हेमंत और कलहंस ने मुझे तबाह-बर्बाद करने का संकल्‍प लिया… प्रभात त्रिपाठी भी मुझसे निपटेंगे…

दो गुटों में बंटे लखनऊ के पत्रकारों का एक चुनाव आज, दूसरा कल

Kumar Sauvir : पत्रकार समिति चुनाव में दलाल और प्रकाशक…. पत्रकार कहां हैं… गजब दौर है पत्रकारिता का, शर्म उन्‍हें बिलकुल नहीं आती… दोस्तों। सभी हमारे मित्र हैं और सभी लोग पत्रकार समिति की कार्यकारिणी पर कब्ज़ा करने की लालसा पाले हैं। गुड। वेरी गुड। इन सभी को जीत चाहिए। होनी भी चाहिए। गुड। वेरी गुड। लेकिन क्या किसी ने यह सोचा कि आपको और हम मित्रों को क्या चाहिये, जो मतदाता हैं। जिनके वोट से इन नेताओं की गिरी पीसने के सपने बुने जा रहे हैं। देखिये। इस सवाल का जवाब खुद में खोजिए कि हमारा नेता कौन होगा। कोई पक्का दलाल, झूठा, चाटुकार, दहशतगर्द, कोई मुनाफाखोर प्रकाशक, धंधेबाज, रैकेटियर, गिरोह की तरह कई कई अखबारों का धंधा करने वाला, विज्ञापन की खुली दलाली करने वाला या या या या फिर कोई, वाकई, पत्रकार। जिसके दिल में पत्रकारीय मूल्यों का जज़्बा हो, जूझने का दम हो, पत्रकार हितों के प्रति निष्ठां हो और सबसे बड़ी बात कि आप आदमी के प्रति समर्पण भी हो।

हमारे सामने हैं कई नेता जी येन-केन-प्रकारेण समिति पर कब्ज़ा करना चाहते हैं। सबसे बड़ा नाम है हेमंत तिवारी। रोज़ शराब में धुत्त, जुआ खेलना और हर हफ्ते सड़क पर मार खाना उनका शगल है। दलाली की हर सीमा पार कर चुके हैं हेमंत। पुलिस अफसरों के मुंहलगे हेमंत को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एक दर्जन बार डांट चुके हैं। तीन साल से समिति पर कब्जाए हैं और इसी चक्कर में समिति का भी दो फाड़ कर दिया। पत्रकारों के लिए केवल हवा, काम कुछ नहीं।पत्रकारिता में उनका क्या योगदान है यह आप खुद पूछ लीजिये। हाँ पत्रकार जगेंद्र सिंह के आत्महत्या मामले में उन्होंने खुली दलाली की। ठीक उसी तरह जैसे गोमतीनगर के एक रेस्टोरेंट के बवाल पर तीन लाख रुपये उगाहे गए थे। यह कर्म है पत्रकार का। आप सरेआम गुंडागर्दी करेंगे और उसका दाग बर्दाश्‍त करेंगी पूरी पत्रकार बिरादरी। नहीं जनाब, अब यह नहीं होगा।

उनके चेले सिद्धार्थ कलहंस उनके पिछलग्गू। पूरा प्रेस क्लब पर जबरिया कब्ज़ा है कलहस का। इन दोनों का पत्रकारिता में क्‍या योगदान है, जरा खुद से पूछिये। जनवाद, वामपंथ और धर्मनिरपेक्षता का झंडा उठाने वाले कलहंस का योगदान सिर्फ है कि वे जितना भी हो सकते हैं, इन नारों को कुचल सकते हैं। वर्ना पूछिए कि मान्यताप्राप्त पत्रकारों को प्रेस क्लब की सदस्यता क्यों नहीं दे रहे हैं कलहंस। क्‍यों प्रेसक्‍लब को बिरयानी और शराब की भट्ठी में तब्‍दील कर दिया गया है। क्‍यों वह पत्रकार कम, ठेकेदार और दलाल ज्‍यादा आते हैं। एक साल पहले सुरेश बहादुर सिंह पर हुआ हमला क्‍यों हुआ था, इसका खुलासा करने का जिम्‍मा किस पर था। खैर, अब बताइये कि आप किस को वोट करेंगे।

अब ताजा खबर यह है कि हेमन्‍त तिवारी और कलहंस ने मुझे तबाह-बर्बाद कर डालने का संकल्‍प ले लिया है। बोलेंगे कि मीडिया सेंटर और प्रेस रूम मे पीटे जाएंगे कुमार सौवीर। न जाने किस को मिलेगी इसकी सुपारी। कुछ भी हो , मेरे लिए यह हर्ष की बात है। जो दलाल हैं, वे दलाली करते रहें और जो पत्रकार हैं वे पत्रकारिता करते हुए सरेआम पिट जाएं, उससे ज्‍यादा गर्व की बात मेरे लिए और क्‍या हो सकती है। और आगे बढिए। अध्यक्ष प्रभात कुमार त्रिपाठी समाजवाद का उदय, समीर त्रिपाठी लखनऊ सत्ता, सतीश प्रधान नार्थ इंडिया स्टेट्समैन, सरोज चंद्रा खरी कसौटी। प्रभात त्रिपाठी ने तो अभी मुझे वाट्सपर धमकी दे डाली कि मैं किसके हाथों में खेल रहा हूं और मुझसे वे निपटेंगे भले ही अगला जन्‍म लेना पड़े।

खैर, अगली लिस्‍ट में उपाध्यक्ष संजय शर्मा 4 pm वीकेंड टाइम्स, जेड ए आज़मी स्पष्ट वकता, अध्यक्ष पद हेतु सरोज चंद्रा खरी कसौटी से। सचिव नीरज श्रीवास्तव नवसत्ता, राजेश शुक्ला संचार प्रकाश, संयुक्त सचिव अजय श्रीवास्तव रोज़ की खबर, अब्दुल वहीद वहीद भारत टाइम्स। सदस्य मोहम्मद क़तील शेख और केके विश्नोई खरी कसौटी। एक समाचार पत्र ही नही कई कई एडिशन छपते है और भारी सर्कुलेशन दिखाकर विज्ञापन का काम करने वाले प्रत्याशी पत्रकारों के संघठनों का नेतृत्व करेंगे या विज्ञापन मांगने मंगताई करेंगे। हैरत की बात यह है की लगभग सारे प्रत्याशी समाचार पत्र के अलावा अनेक व्यवसायों में भी लिप्त है। किसी का पेट्रोल पंप तो किसी का स्कूल, किसी की प्रिंटिंग प्रेस, तो किसी का कोई और व्यवसाय। अब तो बेहतर यह। होगा कि पत्रकार मतदाता ही तय करें कि ये उचित है कि धनबली लोगों को पत्रकारों के संवेदनशील संग़ठन का नेतृत्व दिया जाये? करीब करीब सभी प्रत्याशी सरकारी बंगलो पर भी कब्ज़ा जमाये है। लेखन की तमीज ज्यादार लोगों में हरगिज़ नहीं है। नैतिकता की बात करने वाले अनैतिक आचरण कर रहे है और चुनाव में नेतृत्व चाहते है पत्रकार के नाम पर।

लखनऊ के वरिष्ठ और बेबाक पत्रकार कुमार सौवीर के फेसबुक वॉल से.


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Comments on “हेमंत और कलहंस ने मुझे तबाह-बर्बाद करने का संकल्‍प लिया… प्रभात त्रिपाठी भी मुझसे निपटेंगे…

  • Sauvir ji, aapney Hemant Tiwari aur Siddharth Kalhans ka jo naam liya hai, aise logon ko “Haarnaa” hi chahiye. Sach me ye “Tuchchey Dalal” hain. Kehtey kuch aur kertey kuchh. Sarey Patrakar Wiradari se ye vinati hai ki we iss baar soch-samajh ker hi faisla lein…

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  • rajesh vajpayee unna says:

    waah…maja aa gaya lucknow may baithey swanaamdhany varisth patrakaro ki yashogatha padhkar…ismay sab international akhbaro aur magzino say judey patrakaar he najar aaye..bayshak mai lucknow ki patrakarita may nahi sakriy raha par sameepwarti jiley unnao may patrakarita karney k kaaran lucknow k patrakaro jinmay ajay kumar maya, dileep awasthi india today,hemant sharma jansatta ,suneel dubey hindustan,uttam sen gupta times of india sahit maujooda daur k ranvijay singh sahara , uday sinha pionner,prabhat ranjan deen hindustan,gobind pant raju ajtak,prabhakar ibn7 k samay k naamcheen patrakaro say kaafi paarivarik sambandho k kaaran lucknow ki patrakarita ko kaafi kareeb say jaannay va samjhney ka anubhav jaroor mujhe mila …par vartmaan lucknow ki patrakarita tou sirf dalalo aur piyakado say sirf jyadatar bhari najar aa rahi hai jo apney yashswi kaarnamo k karan badey khush mijaj hokar hotel taj may kisi aur badey dalal k kukur bhoj may mango party …dinner party …cocktel party..halua party…murga party may aisay tuttey huwe selfee ya phota face book may daal rahey hai jaisay aam janta adhikario netao may unki is ada ki prasansha hogi ….arey chutio jitna tum abhi update nahi huey us say kahi bahut aagey samaj ka har varg update aur intelligent ho chuka hai aur wah tumhey patrakarita ko kalankit karney par khush nahi balki gariya raha hai …tum tou jo waha khatey ho subah hug daitey hogey par janta jo tumhey khila rahi hai na wah tum marney k baad bhi nahi hug pavogay…..saubeer ji waisay jaha tak mujhey aapkey baarey may bhi thodi bahut jaankaari hai..peeney pilaaney ka shauk tou aap bhi jamaney say rakhtey aaye hai..jab aap kisi samay jagran may huaa kartey they tou phir itna gussa kahey in inter national patrakaaro par kar rahey hai…mujhey aaj isi baat par kaafi pahley FILM CHARAS ki yaad aa gayi jismay dharmendra kahta hai ki ‘inter national fakeer aaya hai’ hahaha…saubir bhai ismay koi taajub ki baat nahi hogi ki aagey chalkar ismay koi patrakar ;dainik latkata L aur bhatkati CHO….naam k banner say judkar padadhikari na baney …yeh bureau hai..yah sr correspondent hai…yah sr editor hai..yeh dhimka hai yah spl.correspondent hai …waah rey raajdhani ki patrakaarita aur patrakaro…acha raha ki lucknow aane k tamaam offer 2000 say thukra diya aur unnao may kam say kam rangbaaji k sath patrakarita to ki na ki dalal ya kutta bankar…..rajesh vajpayee samachar plus unnao 9415593777

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