आईबीएन7 में कुल दस लोगों की बलि!

IBN7 में काम कर रहे मित्रों को लेकर एक बुरी ख़बर है। दो साल में सुमित अवस्थी के नेतृत्व में 4.5-5 टीआरपी लेकर आठवें-नवें पायदान पर झूलते रहने को अभिशप्त इस चैनल ने अब नया टोटका करते हुए करीब दस लोगों की बलि दे दी है, यानी उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। 2013 में जब लोगों को निकाला गया था तो इस चैनल ने हर व्यक्ति को उतने महीने की तनख़्वाह अतिरिक्त दी थी जितने वर्ष उसने चैनल में बिताये। लेकिन इस बार महज़ एक महीने का वेतन थमाकर इस्तीफ़ा ले लिया गया।

जिन लोगों की नौकरी गई है उनमें 10-12 साल से चैनल से जुडे़ सीनियर ई.पी. तस्लीम ख़ान के अलावा समीर चटर्जी, अनंत विजय और इक़बाल रिज़वी (तीनों डी.ई.पी) हैं। इसके अलावा चैनल के सीनियर एंकर आकाश सोनी और डा.प्रवीण तिवारी को से भी इस्तीफ़ा ले लिया गया है। ए.ई.पी. नौशाद अली के अलावा क्राइम एडिटर इंद्रजीत राय को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

कहा यह भी जा रहा है कि कुछ दिन पहले तक आउटपुट हेड की ज़िम्मेदारी संभाल रहे आर.सी.शुक्ला को भी फ़ोन पर बिस्तर बाँधने का हुक़्म जारी हो गया है। वे काफ़ी दिनों से दफ़्तर नहीं आ रहे थे। कुछ और लोगों का नंबर लगने की भी आशंका जताई जा रही है। जो लोग भी निकाले गये हैं उनकी ख़्याति निर्देश का पालन करने वालों की थी। जो पुराने लोग थे, उन्हें भी अपने काम का अच्छा अनुभव है। ऐसे में इस कत्लेआम का रिश्ता सिर्फ़ कारपोरेट क्रूरता से हो सकता है जो किसी की जिंदगी के तमाम खूबसूरत साल चूस कर उसे सड़क पर फेंक देने से हिचकती नहीं है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों को श्रमजीवी पत्रकार एक्ट के तहत लाना कितना ज़रूरी है। भारत की आज़ादी के बाद पत्रकारों को सेवा सुरक्षा यही सोचकर दी गई थी कि वे निर्भय होकर लिखें। न सरकार से डरें और न अपने लाला से। लेकिन अब हाल यह है कि डर-डर कर लिखने वालों के भी भविष्य का कोई भरोसा नहीं है।

आईबीएन7 में काम करते हुए छंटनी के शिकार हो चुके पंकज श्रीवास्तव की वॉल से.

(इस fb पोस्ट को प्रकाशित किए जाने के बाद आरसी शुक्ला ने भड़ास को सूचित किया है कि वे ibn7 में बने हुए हैं। उनके चैनल से हटाए जाने की खबर निराधार है।)

ये भी पढ़ें….



 

भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक करें- BWG-1

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code