लाइव इंडिया चैनल की मूल कंपनी समृद्ध जीवन व इसके डायरेक्टरों पर मुंबई स्टाक एक्सचेंज और नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने लगाई पाबंदी

एक बड़ी खबर ये है कि लाइव इंडिया चैनल संचालित करने वाली चिटफंड कंपनी समृद्ध जीवन और इसके डायरेक्टरों पर मुंबई स्टाक एक्सचेंज व नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने पाबंदी लगा दी है. इस पाबंदी के बाद कंपनी अगर किसी किस्म का कारोबार या निवेश कराती है तो उसे अवैध माना जाएगा. ज्ञात हो कि समृद्ध जीवन कंपनी के नाम पर इसके मालिकों ने देश भर की जनता को हसीन सपने दिखाकर अरबों खरबों रुपये लूटे हैं और इस लूट को शादी ब्याह के नाम पर पैसे की तरह बहाया है. मुंबई स्टाक एक्सचेंज और नेशनल स्टाक एक्सचेंज द्वारा पाबंदी लगाने से संबंधित दस्तावेज नीचे दिए जा रहे हैं.

यह ध्यान रखें कि ये दस्तावेज देश के सारे न्यूज चैनलों और अखबारों के पास पहुंच चुके हैं लेकिन कोई इसे नहीं दखा रहा है क्योंकि समृद्ध जीवन कंपनी ने सत्ता और मीडिया को करोड़ों अरबों रुपये फेंक कर मैनेज कर रखा है. वैसे तो चैनल वाले छोटी से छोटी खबरें को बिग ब्रेकिंग बनाकर दिखाते हैं लेकिन समृद्ध जीवन और पीएसीएल जैसी कंपनियों के बड़े बड़े घटनाक्रमों को पी जाते हैं. समृद्ध जीवन पर पाबंदी संबंधी दस्तावेजों को भड़ास तक समृद्ध जीवन से जुड़े रहे एक ऐसे शख्स ने पहुंचाया है जिसने जनता के पैसे की नंगी लूट देखकर इस फ्राड कंपनी से इस्तीफा दे दिया और अब इस कंपनी को एक्सपोज करने में जुटा हुआ है ताकि फिर करोड़ों लोगों की अरबों खरबों रुपये की खून पसीने की कमाई डूब न सके. पढ़िए मेल और फिर देखिए दस्तावेज.

Dear Sir,

Please go through with the attachment. Bombay Stock Exchange and National Stock exchange banned smaruddha jeevan and his directors.

The third attachment is of RCS Punjab in which, the samruddha jeevan dont have the license to work in punjab but still he is doing business in punjab and doing fraud of crores.

Please also publish sebi order of 2nd sept 15, in which sebi instruct samruddha jeevan to refund the deposited amount in 3 months.

Regards

xyz

मुंबई स्टाक एक्सचेंज द्वारा समृद्ध जीवन को प्रतिबंधित किए जाने संबंधी पत्र….

नेशनल स्टाक एक्सचेंज द्वारा समृद्ध जीवन को प्रतिबंधित किए जाने संबंधी पत्र….

पाबंदी के बावजूद पंजाब में धड़ल्ले से उगाही करने वाले समृद्ध जीवन समूह की काली कथा को द ट्रिब्यून अखबार ने विस्तार से प्रकाशित किया लेकिन पुलिस प्रशासन और मीडिया को मैनेज करने वाला यह समूह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा और उगाही के कार्यक्रम को जारी रखे है.. द ट्रिब्यून अखबार में प्रकाशित विस्तृत खबर पढ़ने के लिए नीचे लिए आ रहे Next पर क्लिक कर दें>>

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *