हिंसा का आरोप लगने पर श्रीमती कविता कृष्णन उनके बचाव में उतर आई हैं, ‘पीड़िता’ को शिकायतकर्ता बता रही हैं, उसके दूसरी पार्टी से जुड़े होने को लेकर उसके ऊपर अनर्गल आरोप लगा रही हैं. और उनकी समर्थक ‘नारीवादियां’ इस मुद्दे को उठा देने वालों को मानहानि की धमकी दे रही हैं. जाने दो जी, तुमसे न हो पायेगा, हो पाता तो मैंने कोई सच छोड़ा है? मुझ पर कर न पाये। जाओ, अपने सेकुलर रेपिस्टों को बचाओ, उन्हें जिन्होंने यौन हिंसा के लिए इस्तीफ़ा देकर जेएनयूएसयू की शानदार परम्परा को चार (लाल?) चाँद लगा दिए हैं. ( अविनाश पांडेय समर के फेसबुक वॉल से.)

श्रुति और उत्पला के सवालों का जवाब देने से डर क्यों रही भाकपा माले लिबरेशन की कविता कृष्णन?

Samar Anarya : अभी-अभी साथी Shruti Chaturvedi और Utpala Shukla ने श्रीमती कविता कृष्णन, पोलित ब्यूरो सदस्य, भाकपा माले लिबरेशन से कुछ सार्वजनिक सवाल पूछते हुए यह बयान जारी किया है. मैं सवालों से सहमति जताते हुए उसका अविकल हिंदी अनुवाद यहाँ पेश कर रहा हूँ-

Kavita Krishnan

जेएनयू यौन शोषण कांड : कुछ तो है जो Kavita Krishnan गैंग छुपा रहा है…

Samar Anarya : जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पर आरोपों के बारे में कुछ खरी खरी… कल तक लोगों पर पीड़िता का चरित्रहनन करने का आरोप लगाने वाली कविता कृष्णन जैसी फर्जी टीआरपी खोर नारीवादी इस मामले में शिकायतकर्ता को दूसरी पार्टियों का सदस्य बता के उसका चरित्रहनन कर रही हैं. सच यह है कि वह लेफ्ट सर्कल्स की ही नहीं,बल्कि उनकी पार्टी आइसा की ही करीबी रही है. दूसरी बात यह कि GSCASH शिकायत लेने के पहले स्क्रीनिंग करता है और प्रथम दृष्टया सबूत होने पर ही केस स्वीकार करता है. फिर अध्यक्ष और संयुक्त सचिव को इस्तीफ़ा क्यों देना पड़ा? कुछ तो है जो कविता कृष्णन गैंग छुपा रहा है?

Kavita Krishnan

क्या आपने इस मुद्दे पर कम्युनिस्टों की सुपारी किलर Kavita Krishnan का कोई बयान सुना?

Samar Anarya : जेएनयूएसयू के अध्यक्ष और संयुक्त सचिव ने यौन हिंसा का आरोप लगने के बाद इस्तीफा दिया. मगर आपने इस मामले में जहरीले प्रोफ़ेसर आशुतोष कुमार और टीवी नारीवादी और कम्युनिस्टों की सुपारी किलर कविता कृष्णन का कोई बयान सुना? कामरेड खुर्शीद अनवर मामले में तो ये दोनों देश भर में आरोपों की सीडी का प्रदर्शन प्रायोजित और फंड कर रहे थे. इस बार ऐसी चुप्पी क्यों? इसलिए कि आरोपी इनकी पार्टी के सदस्य हैं?

Kavita Krishnan कविता कृष्णन जैसी तथाकथित नारीवादियों का स्टैंड उनकी असलियत बेनकाब कर देता है : समर

अविनाश पांडेय ‘समर’


Samar Anarya : मैं सिर्फ यौन उत्पीड़न का आरोप लग जाने की वजह से जेएनयूएसयू के अध्यक्ष और संयुक्त सचिव को अपराधी नहीं मानता. न्याय की अपनी एक प्रक्रिया होती है और वह प्रक्रिया पूरी होने तक न शिकायतकर्ता पीड़ित नहीं, बस शिकायतकर्ता होती हैं और आरोपित अपराधी नहीं, बस आरोपी. पर इसका मतलब यह नहीं कि आप पर्चा लाकर पूरे कैंपस में चिपका दें. भले ही आपको अभी GSCASH की नोटिस न मिली हो (जिसके बाद आप यह कर ही नहीं सकते), यह शिकायतकर्ता पर अनाधिकार दबाव बनाने की कोशिश है. हां, उसके बाद इस मसले पर कविता कृष्णन जैसी तथाकथित नारीवादियों का स्टैंड उनकी असलियत बेनकाब कर देता है. सवाल पूछने वालों को GSCASH का हवाला देते वक़्त यह कैंपस भर के पोस्टर भूल जाते हैं. यूं भी मोहतरमा का इतिहास GSCASH से दोषसिद्ध पाए गए प्रोफेसरों को बचाने तक का रहा है. इनका गैंग ज्वाइन कर लीजिये और आप बलात्कार करके भी लौट आइये तो यह आपका बचाव करते घूमेंगी और आप दूसरे संगठन के कामरेड हों (संघी नहीं, उनसे इन्हें डर लगता है) और निरपराध हों तो भी यह जहरीले प्रोफेसर आशुतोष कुमार के साथ देश भर में फर्जी वीडिओ घुमा के आपको आत्महत्या पर मजबूर कर देंगी.