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क्या हमीरपुर के पत्रकार सत्यम सिंह को फंसाया गया है?

मदन मोहन सोनी-

हमने आपको कल एक खबर बताई थी जिसमें हमीरपुर के एक पत्रकार सत्यम सिंह पर एक युवती के बारे में अश्लील खबर चलाने, उसकी छवि खराब करने, मारपीट और दबंगई जैसे आरापों के लिए संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की बात थी।

जैसे ही हमने इस खबर के आरोपी सत्यम सिंह से बात की तो मामला संदिग्ध प्रतीत होने लगा। पत्रकार सत्यम सिंह पहले तो मारपीट और दबंगई जैसी घटनाओं से पूरी तरह से इंकार करते हुए कहते हैं कि ये सरासर झूठ है और मुझे फंसाने की साजिश है।

पत्रकार सत्यम सिंह के अनुसार जिस 17 अक्टूबर को मारपीट की बात कही जा रही है, उस दिन वो मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए गए हुए थे। वो इस बारे में मंदिर के पुजारियों से भी पूछताछ किए जाने की बात कह रहे हैं।

खबर चलाने के मसले पर सत्यम सिंह ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉम एक्स पर इस मामले को डाला था लेकिन इसमें पीड़िता का नाम, पता सब कुछ उन्होंने काल्पनिक लिखा था ताकी किसी की पहचान सार्वजनिक न हो सके और प्रतिष्ठा को आघात न पहुंचे लेकिन इन सबके बावजूद उन्हें जिस तरह से फंसाया जा रहा है, वो कहीं न कहीं एक गहरी साजिश का हिस्सा है।

पत्रकार सत्यम सिंह कहते हैं कि उन्हें पहले से इस बात का अंदेशा था कि उन्हें किसी षड्यंत्र में फंसाया जा सकता है क्योंकि उनकी पहचान क्षेत्र में एक ऐसे निष्पक्ष पत्रकार की है जो किसी भी किस्म की चाटुकारिता, पैरवी या दलाली से दूर रहता है।

सत्यम सिंह का कहना है कि इंडिया न्यूज में शीघ्र ही उनकी ज्वाइनिंग होनी है, जिसकी वजह से उन्हें इस तरह के मामलों में साजिशन फंसाया जा रहा है।

सत्यम सिंह जो कह रहे हैं और मुकदमा दर्ज कराने वाले जो कह रहे हैं, उनमें कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है, इसका फैसला तो कानून करेगा लेकिन यह भी सच है कि आए दिन पत्रकार झूठे मामलों में प्रताड़ित हो रहे हैं।

खबरों को दिखाने के चक्कर में पत्रकारों की अदावत पुलिस, प्रशासन, नेता, नौकरशाह हर किसी से होती रहती है। पत्रकारों को उनके काम के लिए जितने पैसे नहीं मिलते, उससे ज्यादा तो वो दुश्मन बना लेते हैं। पत्रकारों से दुश्मनी निकालना सबसे आसान काम होता है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद पत्रकार सत्यम सिंह भी अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस भी उनकी बात नहीं सुन रही है और एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। इससे उनका निजी जीवन और करियर दोनों प्रभावित हो रहा है।

पत्रकार सत्यम सिंह ने हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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