13 लाख निवेशकों से 39 हजार करोड़ हड़पने वाला ‘समृद्ध जीवन’ का मोतेवार परिवार जेल में मौज काट रहा!

सैकड़ों निवेशकों की चिताओं पर सेंक रहे हैं रोटियां, सैकड़ों एजेंट और निवेशकों ने की आत्महत्या… मोतेवार परिवार की जेल में हो रही सरकारी मेहमान नवाजी, सरकार से लेकर विरोधी दल और सेबी बने तमाशबीन… मुंबई। 13 लाख से अधिक निवेशकों से लगभग 39 हजार करोड़ रुपए की माया अवैध तरीके से जमा करने वाले …

सहारा इंडिया अपने एजेंटों, फील्ड वर्करों और मोटीवेटरों को अपना कर्मचारी नहीं मानता!

सहारा इंडिया के चेयरमैन सुब्रत रॉय एक बड़ी खबर सहारा इंडिया कंपनी से आ रही है. कंपने कोर्ट में यह लिखकर दे दिया है कि उसका अपने कमीशन एजेंटों, फील्ड वर्करों और मोटीवेटरों से कोई संबंध नहीं है.

कैनविज समूह के चेयरमैन कन्हैया गुलाटी के पापों का घड़ा जल्द भरने वाला है

कैनविज टाइम्स की धोखाधड़ी के संबंध में आप लोगों को बताना चाह रहा हूं. लोगों को करोड़पति बनाने का ख्वाब दिखाकर लाखों लोगों को ठगने वाले कैनविज समूह के चेयरमैन कन्हैया गुलाटी के पापों का घड़ा जल्दी ही भरने वाला है. यूपी में फर्जीवाड़ा कर लोगों को चूना लगाने वाली कंपनियों की पोल यूं तो आए दिन खुल रही है, लेकिन अब वो दिन भी दूर नहीं जब कन्हैया गुलाटी के काले कारनामों का चिट्ठा चर्चा-ए-आम होगा

डिजिटल, अखबार और मैग्जीन बंद कराने पहुंचे लाइव इंडिया के एचआर हेड को करारा जवाब दिया मीडियाकर्मियों ने

इन दिनों लाइव इंडिया समूह की हालत बेहद खराब है. चिटफंड घोटाले समेत सैकड़ों केसों में फंसे लाइव इंडिया की मूल कंपनी समृद्धि जीवन के मालिक महेश मोतेवार और उनका पूरा परिवार सीबीआई के शिकंजे में है. महेश मोतेवार को सीबीआई ने रिमांड पर ले रखा है. हजारों करोड़ के घोटाले के मामले में फंसा यह चिटफंड समूह अपने मीडिया वेंचर को बचाने की सारी कोशिशें कर रहा है लेकिन पैसा न दिए जाने से इंप्लाई परेशान हैं. दो महीने की सेलरी बकाया है.

दलाल पीआर और फ्रॉड बिल्डर के फेर में फंसे लखनऊ के पत्रकार

लखनऊ की पत्रकारिता रो रही है….इस शहर में बड़े-बड़े संपादक हुए देश दुनिया में नाम कमाया….बीबीसी से लेकर रायटर्स और कई चैनलों में बड़े ओहदों पर पहुंचे पत्रकार इसी शहर की देन हैं….इतना ही नहीं वालस्ट्रीट जर्नल और गल्फ टुडे जैसे बड़े समूहों में अच्छे पदों पर पहुंचे कई नामचीन पत्रकार लखनऊ के पत्रकारिता से ही ककहरा सीखकर आगे बढ़े हैं..लेकिन अब जो यहां देखने को मिल रहा है उससे लग रहा है ज़हर खाकर जान दे दूं या पत्रकारिता को अलविदा कह दूं…..

टीवी चैनल चलाने वाला एक और चिटफंडिया मालिक निवेशकों को लूटने के लिए तैयार…

Vishwamitra India Parivar भी निवेशकों को लूटने के लिए तैयार, सुनिए इस मुखिया की वीडियो अपील… VIP यानि vishwamitra india parivar का chief manoj chand है. ये VIP नाम से वेस्ट बंगाल से टीवी चैनल भी चलाते हैं और यह चैनल इन्होंने अपनी चिटफंड कंपनी से जमा रुपयों से खोली है. जिन लोगों ने निवेश किया पिछले 2 साल से, उनकी मेच्यूरिटी के रुपये खाकर बेठे हैं. रुपये लौटने का वादा किस तरह किया जा रहा है, यह इस वीडियो में देख सकते हैं. हालांकि उन्होंने चौथी बार ऐसा वादा किया है. लेकिन अब सबको लगने लगा है कि ये सबके रुपये डकार जाएगा.

‘लाइव इंडिया’ चैनल के मालिक मुंबई पुलिस से छूटे तो उड़ीसा पुलिस धर ले गई

समृद्ध जीवन नामक चिटफंडिया कंपनी का मालिक महेश मोतेवार जो लाइव इंडिया नामक न्यूज चैनल भी चलाता है, पिछले दिनों मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़ गया था. उस पर जनता को भरमाने, धोखा देने, पैसा हड़पने, गैर कानूनी चिटफंडी योजनाएं चलाने समेत कई आरोप हैं और वह काफी समय से फरार चल रहा था. सूत्रों का कहता है कि महेश मोतेवार ने कई वरिष्ठ पत्रकार और संपादक पाल रखे हैं जो उनके लिए लाइव इंडिया चैनल की आड़ में दलाली व लायजनिंग करते हैं.

भंगू का हाल में ही किडनी बदला गया है, जेल प्रशासन रखेगा ध्यान

देश के सबसे बड़े पौंजी घोटाले में गिरफ्तार पर्ल्स समूह के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू का अभी हाल में ही किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है. इस बात का उल्लेख उनके दो वकीलों ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान किया. भंगू के अधिवक्ता मनीष जैन और विजय अग्रवाल ने अदालत से कहा कि भंगू का हाल में किडनी प्रत्यारोपण हुआ है इसलिये जेल में उनकी नियमित जांच होनी चाहिये. साथ ही उनकी मेडिकल कंडीशन के मुताबिक इलाज व दवाइयां दिए जाने की मांग की. अदालत ने इस पर कहा कि जेल प्रशासन इसका ध्यान रखेगा. वकीलों की यह मांग भी कोर्ट ने मान ली कि उन्हें रोजाना एक घंटे अपने क्लाइंट यानि भंगू से मुलाकात की अनुमति दी जाए.

तिहाड़ जेल के हवाले हुए चिटफंड के सरगना भंगू और उनके गिरोह के प्रमुख सदस्य

चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के मालिक भंगू समेत कई घपलेबाजों को 14 दिन के लिये दिल्ली की तिहाड़ जेल में भेज दिया गया है। अदालत ने उसे और उसके साथियों को न्यायिक हिरासत में रखने का फैसला किया है। पर्ल्स समूह के सीएमडी और प्रबंधक निदेशक निर्मल सिंह भंगू और उसके तीन अन्य साथियों को 45,000 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी मामले में अदालत ने 14 दिन के लिए जेल भेजा है। अदालत ने कहा, ‘आरोपियों को 14 दिन के न्यायिक रिमांड के बाद अदालत में पेश किया गया। अब अगले 14 दिन की न्यायिक हिरासत के लिए एक याचिका दायर की गई है। आवेदन में दी गई वजहों के तहत इसकी मंजूरी दी जाती है।’

चिटफंड के ‘चैनलों’ से सावधान! मीडियाकर्मियों की जिंदगी नरक बना देते हैं ये

नई दिल्ली: एक का दो और दो का चार बनाने का दावा करती हैं चिटफंड कंपनियां. कंपनियां कुछ ही समय में लखपति बनाने का सपना दिखाती हैं और इनके लालच में आ जाते हैं गरीब और आम निवेशक. लोगों से लिए गए पैसों से चिटफंड कंपनियां संपत्तियां खरीदती हैं और जब निवेशक पैसा वापस मांगते हैं तो उन्हें दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया जाता है पर आज की कहानी ये नहीं है. आज हम बता रहे हैं किस तरह चिटफंड कंपनियां अपने कारोबार को चमकाने के लिए न्यूज चैनल और अखबार शुरू करती हैं और फिर निवेशकों का पैसा डूबने के बाद पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बर्बाद होने के लिए छोड़ देती हैं.

अंतत: अरेस्ट हो गए चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के दिग्गज निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य

सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पीएसीएल व पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा इनके तीन सहयोगी एमडी सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पोंजी स्कीम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।

साईं प्रसाद के मालिक शशांक भापकर भी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में

मुबंई से सूचना है कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के तीसरे मालिक की भी गिरफ्तारी कर ली है. कंपनी के चेयरमैन बालासाहेब भापकर के बेटे शशांक भापकर को परसों गोवा के मडगांव के एक बंगले से गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि शशांक भापकर गोवा में नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे. उन पर आर्थिक अपराध शाखा की पैनी नज़र थी.

पीएसीएल वाले निर्मल सिंह भंगू के कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी

पीएसीएल और इसके प्रमोटर रहे निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के कई शहरों में पीएसीएल के दफ्तरों पर छापे मारे। ईडी निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से जुटाई गई करीब 60 हजार करोड़ रुपये की राशि के मामले में मनी लांड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। यह राशि कई पोंजी स्कीमों के जरिये जुटाई गई।

महेश मोतेवार दो दिन के रिमांड पर, 58 जगहों पर छापे, सतीश के सिंह भी नपेंगे

विवादित निवेश योजना की समृद्ध जीवन कंपनी में चिटफंड घोटाला के संबंध में कंपनी के प्रबंध निदेशक महेश मोतेवार के पुणे के 40 कार्यालयों समेत 58 जगहों पर पुलिस व सीबीआई टीमों ने छापा मारा है. गिरफ्तार मोतेवार को उस्मानाबाद की उमरगा अदालत ने दो दिन यानि 31 दिसंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. मोतेवार को उस्मानाबाद पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है महेश मोतेवार की मीडिया कंपनी में सतीश के सिंह भी डायरेक्टर हैं और वे लंबे समय से मोतेवार के इशारे पर तरह तरह के काम करते आए हैं. पुलिस और सीबीआई की टीम सतीश के सिंह से भी पूछताछ कर सकती है क्योंकि मोतेवार के ढेर सारे राज इस वरिष्ठ पत्रकार के पास सुरक्षित हैं.

लाइव इंडिया का मालिक महेश मोतेवार चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार

हिंदी न्यूज चैनल ‘लाइव इंडिया’, मराठी न्यूज चैनल ‘मी मराठी’, लाइव इंडिया नाम से अखबार और मी मराठी नाम से अखबार की संचालक कंपनी समृद्ध जीवन के एमडी व चेयरमैन महेश मोटेवर उर्फ महेश किसान मोतेवार को चिटफंड घोटाले के चलते गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर है. सेबी ने समृद्ध जीवन फूड्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था.

लाइव इंडिया चैनल की मूल कंपनी समृद्ध जीवन व इसके डायरेक्टरों पर मुंबई स्टाक एक्सचेंज और नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने लगाई पाबंदी

एक बड़ी खबर ये है कि लाइव इंडिया चैनल संचालित करने वाली चिटफंड कंपनी समृद्ध जीवन और इसके डायरेक्टरों पर मुंबई स्टाक एक्सचेंज व नेशनल स्टाक एक्सचेंज ने पाबंदी लगा दी है. इस पाबंदी के बाद कंपनी अगर किसी किस्म का कारोबार या निवेश कराती है तो उसे अवैध माना जाएगा. ज्ञात हो कि समृद्ध जीवन कंपनी के नाम पर इसके मालिकों ने देश भर की जनता को हसीन सपने दिखाकर अरबों खरबों रुपये लूटे हैं और इस लूट को शादी ब्याह के नाम पर पैसे की तरह बहाया है. मुंबई स्टाक एक्सचेंज और नेशनल स्टाक एक्सचेंज द्वारा पाबंदी लगाने से संबंधित दस्तावेज नीचे दिए जा रहे हैं.

Samruddha Jeevan Fraud : महेश किशन मोटेवार समेत तीन डायरेक्टरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश

लाइव इंडिया न्यूज चैनल संचालित करने वाली चिटफंड कंपनी समृद्धि जीवन के डायरेक्टरों महेश किशन मोटेवार, संतोष पायगोडे और राजेंद्र भंडारे की संपत्ति कुर्क करने के आदेश ग्वालियर की एक अदालत ने दिए हैं. इन तीनों डायरेक्टरों की संपत्ति कुर्क करने के आदेश रोकने को लेकर दाखिल याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है. तीनों के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं.

Samruddha Jeevan Fraud : अब तो मान लीजिए ‘समृद्ध जीवन’ फ्रॉड चिटफंड कंपनी है, पढ़ें ये 30 पेज की सरकारी जांच रिपोर्ट

कथित मुख्यधारा के मीडिया घराने चिटफंड कंपनियों के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड पर लंबी चुप्पी साधे रहते हैं, दिखाते भी हैं तो बस दो चार सेकेंड के लिए या नीचे पट्टी पर चला कर मुंह सिल लेते हैं. वैसे तो छोटे व गैर-जरूरी मसलों पर दिन भर मुंह फाड़े चिल्लाते रहते हैं लेकिन चिटफंड कंपनियों के फर्जीवाड़े के खुलासे पर इन्हें सांप सूंघा रहता है. इसकी बड़ी वजह चिटफंड कंपनियों से मीडिया हाउसों की सेटिंग हैं. हजारों करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में घिरी चिटफंड कंपनियां मीडिया हाउसेज को मुंहमागी कीमत देकर उनका मुंह बंद रखने का काम करती हैं. इसी कारण लुटेरी चिटफंड कंपनियों के फ्राड पर न कभी कोई ‘प्राइम टाइम’ होता है, न कभी कोई ‘विशेष’ आता है और न ही ‘आज की बात’ होती है. ‘धड़ाधड़’ और ‘फटाफट’ खबरों में भी चिटफंड कंपनियों के फ्राड की खबरों पर खूब कृपा करके उन्हें बख्श दिया जाता है.

Sebi orders Samruddha Jeevan Foods India to repay investors money in 3 months

NEW DELHI: Markets regulator Sebi today asked Samruddha Jeevan Foods India and its directors to refund in three months money collected from investors through unauthorised cattle and goat farm schemes. The company and its directors — Mahesh Kisan Motewar, Vaishali Mahesh Motewar, Ghanshyam Jashbhai Patel and Rajendra Pandurang Bhandar — have also been barred from the capital market for four years. The Securities and Exchange Board of India (Sebi) has begun the probe after receiving complaints about the company agents promising “more than 12 per cent fixed returns and other unusual returns on investments in cattle and goat farms”.

पीएसीएल को निवेशकों का 49100 करोड़ रुपया लौटाने का आदेश बरकरार

मुंबई। भारतीय प्रतिभूति अपीलीय ट्राइब्यूनल (सैट) ने बाजार नियामक सेबी के उस आदेश पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया जिसमें प्रॉपर्टी डेवलपर पीएसीएल को निवेशकों का 49,100 करोड़ रुपया लौटाने का आदेश जारी किया गया था। सेबी ने अवैध सामूहिक निवेश योजना को लेकर पीएसीएल के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद पिछले साल सेबी के आदेश के खिलाफ पीएसीएल ने ट्रिब्यूनल में अपील किया था। लेकिन ट्रिव्यूनल ने पीएसीएल की अपील खारिज करते हुए उसे सेबी के निर्देशों पर तीन महीने में अमल करने को कहा।

पीएसीएल पर सेबी ने अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया, देने होंगे 7269 करोड़ रुपये

नई दिल्‍ली। बाजार नियामक सेबी ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) और इसके चार डायरेक्‍टर्स पर 7,269 करोड़ रुपए की पेनल्‍टी लगाई है। पीएसीएल को यह रकम 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। सेबी द्वारा किसी कंपनी पर लगाई गई यह सबसे बड़ी पेनल्‍टी है। सेबी के अनुसार पीएसीएल के डायरेक्‍टर्स तरलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रता भट्टाचार्य ने लोगों से अवैध तरीके से पैसा जुटाया है। इसके चलते कंपनी पर इतना बड़ा जुर्माना लगाया गया है। ज्ञात हो पर्ल और पीएसीएलल की तरफ से ही एक न्यूज चैनल पी7 न्यूज चलाया जाता था। साथ ही कई पत्रिकाएं भी निकाली जाती थीं। बाद में कंपनी के फ्राड का खुलासा होने और कई एजेंसियों के शिकंजे में फंसने के बाद ये मीडिया हाउस बंद हो गया। यहां के कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन के लिए लंबा आंदोलन चलाया जिसके बाद उन्हें उनका हक मिल सका। हालांकि अब भी ढेर सारे कर्मी अपना बकाया पाने के लिए भटक रहे हैं।

चिटफंड कंपनी ‘समृद्ध जीवन’ से सावधान, इसका भी हाल पीएसीएल और शारधा घोटाले वाला होने वाला है!

आजमगढ़ । समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज को0आपरेटिव सोसायटी के मेरठ ब्रांच के पूर्व शाखा प्रबंधक संदीप राय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज कोआपरेटिव सोसायटी के उपर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये सोसायटी देश में चल रही चिटफंड कंपनियों में अग्रणी है और इसका भी हाल पीएसीएल और शारधा चिट फंड घोटाले जैसी कंपनियों वाला होने वाला है। पीएसीएल और शारधा चिटफंड कंपनियों ने आम नागरिकों की 60 हजार करोड रुपये से भी ज्यादा की खून पसीने की कमाई को जी भर कर लूटा था। इसी कडी में अगला एपिसोड समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पज कोआपरेटिव सोसायटी का होने वाला है। राय ने कंपनी पर आरोप लगाते हुये प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सोसायटी प्रबंधन से कई बिंदुओं पर जवाब मांगा है।

साईं प्रसाद की मालकिन वंदना भापकर को कोर्ट ने जेल भेजा

चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद की मालकिन वंदना भापकर को रायपुर की एक अदालत ने जेल भेज दिया है. उन्हें पहले एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा था. रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. लाभ की आकर्षक स्कीमों का झांसा देकर कई सालों से छत्तीसगढ़ और देश के दूसरे शहरों में सक्रिय साईं प्रसाद और उससे सम्बंधित दूसरी कंपनियों पर CBI ने छापा मारी शुरू कर दी है. साथ ही देश के 30 से ज़्यादा शहरों में दस्तावेजी जांच पड़ताल शुरू हो गयी है. सूत्रों के अनुसार CBI की तीन टीमें रायपुर पहुंची जिसमे दिल्ली कोलकता और भिलाई के अधिकारी शामिल थे.

800 करोड़ का घोटालेबाज चिटफंडिया पुष्पेंद्र सिंह बघेल गिरफ्तार, ‘खबर भारती’ नाम से चैनल भी चलाया था

‘खबर भारती’ नाम से न्यूज चैनल चलाने वाले एक चिटफंडिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इंदौर से मिली सूचना के मुताबिक अवैध तरीके से बैंकिंग कारोबार करने वाली सांई प्रसाद इंटरप्राइजेज चिटफंड कंपनी के सीएमडी पुष्पेंद्र सिंह बघेल को भोपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसे इंदौर के राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के एक होटल से उस दौरान गिरफ्तार किया जब वह अपने ड्राइवर के नाम से रजिस्टर्ड एक चिटफंड कंपनी से जुड़े एजेंटों को ठगी करने के तरीके बता रहा था.

अब साईं प्रसाद ग्रुप संकट में, सेबी ने पैसे लौटाने को कहा, चेक बाउंस होने से निवेशक उबले

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुंबई आफिस से जारी एक खबर के मुताबिक बाजार नियामक सेबी ने चिटफंड कंपनी साईं प्रसाद ग्रुप को निवेशकों से उगाहे गए अवैध पैसे लौटाने को कहा है. साईं प्रसाद समूह द्वारा दो कंपनियां बनाकर विभिन्न स्कीमों के तहत जनता से पैसे उगाहे जा रहे थे. साईं प्रसाद फूड्स लिमिटेड और साईं प्रसाद प्रापर्टीज लिमिटेड के नाम से बनाई गईं इन दो कंपनियों के जरिए साईं प्रसाद समूह ने जनता से अरबों रुपये लिए. जनता को विभिन्न किस्म के प्रलोभन दिए गए.

दो चिटफंड कंपनियों विश्वामित्र इंडिया परिवार और एसपी किसान प्रोड्यूसर्स पर छापे, 21 जेल भेजे गए

रांची से खबर है कि गरीबों की मेहनत की कमाई लूटने वाली दो नॉन बैंकिंग कंपनियों पर छापामार कार्रवाई की गई है और दोनों को सील कर दिया गया है. इसके 21 कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया है. रांची में एसपी किसान प्रोडय़ूसर्स कंपनी लिमिटेड और विश्वामित्र इंडिया परिवार के ऑफिस में छापा मारा गया. इस कार्रवाई में 32 अधिकारियों और कर्मचारियों को हिरासत में लेकर कागजात जब्त किए गए और उनसे पूछताछ की गई. इसके बाद 21 कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया. छापामारी के दौरान पैसा गिनने वाली मशीन और गनमैन की राइफल और एक फर्जी लाइसेंस भी जब्त किया गया.

‘प्रजातंत्र लाइव’ के मीडियाकर्मियों ने कैंडल मार्च निकाल कर अपने चिटफंडिये मालिक को ललकारा

विवादित चिटफंड कंपनी समृद्ध जीवन द्वारा संचालित न्यूज चैनल लाइव इंडिया के अखबार ‘प्रजातंत्र लाइव’ के छंटनी के शिकार कर्मचारियों ने कैंडल मार्च निकाल कर अपना गुस्सा प्रकट किया और अपने चिटफंडिये मालिकों को ललकारा. हिंदी दैनिक अखबार प्रजातंत्र लाइव के प्रबंधन पर कर्मचारियों ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. दिल्ली पत्रकार संघ का समर्थन पाकर उत्साहित आंदोलनकारी कर्मियों ने लाइव इंडिया कार्यालय से जंतर मंतर तक कैंडल मार्च निकाला. मार्च में बड़ी संख्या में मीडियाकर्मियों ने भाग लिया. लाइव इंडिया प्रबंधन ने 12 मई 2015 को लगभग 50 कर्मचारियों को बिना कारण बताए संस्थान में प्रवेश पर रोक लगा दी थी. मार्च में शामिल पत्रकारों को डीजेए महसचिव आनंद राणा और प्रेस एसोसिएशन के सचिव (पीआईबी) मनोज वर्मा और डीजेए अध्यक्ष अनिल पांडे ने भी संबोधित किया.

चिटफंडिया ‘समृद्ध जीवन फाउंडेशन’ की मददगार बनी अखिलेश सरकार, निष्कासित मीडियाकर्मी संघर्ष की राह पर

पुणे से संचालित एवं पूरे देश में लूट का कारोबार फैला रखा ‘समृद्ध जीवन फाउंडेशन’ अब सेबी के डंडे से बचने के लिए राजनीतिक मदद तलबगार हो चुकी है। बताया जा रहा है कि राजनीति के घाट पर जुगाड़ बैठाने के लिए ही बसंत झा नामक प्राणी को संपादक की कुर्सी दी गई है। इस बीच समृद्ध जीवन फाउंडेशन से संचालित ‘मेसर्स प्रजातंत्र लाइव न्यूज पेपर, लाइव इंडिया’ (ब्रेनवर्क्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड) के खिलाफ नोएडा में डिप्टी लेबर कमिश्नर को पीड़ित-निष्कासित कर्मचारियों ने शिकायत पत्र दिया है। बताया गया है कि 30 अप्रैल 2015 से उनकी सेवाएं गैरकानूनी तरीके से समाप्त कर दी गई हैं। कंपनी ने उन्हें अप्रैल माह का अर्जित वेतन भी नहीं दिया है। 

‘लाइव इंडिया’ न्यूज चैनल के मालिकों के फ्रॉड पर सेबी ने लगाई रोक

सेबी (SEBI) यानि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने लाइव इंडिया न्यूज चैनल चलाने वाले मालिकों की एक कंपनी पेल (PAIL) यानि प्रास्परटी एग्रो इंडिया लिमिटेड के फर्जीवाड़े पर रोक लगा दी है। सेबी के आदेश के बाद अब इस कंपनी के लोग निवेशकों से पैसे नहीं उगाह सकेंगे। अपने आदेश में सेबी ने कंपनी के निदेशकों संतोष श्रवण माली, संतोष कालूराम, वानश्री तुकाराम, ह़षिकेश वसंत, दत्‍तारेय माधव यादव को कई आदेशों का पालन करने को कहा है।

पीएसीएल के निवेशक परेशान, भंगू ने सम्मन फेंका कूड़ेदान में, एजेंसियां लाचार

पीएसीएल के हजारों करोड़ रुपये के फ्राड के पीड़ित धीरे धीरे सामने आ रहे हैं लेकिन पूरे तंत्र को भंगू ने इस तरह साध लिया है कि कहीं पीड़ितों की आवाज तक नहीं उठ रही है. सहारा उगाही मामले में सेबी और सुप्रीम कोर्ट ने भले तल्ख रुख दिखाकर सुब्रत राय को अंदर कर दिया लेकिन भंगू मामले में सारी मशीनरी असहाय दिख रही है. भारतीय सेना के रिटायर अधिकारी केएल शर्मा ने अपनी बिटिया की शादी के मकसद से पीएसीएल में अपनी सेविंग को इनवेस्ट कर दिया था. यह बात 2007 की है. बीते साल यह निवेश मेच्योर हो गया. उन्होंने कुल पौन तीन लाख रुपये लगाए थे. कंपनी ने मेच्योरिटी पर जो देने का वादा किया था, उसे तो छोड़िए, सेना के इस रिटायर अधिकारी को अपना मूल धन वापस नहीं मिल रहा. इस अधिकारी ने धन डबल होने के लालच में पैसा लगा दिया था.

सहारा वालों ने बिहार के सीएम के गांव की बूढ़ी लाचार महिला का सवा तीन लाख रुपये हड़पा

Regarding SAHARA maturity not paid to investor

Yashwant Sir,

Editor, www.Bhadas4Media.com

My mother Saroj Singh 70 years old is illeterate. Her SAHARA a/c control no- 20719201775, date 15-12-2003 maturity amount Rs 320000/-. Without her permission by keeping her in dark maturity amoung fixed in other scheme Receipt no-034005534023-43, Date 19-09-2014, Amount Rs 320000/-. This is the case of Bihar CM village Harnauth branch code (2071). branch Manager Mr Vijay Singh-09939205612, 09471004666.

‘लाइव इंडिया’ न्यूज चैनल : सेलिब्रिटी कॉन्ट्रेक्ट के नाम पर चैनल के अंदर-बाहर के लोगों ने बनाया पैसा!

पूरी कहानी को समझने के लिए सबसे पहले इस यूट्यूब लिंक ( https://www.youtube.com/watch?v=KZPOILhTRf4 ) पर क्लिक करके वीडियो देखें जो महाराष्ट्र टीवी पर प्रसारित खबर है. इसमें रोशनी चोपडा, जो एकंर हैं, इस समय लाइव इंडिया के साथ वर्ल्ड कप के लिए जुडी हैं, की चीटिंग की कहानी है. आरोप है कि प्रोडक्शन हाउस को धोखा इस वजह से किया गया क्योंकि इस कांट्रेक्ट के जरिए लाइव इंडिया चैनल से जुड़े टॉप लोगों ने पैसे बनाए.

हाई कोर्ट का आदेश- सहारा क्यू शॉप के खिलाफ शिकायत की सेबी जांच करे

चिटफंडियों के खिलाफ देश में चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता उस वक्त मिली जब इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) को आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा सहारा क्यू शॉप अग्रिम तथा बॉण्ड जारी किये जाने के सम्बन्ध में दी गयी शिकायत की जांच के आदेश दिए हैं. जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस राकेश श्रीवास्तव की बेंच ने कहा कि इन शिकायतों की जांच न्यायहित में आवश्यक है और उन्होंने सेबी को इन लोगों द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदन को तीन माह में निस्तारित करने के आदेश दिए.

पीएसीएल ने भारतीय तंत्र को दिखाया ठेंगा, पाबंदी के बावजूद जमकर उगाही जारी

चिटफंड कंपनी पीएसीएल को हजारों करोड़ रुपये का फ्रॉड करने के कारण भले ही सरकारी सिस्टम चौतरफा शिकंजे में लिए हो लेकिन इस कंपनी की सेहत पर कोई असर पड़ता दिख नहीं रहा है. कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भंगू के अघोषित आदेश के कारण पीएसीएल का पैसा उगाही अभियान जोरों पर जारी है. एक ताजे आंतरिक सर्वे में पता चला है कि इस कंपनी ने बिहार, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत भारत के बहुत बड़े हिस्से में निवेशकों को बरगलाकर पैसे जमा कराने का काम जारी रखा हुआ है.

(राजस्थान का कोटा शहर. यहां चिटफंड कंपनी पीएसीएल का चमचमाता बड़ा सा आफिस बीच शहर में जोर शोर से चालू है. यहां हर रोज लाखों रुपये निवेशकों का जमा कराया जाता है. पीएसीएल के एजेंट स्थानीय लोगों को लंबे चौड़े सपने दिखाकर पैसे जमा कराते हैं और खुद भारी भरकम कमीशन खाते हैं. यह खेल पूरे देश में जारी है. हालांकि सेबी, सुप्रीम कोर्ट समेत कई एजेंसियों संस्थाओं ने इस कंपनी पर पाबंदी लगाकर निवेशकों से पैसे जमा कराने पर रोक लगा दी है और पहले जमा कराए गए पैसे लौटाने को कहा है. पर पीएसीएल के कर्ताधर्ता भारतीय तंत्र को धता बताकर अपना धंधा जारी रखे हुए हैं.)

भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

दो बड़े अफसरों ने मतंग सिंह की गिरफ्तारी को रोकने का प्रयास किया था, जांच शुरू

: मतंग सिंह की गिरफ्तारी में अधिकारियों की भूमिका की जांच : केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक शीर्ष नौकरशाह और सीबीआई में एक संयुक्त निदेशक जांच के दायरे में हैं जिन्होंने सारदा घोटाला मामले में कुछ दिनों पहले गिरफ्तार हुए पूर्व कांग्रेसी मंत्री मतंग सिंह की गिरफ्तारी को कथित रूप से रोकने का प्रयास किया था . एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि समझा जाता है कि सीबीआई ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री कार्यालय को एक रिपोर्ट भेजी है.

मतंग सिंह की बुढ़ौती वैसे ही खराब हो गई जैसे महुआ वाले तिवारी जी की खराब हुई….

Yashwant Singh : तभी तो कहूं कि ये कथित राजा साहब उर्फ मतंग सिंह इतना मौज कइसे मारता रहा लाइफ में. एक लाइन शुद्ध हिंदी बोल न पाने वाला मतंग सिंह अपने करामाती हरामी दिमाग से अरबों खरबों अपने चरणों में गिराता रहा और सत्ता के बड़े बड़े लोगों को अपने कोठे पर बुलाकर ओबलाइज करता कराता रहा… इसने अपने घर आफिस हरम में तब्दील कर रखा था.. दर्जनों लड़कियों महिलाओं पर इसकी नजरें एक साथ होती थी.. गंदी गंदी बातें करता था … अंदरखाने राजनीति इस कदर खेलता कि बड़े बड़े खिलाड़ियों को पसीना छूटने लगता… अब पता चला है कि इसने काफी काला पीला किया था… चलो, जवानी तो इस बंदे ने लूटते हुए हंसी खुशी काट दी लेकिन बुढ़ौती बेचारे की बर्बाद हो गई… कुछ कुछ वैसे ही जैसे महुआ चैनल वाले तिवारी जी आजकल बुढ़ौती में तिहाड़ की रोटी खा रहे हैं… मीडिया के पापियों का नाश होने लगा है… सचमुच.

कई चैनलों के मालिक पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह सारधा घोटाले में अरेस्‍ट
https://bhadas4media.com/article-comment/3530-matang-arrest

1500 करोड़ के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी कमल सिंह का सबसे खास एजेंट मिहिर मौलिक जेल गया

जादूगोड़ा : झारखंड के राजकॉम 1500 करोड़ के चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी कमल सिंह के सबसे मुख्य एजेंट मिहिर मौलिक को जादूगोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसके बाद निवेशकों मे भारी खुशी का माहौल है. अब निवेशक जल्द से जल्द कमल सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. मिहिर मौलिक पर जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के रहने वाले कुशों मुखी ने ठगी, जातिसूचक गालीगलोच करने, चेक बाउंस होने एवं नौकरी के नाम पर 15 लाख रुपया ठगी का आरोप लगाकर जादूगोड़ा थाना मे मामला दर्ज़ करवाया. इसके बाद कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी अरविंद प्रसाद यादव ने मिहिर मौलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. उस पर चारसौबीसी एवं एसटीएससी समेत अन्य धाराओ में मामला दर्ज़ किया गया है.

PACL कंपनी दिवालिया, निवेशकों का धावा, मालिक भंगू फरार, सीबीआई टीमें कर रही तलाश

चिटफंड कंपनी पीएसीएल से एक बड़ी खबर आ रही है. इस कंपनी में पैसे लगाने वाले निवेशक इन दिनों बेचैन हैं. चर्चा आम है कि पीएसीएल कंपनी दिवालिया हो गई है. जो भी निवेशक परिपक्वता अवधि पूरे होने के बाद पैसे मांगने जाता है उसे कोई न कोई बहाना बनाकर बिना पैसे दिए लौटा दिया जाता है. इससे नाराज पीएसीएल के सैकड़ों निवेशकों ने पिछले दिनों पीएसीएल कंपनी के मालिक निर्मल सिंह भूंग के गुड़गांव स्थित घर के बाहर प्रदर्शन किया.

मुकर गए चिटफंडिये भंगू के चेले, नाराज पत्रकारों ने सेलरी के लिए पी7 आफिस में फिर अनशन शुरू किया

जनता के अरबों-खरबों रुपये दबाए बैठी चिटफंड कंपनी पीएसीएल की तरफ से एक चैनल शुरू किया गया था, पी7 न्यूज नाम से. अब जबकि पीएसीएल और इसके मालिक भंगू पर सीबीआई, ईडी, आईटी, सेबी समेत कई एजेंसियों ने पूरी तरह शिकंजा कस दिया है, इस कंपनी के प्रबंधन से जुड़े लोगों ने जनता का जमा धन लौटाने की बात तो छोड़िए, अपने कर्मचारियों तक का बकाया देने से इनकार करना शुरू कर दिया है. पी7 प्रबंधन ने एक बार फिर कर्मचारियों के साथ धोखा किया है.  पिछले दिनों हड़ताली कर्मियों और प्रबंधन के बीच हुए समझौते के मुताबिक प्रबंधन को कर्मचारियों को सैलरी 15 दिसंबर को देना था, लेकिन वो अब तक नहीं दिया है… इससे नाराज सौ से ज्यादा कर्मचारी आज से P7 ऑफिस कार्यालय में धरने पर बैठ गए हैं…

प्रतिरोध की आवाजों का नतीजा- सहारा जेल में, भंगू फरार

: तमाम कानूनों और सेबी को शक्ति दिए जाने के बावजदू अब भी बहुत आसान है जनता को ठग लेना : सचमुच लोकतंत्र में लोक यानी प्रजा यानि देशवासी ठगे जाने के लिए ही जन्मे हैं. राजशाही का तो ठगने के मामले में जनता पर पहला अधिकार है ही, अगर उसके बाद किसी को आसानी से ये अधिकार प्राप्त है तो वे हैं इस देश के नटवरलाल. फिर चाहे वे चिटफंड कम्पनियां बना कर लूटें या बुद्धू बना कर. जैसे लोकतंत्र में जनता को लूटने वाले नेताओं से सुरक्षा प्राप्त है फिर भी वह लुटती है और बार -बार लुटती है, जान बूझकर लुटती है, मानो उसे लूटा जाना ही उसकी नियति है वैसे ही बातों के मायाजाल में फांस कर इसी जनता को लूटने वालों से भी बचाने के लिए कानून है लेकिन फिर भी जनता लुटती है, क्योंकि कानून को ऐसे नटवरलाल जेब में रख कर चलते हैं.

सहारा की कई कंपनियां आज भी मार्केट से पूंजी उठाने में जुटीं हैं… कहां है सेबी?

चिटफंड कम्पनी टिम्बरवर्ल्ड के खिलाफ निर्णय सुनाते हुए दिल्ली की तीसहजारी कोर्ट ने सेबी के हुक्मरानों को भी खरी-खरी सुना दी. कोर्ट ने कहा है कि यदि नियामक संस्थाओं ने सुस्ती या लापरवाही न दिखाई होती और समय पर सख्त कार्यवाई की होती तो आज निवेशकों के करोड़ों रुपये डूबने से बच जाते. कोर्ट ने कम्पनी पर 25 करोड़ का जुर्माना लगाया है. इस कम्पनी ने नियमों की कमजोरी का फायदा उठाते हुए बाजार से सामूहिक निवेश के जरिये 22 करोड़ रुपये उठाये और फिर अन्य चिटफंड कम्पनियों की तरह कभी वापस नहीं किया.

सहारा ग्रुप अपने निवेशकों का धन वापस नहीं कर रहा, पढ़ें एक पीड़ित का पत्र

देवरिया : बड़े पैमाने पर जनता के धन को पानी की तरह से अपने सुख और ऐशो आराम में व्यतीत करने वाला सहारा ग्रुप अपने ग्राहकों/ निवेशकों / उपभोक्ताओं का धन परिपक्तवता अवधि पूर्ण हो जाने के बाद भी उसका भुगतान नहीं कर रहा है। जब भी इस सम्बन्ध में सहारा के कर्मचारी/अधिकारियों से बातचीत की जाती है वे कई तरह के बहाने बनाकर टरका दे रहे हैं। दबाव देने पर मारपीट और बलवा करने पर उतारू हो जाते हैं तथा जबरन झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं।

इनामी बदमाश और पुलिस का भगोड़ा मोदी राज में बन गया न्यूज चैनल का डायरेक्टर!

माननीय प्रधानमंत्री जी,  आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता हूं. कुछ बताना भी चाहता हूं. सवाल ये है कि एक पत्रकार और प्रबंधन में सूचना प्रसारण मंत्रालय कितना भेदभाव करता है? क्या आपको इसकी जानकारी है? मैं जानता हूं कि आपको नहीं होगी, क्योंकि आपने इस मंत्रालय को गंभीरता से लिया ही नहीं… यही वजह है कि केंद्र कि ये पहली सरकार है जिसने सूचना प्रसारण मंत्रालय को फुल टाइम मंत्री तक नहीं दिया है…

वरिष्ठ पत्रकार ललित पत्ताजोशी पर सीबीआई को शक है…

: सारदा घोटाले की आंच पहुंची मीडिया तक, सीबीआई ने की पूछताछ : भुवनेश्वर। सारदा चिट फंट में सीबीआई जांच की आंच अब पत्रकारों तक भी पहुंच गयी है। वरिष्ठ मीडियाकर्मी ललित पत्ताजोशी के घर सीबीआई ने छापा मारा। सीबीआई ने इस दौरान घंटों तक पत्रकार से पूछताछ की। सीबीआई के इस छापेमारी के बाद मीडिया की भी कलई खुलने लगी है। वरिष्ठ पत्रकार ललित पत्ताजोशी पर सीबीआई को शक है कि उनके सारदा चिट फंड घोटाले में आरोपी सुभांकर नायक से करीबी संबंध हैं।

क्रेडिट कोआपरेटिव सोसायटियों द्वारा बिना रिजर्व बैंक लाइसेन्स के किए जा रहे बैंकिंग कारोबार पर रोक

बाड़मेर : राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अम्बवानी एवं न्यायमूर्ति प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने बुधवार को एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए क्रेडिट कोआॅपरेटिव सोसायटियों द्वारा बिना रिजर्व बैंक लाइसेन्स के किए जा रहे बैंकिंग कारोबार पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने क्रेडिट सोसायटियों द्वारा ऋण देने एवं एटीएम लगाने जैसे बैंकिंग व्यवसाय करने वाली गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है।

बिहार में पीएसीएल के चार ठिकानों पर छापेमारी, बैकडेट में जमा करा रहे थे पैसे

बिहार में ‘जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम’ के तहत पहली बार आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने पर्ल एग्रो टेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के खिलाफ कार्रवाई की है. इओयू ने कंपनी के पूर्णिया, वैशाली, सासाराम और बिहारशरीफ स्थित कार्यालयों पर छापेमारी कर करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद किया और कुछ कार्यालय संचालकों और प्रबंधकों को गिरफ्तार किया. चारों जिलों में कंपनी के नौ निदेशकों सह प्रमोटरों पर एफआइआर दर्ज की गयी है.

सेबी का आदेश- पीएसीएल नामक कंपनी के पास कोई मान्यता नहीं, जनता पैसा न लगाए

सेबी ने अखबारों में विज्ञापन निकालकर आम जन को आगाह किया है कि वे पी7न्यूज चैनल चलाने वाली कंपनी / समूह ‘पीएसीएल’ नामक कंपनी में एक भी पैसा न लगाएं क्योंकि इस कंपनी के पास किसी तरह का कोई लाइसेंस या मान्यता नहीं है. सेबी का कहना है कि जो कोई भी इस कंपनी में पैसा लगाएगा या लगाए हुए है, वह खुद जिम्मेदार होगा और इसका जोखिम वह खुद झेलेगा. जनहित में जारी विज्ञापन की कटिंग इस प्रकार है…

चिटफंड घोटाले में फंसे पत्रकार कुणाल घोष की फोटो लेते वक्त मीडिया कर्मियों पर लाठी चार्ज

शारदा चिटफंड घोटाले में फंसे सांसद कुणाल घोष की फोटो ले रहे मीडिया पर कोलकाता पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया। पुलिस ने मीडिया कर्मियों पर उस समय पर लाठी चार्ज कर दिया जब वह कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के बाहर मीडियाकर्मियों पर लाठी चार्ज किया। दरअसल, पुलिस की ओऱ से अस्पताल में भर्ती कुणाल घोष की फोटो लेने से मना कर रही थी। सांसद कुणाल घोष ने गुरुवार को जेल में आत्महत्या का प्रयास किया था। सांसद घोष सारधा चिटफंड घोटाले के आरोपी हैं और आत्महत्या के समय वह जेल में थे।

दो परम चिटफंडियों सुब्रत राय और कुणाल घोष के दिन और मुश्किल हुए

: कुणाल घोष ने आत्महत्या की कोशिश की तो सुब्रत रॉय के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज हुआ : कोलकाता से खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद एवं सारदा घोटाला मामले में आरोपी कुणाल घोष ने शुक्रवार को प्रेसीडेन्सी सुधार गृह (जेल) में नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. घटना के बाद जेल अधीक्षक, डॉक्टर और ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया और पूरे प्रकरण की जांच के लिए गृह सचिव बासुदेव बनर्जी के नेतृत्व में समिति गठित की गयी है. साथ ही घोष के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पश्चिम बंगाल के सुधारगृह सेवा मंत्री एच ए सफवी ने कहा कि घोष ने दावा किया था कि उन्होंने नींद की गोलियों खा ली है. उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद से वह जेल में हैं.

पर्ल ग्रुप पर पीएफ डिपार्टमेंट का छापा, बड़ा गड़बड़-घोटाला मिला

पर्ल ग्रुप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले निवेशकों को सपना दिखाकर उनसे उनकी गाढ़ी कमाई लूट कर धोखा किया गया और अब पर्ल्स ग्रुप के अधीन चल रहे न्यूज़ चैनल ‘पी7’की स्थिति लगातार चरमराती चली जा रही है। जहाँ चैनल ने अपने कर्मचारियों को सितम्बर से अब तक सैलरी नहीं दी है और मामला लेबर कमिश्नर की चौखट पर है वहीं बेशरमी की हद पार करते हुए चैनल का एक और फ्रॉड सामने आया है।  ताजा मामला पीएफ से जुड़ा हुआ है।  बताया जा रहा है कि चैनल ने पिछले सात महीने से कर्मचारियों का पीएफ ही नहीं जमा किया है। इस बात की पुष्टि तब हुई जब पीएफ डिपार्टमेंट की स्क्वाड टीम ने शुक्रवार को दोपहर 12 बजे चैनल में छापा मारा।

‘पी7न्यूज’ में रमन पांडेय समेत कई वरिष्ठों की नो इंट्री, चैनल की कमान उदय सिन्हा को

जब लुटिया डूबती है तो हर कोई इसके आगोश में आ जाता है।  कुछ ऐसा हाल इन दिनों पर्ल्स ग्रुप के चैनल “पी7” का है। खिसयानी बिल्ली खम्बा नोचे वाली कहावत के तहत पी7 चैनल का मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों के साथ बदतमीजी पर उतारू है। आउटपुट हेड रमन पांडेय समेत कई लोगों की चैनल में नो एंट्री कर दी गयी है। पीएसीएल ग्रुप सेबी के शिकंजे में जबसे फंसा है तबसे इसके मीडिया वेंचर का बुरा हाल है। चैनल की आर्थिक स्थिति कई महीनों से खराब है और लगातार बिगड़ती जा रही है।  वक्त से सैलरी न मिल पाने के कारण चैनल के साथ जी जान से काम करने वाले कर्मचारी परेशान हैं।

कंपनी के मालिकों को बचाने के चक्कर में दलाल बन गए चिटफंडिया चैनलों के कई पत्रकार

इन दिनों कई चिटफंडिया चैनलों के पत्रकार दलालों की भूमिका में नज़र आ रहे हैं. नौकरी करने और बचाने के चक्कर में पत्रकार इन चिटफंड माफियाओं के दलाल बन गए हैं. जिसकी दलाली रास नहीं आती, वो जल्द ही चैनल छोड़ देते हैं. जिन चिटफंडिया पत्रकारों में पत्रकारिता कम, दलाली का हुनर ज्यादा है, उनकी गाड़ी निकल पड़ी है. पी7 न्यूज  नामक टीवी चैनल का हाल सबको पता है. ये PACLग्रुप का चैनल है. इनके दलाल पत्रकारों की लाख कोशिशों के बावजूद भी कंपनी को बचाया नहीं जा सका, सो अब चैनल भी बुरे दिन झेल रहा है. कई जवान से लेकर बूढ़े पत्रकार तक इस कंपनी की दलाली के काम में लगे थे. इनकी हालत पर वाकई तरस आती है.

शुभप्रसन्ना का चैनल जबरन मुझे 18 करोड़ में बेचा गया : सुदीप्त सेन

: शुभप्रसन्ना के कार्यालय में ईडी ने मारा छापा : कोलकाता। सारधा चिटफंड घोटाले में चित्रकार शुभप्रसन्ना की भूमिका की जांच में जुटे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को साल्टलेक के सेक्टर-5 स्थित उनके कंपनी ऑफिस की तलाशी ली। शुभप्रसन्ना ने अपना न्यूज चैनल महंगे दाम पर सारधा समूह को बेचा था। ईडी ने शुभप्रसन्ना से इस खरीद-फरोख्त से संबंधित कागजात मांगे थे। मंगलवार सुबह शुभप्रसन्ना ने ईडी कार्यालय में कागजात जमा कर दिए। शुभप्रसन्ना खुद ईडी दफ्तर नहीं गए थे। उन्होंने अपने एक प्रतिनिधि के मार्फत समस्त कागजात ईडी दफ्तर भिजवाए।

4600 सहारा निवेशकों ने की रिफंड की मांग

नई दिल्ली। सहारा समूह की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल इस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लगभग 4600 निवेशकों ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमयन बोर्ड (सेबी) से रिफंड के लिए आवेदन किया है। सेबी का आरोप है कि सहारा समूह की दो कंपनियों ने निवेशकों से तकरीबन 24 हजार करोड़ रूपए जुटाए हैं और ये धन निवेशकों ने नहीं लौटाया जा रहा है। सेबी का कहना है कि सहारा समूह ने फर्जी निवेशकों के बेनामी दस्तावेज तैयार किए हैं और यह धन वास्तव में किसी और का है।