जो धरती पर खूब माल इकट्ठा कर पाएगा वही अंतरिक्ष होटल में रहने की योग्यता पाएगा

भारत जैसे देश में जो शासक है और जो एलीट है, वह खूब जानता है कि उसके जीवन का एक मकसद है, बस पैसे बनाना. पैसे हैं तो संसाधन खरीदे बनाए जा सकते हैं. तभी तो एक पैसे वाली कंपनी अंतरिक्ष होटल बना रही है. इस अंतरिक्ष होटल में हम आप जैसे गरीब नहीं बल्कि करोड़पति अरबपति ही जाकर रह सकेंगे. तो ऐसे में क्यों न माना जाए कि एक दिन धरती पर ऐसा आएगा जब बिना संसाधन और बिना पैसे वाले यहीं बेमौत मारे जाएंगे और संसाधन वाले व पैसे वाले दूसरी दुनिया के किसी ग्रह पर बस कर वहां के संसाधन व संपदा के जरिए जीवन जीना प्रारंभ कर देंगे. तो क्या आपको अभी से किसी भी तरीके से पैसा कमाना शुरू कर देना चाहिए? नहीं… ऐसा कतई नहीं कह रहा… लेकिन यह जरूर कह रहा कि जो ट्रेंड चल रहा है, उसे पर नजर रखने और भविष्य के मनुष्य की दशा दिशा समझने की जरूरत है. आइए वो खबर पढ़ें जिससे आप जान सकेंगे कि अगले पचास सौ साल में धरती पर कैसे और दूसरे ग्रहों पर कैसे लोग रहने लगेंगे. -यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

अंतरिक्ष होटल

अगर पैसे की कोई कमी नहीं है और देश-विदेश घूमकर उब चुके हैं, तो नए रोमांच के लिए अब अंतरिक्ष के दरवाजे खुलने वाले हैं। दो साल के भीतर पहला अंतरिक्ष होटल बनकर तैयार हो जाएगा। रूस की कंपनी ऑर्बिटल टेक्नोलॉजी यह होटल बना रही है। निर्माण की सारी तैयारी पूरी होने का दावा करने के साथ ही कंपनी ने इस रोमांचक यात्रा और लग्जरी होटल के बारे में कई मजेदार जानकारियां दी हैं। आइए जानते हैं कि कैसा होगा धरती से परे बनने वाला पहला होटल।

यह होटल धरती से करीब 300 किलोमीटर दूर निचली कक्षा में  स्थित होगा। रूस के सोयुज रॉकेज में बैठकर पर्यटक एक दिन में वहां पहुंचेंगे। यह होटल 28 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष में गति करेगा और 90 मिनट में धरती का एक चक्कर पूरा कर लेगा। इसके चलते पर्यटकों को 16 सूर्योदय और 16 सूर्यास्त देखने को मिलेंगे। 4 कमरे होंगे इस होटल में और इसमें 7 पर्यटक एक साथ रह सकेंगे। 2016 तक बनकर तैयार होगा यह होटल। 3 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी यहां जाने से पहले। 60 लाख रुपये देने होंगे हर पर्यटक की सैर के लिए।

यह होटल एक व्यवसायिक अंतरिक्ष स्टेशन होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईआईएस) से ज्यादा सुविधाएं होंगी। हर कमरे में कई खिडम्कियां बनी होंगी, जिसमें दूरबीन और कैमरे लगेंगे। इनके जरिए पर्यटक अंतरिक्ष और धरती के खूबसूरत नजारे देख सकेंगे। अंतरिक्ष में स्थित होने के बावजूद इसमें हर सुविधा होगी। पर्यटक इंटरनेट और टीवी का आनंद उठा सकेंगे। पर शराब पीने और स्नैक्स पर पाबंदी होगी। यहां पर्यटकों को तुरंत थकान उतारने का मौका नहीं मिलेगा क्योंकि शून्य गुरुत्वाकर्षण के चलते पूरा शरीर चक्कर काटता रहेगा। शरीर के द्रव्यमान का केंद्र पेट के पास होगा। इसे काबू करने के बाद ही चक्कर बंद होगा। पर्यटकों के लिए खाना धरती से रॉकेज के जरिए भेजा जाएगा और उसे अंतरिक्ष में होटल में मौजूद माइक्रोवेव ओवन में गर्म किया जाएगा। पर्यटकों को खाने में मशरूम, आलू, सूप आदि दिया जाएगा।



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