यशवंत सिंह-
पत्रकार सुनील नामदेव प्रकरण की जाँच के लिए रायपुर का दौरा लगभग समाप्त होने को है। तीन सदस्यीय दल, जिसका एक सदस्य मैं भी हूँ, ने ढेर सारे पत्रकार साथियों से बात मुलाक़ात की। दल के मुखिया वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सौरभ ने कल कई संपादकों संग चर्चा की।
छत्तीसगढ़ सरकार का पक्ष जानने के लिए जनसंपर्क के मुखिया आईपीएस दीपांशु काबरा को एसएमएस और ह्वाट्सऐप मैसेज दल की तरफ से वरिष्ठ पत्रकार अजय झा जी ने भेजा। फ़िलहाल काबरा का कोई जवाब नहीं आया है।

एक चर्चा बहुत तेज है पत्रकारों में। सुनील नामदेव को जेल में मारा जा सकता है। उनकी हत्या हो सकती है। सुनील को बिलासपुर से दुर्ग जेल शिफ्ट करने की बात चल रही है। दुर्ग जेल में बिहार यूपी के कई बड़े अपराधी है। दुर्ग सीएम भूपेश बघेल का गृह जनपद भी है।
सुनील नामदेव की पत्नी ने भी जाँच दल से मिलकर अपने पति की जेल में हत्या कराये जाने की आशंका ज़ाहिर की है। सुनील नामदेव की पत्नी का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार फर्जी आरोपों में दूसरी बार जेल में बंद करने के बाद अब मेरे पति को जेल में ही किसी न किसी बहाने मार डालने की साज़िश रच रही है। मेरे पति के साथ अगर कुछ भी बुरा होता है तो उसके लिए एकमात्र ज़िम्मेदार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे।
ड्रग के केस में सुनील को फँसाया गया है और ड्रग न मिलने पर ड्रग एडिक्ट ने सिर पटक कर जान दे दी… ऐसी कहानी वाली खबर निर्मित कराई जा सकती है… इन अफ़वाहों चर्चाओं को कई वजह से बल मिल रहा है।
ये भी तथ्य है कि ड्रग्स से सुनील नामदेव का कभी कोई लेना देना नहीं रहा है लेकिन उनकी पॉकेट में जबरन ड्रग डालकर उन्हें फर्जी ड्रग केस में फँसाया गया। इसी तरह उन्हें ड्रग एडिक्ट बताकर उनका मर्डर कराया जा सकता है, फिर सुसाइड का रूप दिया जा सकता है।
ऐसे में तीन सदस्यीय खोजी दल की माँग है कि सुनील नामदेव की सुरक्षा जेल में बढ़ाई जाए।
दल की रिपोर्ट आज तैयार की जाएगी जो कल सोमवार को रिलीज़ होगी।
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Shiv shankar sarthi
June 25, 2023 at 5:53 pm
राज्य की पत्रकारिता और राज्य सरकार ले रुख/प्रताड़ना पर सबसे पहले आभार,काश राज्य के कथित पत्रकार सरकार के रुख प्रताड़ना के बारे में तटस्थ होकर लिख सकते।विजया पाठक के लेख/खत से सहम।जो आरोप राहुल मोदी पर लगाते हैं बिल्कुल वैसा तो छत्तीसगढ़ में या कहीं ज्यादा सीएम भूपेश के इशारों पर किया जा रहा है।वीडियो एडीटर/ कैमरा मैन पर जो धाराएं लगाई गई हैं वह सीधे सीधे बदलापुर/प्रताड़ना का सूबूत है।वैसे पुलिस को भी एक बार सोचना चाहिए कि इशारों पर किस हद तक झुकना सही है!