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उत्तर प्रदेश

यूपी में जंगलराज : एसडीएम अतुल प्रकाश श्रीवास्तव ने रिटायर सैनिक को गिरा कर पीटा (सुनें टेप)

रामजी मिश्र ‘मित्र’, सीतापुर

यूपी में जंगलराज का आलम ये है कि अफसर खुद को भगवान समझने लगे हैं. उनकी आंखों पर सत्ता और पद का नशा चढ़ा हुआ है. एक एसडीएम ने सेना से रिटायर सूबेदार को गिरा गिरा कर पीटा. बाद में खुद यह बात एसडीएम बड़े गर्व से बताता रहा कि उसने गिरा गिरा कर बहुत पीटा. अठारह साल तक भारतीय सेना में कार्य करने वाले और ग्लेशियर में भी तैनात रहे सच्चिदानंद (सूबेदार) ने को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की महोली तहसील के एसडीएम ने जमकर पीटा.

रामजी मिश्र ‘मित्र’, सीतापुर

यूपी में जंगलराज का आलम ये है कि अफसर खुद को भगवान समझने लगे हैं. उनकी आंखों पर सत्ता और पद का नशा चढ़ा हुआ है. एक एसडीएम ने सेना से रिटायर सूबेदार को गिरा गिरा कर पीटा. बाद में खुद यह बात एसडीएम बड़े गर्व से बताता रहा कि उसने गिरा गिरा कर बहुत पीटा. अठारह साल तक भारतीय सेना में कार्य करने वाले और ग्लेशियर में भी तैनात रहे सच्चिदानंद (सूबेदार) ने को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की महोली तहसील के एसडीएम ने जमकर पीटा.

सच्चिदानंद कांगो देश में भारत की तरफ से शांति सेना में तैनात रहे हैं. ऐसा बहादुर सैनिक जो कभी दुश्मनों से न डरा उसे यूपी के जंगलराज ने न सिर्फ बेइज्जत किया बल्कि मार खाने को मजबूर कर दिया. वर्तमान में सच्चिदानंद महोली क्षेत्र में बतौर लेखपाल नियुक्त हैं. सेना में कार्य करने वाला यह जांबाज पूरी ईमानदारी से काम कर रहा था. दूसरी ओर महोली के एसडीएम अतुल कुमार लगातार अपनी कार्यशैली के कारण बदनाम होते चले जा रहे हैं. एसडीएम जाने क्यों, लेखपाल की ईमानदार कार्यशैली से बौखला चुके थे. सच्चिदानंद पीसीएस की परीक्षा देने हेतु अवकाश मांगने उनके केबिन में गए. सच्चिदानन्द के अनुसार एसडीएम अतुल ने ‘अब फंसे’ हो कहकर सीधे गिरेबान पकड़ कर हाथापाई की.

सच्चिदानंद को कुछ समझ में नहीं आया कि यह सब क्यों हो रहा है. भारत की तरफ से लड़ाई की ट्रेंनिग पाए इस जवान ने संविधान का सम्मान करते हुए कोई मारपीट नहीं की. जब इस बाबत एसडीएम अतुल से पूछा गया तो उन्होंने खुल कर कहा “मारा है, बहुत मारा है और गिरा गिरा कर मारा है”. पिटाई का कारण पूछने पर दबंग एसडीएम अतुल ने कहा कारण न पूछो. एसडीएम के इस प्रकार के बयान ने मामले को तूल दे दिया है. इधर इस संबंध में आहत रिटायर सैनिक से बात की गई तो उनका कहना था कि जहाँ देश सेवा का ऐसा इनाम मिलता हो, वहां नौकरी से इस्तीफा देना ही ठीक रहेगा. सच्चिदानंद ने बताया कि वह खुद को काफी आहत और बेइज्जत महसूस कर रहे हैं. उनका पूरा परिवार अस्थिर और परेशान है.

मारपीट का आरोपी एसडीएम पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे रहे हैं. इन्हीं के कार्यकाल में झिनकू नामक किसान ने भी आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद शासन ने उसके परिवार आर्थिक सहायता दी थी लेकिन वह मरने से पहले एसडीएम से सहायता पाने में असफल रहा था. सुनिए यह टेप जिसमें एसडीएम खुद अपनी करतूत का बखान कर रहा है…. इस लिंक पर क्लिक करें : https://youtu.be/p7hyvr5hwWw

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