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दैनिक जागरण ने सांसद का काला चिट्ठा खोलने वाले अपने रिपोर्टर को बाहर निकाला

मध्य प्रदेश के सीधी से खबर है कि संसदीय क्षेत्र-11 से शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्वाचित हुईं सांसद की असलियत देश के नम्बर एक कहे जाने वाले समाचार पत्र दैनिक जागरण में उजागर कर दिया तो सांसद ने जागरण के मालिकान से मिलकर रिपोर्टर को पवेलियन का रास्ता दिखवा दिया है. रिपोर्टर का नाम है रामबिहारी पांडेय. रिपोर्टर ने सीधी सांसद के आदर्श गांव में कोई काम नहीं होने की असलियत उजागर किया.

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मध्य प्रदेश के सीधी से खबर है कि संसदीय क्षेत्र-11 से शासन के नियमों को ताक पर रखकर निर्वाचित हुईं सांसद की असलियत देश के नम्बर एक कहे जाने वाले समाचार पत्र दैनिक जागरण में उजागर कर दिया तो सांसद ने जागरण के मालिकान से मिलकर रिपोर्टर को पवेलियन का रास्ता दिखवा दिया है. रिपोर्टर का नाम है रामबिहारी पांडेय. रिपोर्टर ने सीधी सांसद के आदर्श गांव में कोई काम नहीं होने की असलियत उजागर किया.

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साथ ही जिला मुख्यालय में बने उनके खुद के दो मंजिला बंगले में बिना मान्यता कालेज संचालित होने की खबर प्रकाशित कर दी। इसके बाद सांसद निधि से दी जाने वाली अनुदान राशि को अनुदान पाने वालों से वसूल करवाने की प्रमाणित खवर भी प्रकाशित की. इससे भड़की सांसद ने पहले रिपोर्टर को धमकाने के साथ खरीदने का प्रयास किया. जब बात नहीं बनी तो दैनिक जागरण के मालिकान से संपर्क साधा. मालिक भी भाजपाई, अखबार भी भाजपाई और सांसद भी भाजपाई. सांसद के प्रभाव में आकर दैनिक जागरण के मालिक ने रिपोर्टर को बाहर का रास्ता दिखा दिया. इस तरह सच्ची पत्रकारिता हार गई और धूर्त नेता जी गए. यही है आजकल के सिस्टम की सच्चाई और पत्रकारिता का अंदरुनी सच.

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