ट्राई चेयरमैन शर्माजी ने ‘आधार’ चैलेंज दिया तो एक हैकर ने उनकी कुंडली सार्वजनिक कर दी

Nitin Thakur : आधार एकदम सेफ है. इतना सेफ कि ट्राई के चेयरमैन शर्मा जी ने ट्वीटर पर अपना आधार नंबर डालकर चैलेंज कर दिया कि जो लीक करके दिखा सकते हो दिखा दो. शर्मा जी आधार की प्राइवेसी के पक्के वकील हैं. कुछ ही घंटों के बाद फ्रांस के एक शख्स ने उनका निजी पता, निजी फोटो, पैनकार्ड, जन्मतिथि, फोन नंबर वगैरह सार्वजिनक कर दिए. अब वो भोले बच्चे की तरह पूछ रहे हैं कि इससे नुकसान क्या हो जाएगा?!

Subodh Rai : TRAI के चेयरमैन ने आधार नंबर पब्लिक कर चैलेंज दिया। नतीजा ये हुआ आज देश का बच्चा बच्चा शर्मा जी का पैन नंबर उनका मोबाइल नंबर उनका बैंक एकाउंट नंबर और उस बैंक एकाउंट से कितनी और कहां कहां खरीदारी की गई जान गया है। सोशल मीडिया पर शर्मा जी की फुल कुंडली घूम रही है। वाह शर्मा जी वाह।

Sanjaya Kumar Singh : आधार नंबर सार्वजनिक करके बुरे फंसे आरएस यानी राम सेवक शर्मा… दूरसंचार विनियामक आयोग के प्रमुख और आधार के पूर्व प्रमुख आरएस शर्मा ने आज अपना आधार नंबर देकर आलोचकों को चुनौती दी कि वे उन्हें ‘नुकसान’ करके दिखाएं। कुछ ही मिनट में उन्हे बता दिया गया कि उस आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर क्या है। फिर उन्हें बताया गया कि एक आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार वह नंबर उनके सेक्रेट्री का है। उनसे पूछा गया कि क्या यह वाकई आपका आधार नंबर है? जवाब नहीं मिलने पर उनकी ई मेल आईडी बताई गई। और यह भी कि वह नंबर आईफोन पर उपयोग किया जाता है। फिर उनकी फोटो लगाई गई और साथ की फोटो को काला करके लिखा गया था कि साथ वाली आपकी बेटी या पत्नी होगी। यह फोटो उनकी व्हाट्सऐप्प प्रोफाइल की है।

इसके बाद उस नंबर से संबंधित घर का पता, दूसरा नंबर और जन्म की तिथि, दूसरा ईमेल आईडी सब सार्वजनिक है। Elliot Alderson‏ @fs0c131y ने लिखा अब मैं यहां रुक जाता हूं। उम्मीद करता हूं कि आप समझ जाएंगे कि आधार डाटा सार्वजनिक करना अच्छा आईडिया नहीं है। इसके बाद इन्होंने कई महतवपूर्ण जानकारियों को काला करके बता दिया कि उनके पास सब कुछ उपलब्ध है। हालांकि Ankit Lal‏ @AnkitLal ने इन्हें सार्वजनिक कर ही दिया है। Elliot Alderson ने अपने ट्वीट में बताया है कि उन्हें कौन सी जानकारी किससे मिली और इसी क्रम में उन्होंने ये भी लिखा है कि इस आधार नंबर से कोई बैंक खाता नहीं जुड़ा हुआ है।

यहां ध्यान रखने वाली बात है कि पहले बताया गया कि नंबर सेक्रेट्री का था और बाद में उससे जुड़े आधार नंबर से पता चल रहा है कि उससे कोई बैंक खाता नहीं जुड़ा है। इस पूरे मामले में उनकी जन्म की तिथि 01.10.1995 बताई गई जो गलत है और शर्मा जी की उम्र इससे ज्यादा होनी चाहिए। यह आगे की जांच या इस चुनौती को स्वीकारने वालों के लिए अगला विषय है। वैसे पूरा माजरा तो आरएस शर्मा यानी राम सेवक शर्मा जी ही स्पष्ट कर सकते हैं। क्या वे करेंगे? और नहीं करेंगे तो क्या यह पता नहीं चलेगा। इंतजार कीजिए …..

इस संबंध में पहले उनसे आश्वासन मांगा गया था कि कार्रवाई नहीं होगी। तब बात आगे बढ़ी। जन्म तिथि को उन्होंने गलत बताया है। और बाद में अपनी सही जन्मतिथि भी बताई। एक बड़े सरकारी अधिकारी का घर नोएडा में वह जबकि ऑफिस मध्य दिल्ली में है – शक पैदा करता है। पर जानकारी गलत हो सकती है यह यकीन मुझे नहीं है। इसी तरह बैंक खाता नहीं जुड़े होने की बात को भी उनके समर्थक ने गलत बताया है और “आधार पे” के जरिए उन्हें 10 रुपए का भुगतान किए जाने का सबूत पोस्ट किया है।

दूसरी ओर, Maninder Singh cheema‏ @Maninder2331 ने प्रधानंमत्री नरेन्द्र मोदी का एक पुराना ट्वीट पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा था कि आधार पर उनके सवालों का जवाब ना तबके प्रधानमंत्री दे सके और ना वह टीम जिससे वे मिले। शर्मा जी के समर्थक यह भी कह रहे हैं कि उनका फोन नंबर और घर का पता वैसे भी उपलब्ध है और यह आधार के जरिए पाया गया है, ऐसा दावा न किया जाए। कुल मिलाकर स्थिति यह है कि शर्मा जी का पूरा नाम, फोटो, दोनों फोन नंबर, घर का पता, जन्म तिथि (जो उन्होंने खुद बताया) सब सार्वजनिक है अब और क्या किया जाना है। वो भाग ले रहे लोग जानें। मेरे हिसाब से बाकी कुछ तो अपराध होगा। फिर भी …

पत्रकार नितिन ठाकुर, सुबोध राय और संजय कुमार सिंह की एफबी वॉल से.

कुछ पढ़ने लायक टिप्पणियां…

Sanjay Sinha अगर आधार नंबर से किसी का फोन और पता किसी को पता चल जाए तो इसमें गड़बड़ी कहां है? पहले तो सरकार फोन डाइरेक्ट्री छपवा कर लोगों का ये ब्योरा दे ही देती थी।

Satyendra PS आ गया भक्त सवाल। अब झेलिये। इसी को समझाने के लिए मैंने कल मण्डल जी की पोस्ट पर लिखा था कि शर्मा कहेगा कि मोबाइल सार्वजनिक होने से क्या होता है। फिर उसे आधी रात को फोन कर गरियाना होगा तब वो समझेगा कि इसके साइड इफेक्ट हैं। बाई द वे मैं तो किसी को अपना मोबाइल या एड्र्स सार्वजनिक नहीं करने देना चाहूंगा कि वह रात 12 बजे मुझे गरियाए। हजारों भक्त मुझसे चिढ़ते हैं। किसके किसके खिलाफ fir कराता फिरूँगा? और fir लिखेगा कौन?

अजात अभिषेक Sanjay Sinha जी आप बिल्कुल गलत कह रहे हैं अमेरिका का सोशल सिक्योरिटी नंबर अलग चीज है वहां उससे कोई बायोमीट्रिक इंफार्मेशन नहीं है सिर्फ डेमोग्राफिक इंफार्मेशन है। यहां तक की एसएसन कोई फोटो आइडेंटिटी तक नहीं है। वहां इनरालमेंट सरकार ने किया था यहां प्राइवेट प्लेयर्स ने किया था जिसमें से हजारों बाद में ब्लैक लिस्ट हुये और भी तमाम मूलभूत फर्क हैं

Sanjaya Kumar Singh तब फोन बैंकिंग नहीं होता था Sanjay जी। अगर आप अपने बैंक से खाते में राशि के बारे में जानना चाहते हैं तो बैंक आपका पता ही पूछता है। पहले फोन पर यह जानकारी उपलब्ध नहीं होती थी। इसके अलावा फोन से बाकी जानकारी मिल जाएगी, क्रेडट डेबिट कार्ड का क्लोन बन जाएगा। कल किसी ने शर्मा जी को चुनौती दी है कि मैं आपके सामने बैठकर आपके कार्ड का क्लोन बनाउंगा। लैंडलाइन फोन पर रांग नंबर आते थे तो उतनी परेशानी नहीं थी जितनी मोबाइल पर है। घर का लैंडलाइन फोन एक तरह से सार्वजनिक होता था और मोबाइल फोन बहुत कुछ निजी है।

Ravi S Srivastava सर विरोध डिटेल का नहीं, मोदी सरकार का है.. आधार तो आधार है विरोध का.

Sanjaya Kumar Singh आधार का विरोध मोदी जी भी करते रहे हैं Ravi S Srivastava, ये अलग बात है कि अब नहीं बोलते हैं। कल उनका पुराना ट्वीट भी लगा है।और जन धन खाता वालों के डीटेल का क्या मतलब? वो ना बोल सकते हैं, ना बोलते हैं, ना उनकी सुनी जाती है। वो तो संख्या हैं। बस।

Anuraag Srivastav Actually it is the combination which is creating problems. Because in case of forget passwords, such details are asked. In his case, his airindia frequent flyer number is also disclosed. A few more steps, it can reveal where is he traveling etc.

Sanjay Sinha अमेरिका में सोशल सिक्योरिटी नंबर भी ऐसी ही चीज़ है, पर वहां लोग परेशान नहीं होते, Sanjaya Kumar Singh जी।

Sanjaya Kumar Singh समाज में चोर बेईमान न हों तो परेशानी का कोई कारण नहीं है।

Sanjay Sinha मुझे नहीं लगता कि कार्ड का क्लोन इससे बन पाएगा। आपकी ये बात सही है Sanjaya Kumar Singh जी। मैं इसका हल बताऊंगा।

Sanjaya Kumar Singh चोर बेईमान भी अशिक्षा और गरीबी के कारण हैं। आज ही अखबार में खबर है कि अविश्वास प्रस्ताव वाले दिन अमित शाह ने जबलपुर के सांसद राकेश सिंह को झिड़क दिया। जबकि वो बहुत अच्छा बोले। अमित शाह नाराज थे क्योंकि राहुल ने उनके बेटे की 16,000 गुना कमाई की चर्चा की तो भाजपा सांसदों ने शोर नहीं मचाया। जब ऐसे-ऐसे लोग सत्ता में हैं तो चोर बेईमान रहेंगे ही और उसमें सुरक्षित रहने की कोशिश करना गलत नहीं है।

Mohanraj Purohit तो सिन्हा साहिब केंद्रीय कैबिनेट और सभी मंत्रियों और प्रधान मंत्री तथा आप स्वयं के मोबाइल नंबर सोशल मीडिया में पब्लिश करवा दीजिये, हाँ सही वाले जो खुद उठाते हो PA नही।

Sanjaya Kumar Singh अगर दिलचस्पी हो तो ट्वीटर का उपयोग करने वाले इस लिंक को देखकर समझ सकते हैं कि कैसे एक सूचना से अगली सूचना पाई जा सकती है। इस लिंक में शुरुआत आधार नंबर को गूगल करके की गई है और शर्मा जी के ट्वीट के जवाब में दिया गया उनका फोन नंबर मिल गया। फिर बताया गया कि कैसे फोन नंबर, नाम और आधार तीन जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है।
https://twitter.com/nileshtrivedi/status/1023196004911263744?s=12

Kishore Kumar आधार की सूचनाओं की गोपनीयता की Elliot Alderson ने जिस तरह हवा निकाली, वह सब के लिए चिंता का सबब बन गया है। पर मजबूरी यह है कि हमें अनेक कामों के लिए आधार नंबर तो तो आधार कार्ड की कॉपी ही देनी पड़ती है।

Sanjaya Kumar Singh किसी ने अमैजन पर शर्मा जी के नाम से ऑर्डर कर दिया। कैश ऑन डिलीवरी। इस मामले को और अच्छी तरह समझने के लिए यह लिंक देख सकते हैं – https://twitter.com/nileshtrivedi/status/1023196004911263744?s=12

Prabhat Kumar ये तो बड़ी डरावनी स्थिति है। सरकार को इसके बारे में गंभीरता पूर्वक विचार कर समाधान ढूंढना चाहिए।

Sunil Kumar Misra आधार नम्बर का इस्तेमाल वोटर कार्ड और सरकारी योजनाओं की सब्सिडी तक तो ठीक था लेकिन इसको भारतीयों की पूरी जिंदगी का आधार बनाने का प्रतिफल सीताफल के रुप मे आपके सामने है।

Prem Prakash Gupta शर्माजी ‘मोर के आंसू से मोरनी गर्भिणी होती है’ स्कूल ऑफ थॉट के फोलोअर हैं।

Satish Pancham वो उसी कैटेगरी के हैं जो झापड़ खाने के बाद कहते हैं एक मारा तो ठीक है, तू दूसरा मार के बता तो मानूं 🙂

Jyoti Pethakar मूर्खता की हद है.. निजता क्या है ,उस के इंसान के जिंदगी में क्या महत्व समझ नही सकेंगे शायद,बुद्धि जो गिरवी रखी है

Shakil Khan सारे बुद्धिजीवियों को गोली मार देंगें फिर यही बचेंगें और यही बेचेंगे भी

Ravindra Bhatnagar हाँ जी ! सही कह रहे वे ! उनकी सारी डिटेल्स गोमूत्र से पवित्र करके ही कम्प्यूटर मे फीड की गई थी ! उनका कुछ नही बिगडेगा

Sunita Tyagi अपने नुकसान और जिनके हो चुके हैं उन्हें समझ पाने की बुद्धि होती तो शर्मा जी यह न कहते व करते जो किया है काश न हो पर जब खुद का नुकसान होगा तो दृष्टि थोड़ी चौड़ी और दूर तलक देखने वाली हो जायेगी

Ashu Upadhyay सुना था कि 13 फीट ऊँची और 5 फीट मोटी दीवार के पीछे सुरक्षित है आधार का डेटा ।

Pravin Chouhan लठ लेकर अपनी अक्ल के पीछे दोड़ने वाला ‘चेतना शून्य’ ही हो सकता है … पद: ट्राई का चेयरमेन…. !नमुनो की बारात!

Tara Deo Chand मोदीजी सबको चेलेंज चेलेंज वाले खेल की आदत लगा दिए है

Pooja Priyamvada Come on , ek to Ram upar se Sewak Sharma ji ne apne naam ko kuch zyada hi blindly follow kar liya lagta hai

Vikas Chauhan शायद अकाउंट से पैसे निकलने को ही निजता समझ रहे हों

Prakhar Srivastava और आधार सिम से लेकर बैंक अकाउंट तक सबमे जुड़वा रखा है इन्होंने

Shashi Bhushan अब तो शर्मा जी नुकसान तो तभी माना जायेगा, जब इनके खाते से रुपये निकल जाएं… और प्राइवेसी भंग तब मानी जाएगी जब उनकी कोई एमएमएस रिलीज हो जाये..


कबीर को सुनिए…

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