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फ़िल्म निर्माता को गलत बिल भेजने पर वोडाफोन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना

उपभोक्ता फोरम के आदेश पर देना पड़ा १० हजार रुपये खर्च भी

मुंबई : जूहू में रहने वाले फिल्म निर्माता कमल आनंद शर्मा को गलत मोबाईल बिल भेजने और उसकी रकम ले लिये जाने पर वोडाफोन इंडिया लिमिटेड को ५० हजार रुपये का नुकसान भरपाई मुंबई के ग्राहक तकरार निवारण मंच (उपभोक्ता फोरम ) के आदेश के बाद देना पड़ा।

उपभोक्ता फोरम के इस आदेश में वोडाफोन इंडिया लिमिटेड और उनके मैनेजिंग डायरेक्टर को स्पष्ट कहा गया है कि शिकायतकर्ता को मानसिक और शारीरिक रुप से परेशान किये जाने पर ५० हजार रुपये नुकसान भरपाई और १० हजार रुपये खर्च रकम के रुप में और पांच हजार रुपये जो शिकायतकर्ता से लिये गये हैं, उसे वापस किया जाए।

फिलहाल उपभोक्ता फोरम के इस आदेश के बाद वोडाफोन ने डिमांड ड्राफ्ट के जरिये कमल आनंद शर्मा को उक्त रकम ५ दिसंबर २०१९ को भेज दिया है। कमल आनंद को वोडाफोन के खिलाफ यह मामला लगभग पांच साल तक लड़ना पड़ा।

जूह के चांद सोसायटी में रहने वाले फिल्म निर्माता कमल आनंद शर्मा वोडाफोन के गाहक हैं। मई २०१४ में उनके मोबाईल फोन नंबर पर वोडाफोन की तरफ से फोन आया और उन्हें कहा गया कि आपके मोबाईल का बिल ज्यादा हो गया है इसलिये आप ५००० रुपये तुरंत जमा कर दीजिये नहीं तो आपका फोन बंद हो जायेगा।

कमल आनंद शर्मा ने फोन करने वाले से पूछा कि इतना बिल कैसे आ गया तो उसने कोई सही जवाब नहीं दिया और उनका फोन बंद कर दिया गया। कमल आनंद शर्मा ने पांच हजार रुपये का चेक वोडाफोन को दिया मगर कुछ तकनीकी कारणों से वह क्लीयर नहीं हुआ।

उन्होंने वोडाफोन को दूसरा चेक दिया और वोडाफोन को ५ हजार रुपये का भुगतान कर दिया। बाद में अगला जो मोबाईल फोन का बिल आया इसमें साफ दिखाया गया था कि इस वरिष्ठ नागरिक के फोन से ६ मई २०१४ को ४ बजकर ३५ मिनट ५६ सेकेंड में कोई आईएसडी कॉल किया गया है और यह बातचीत ३१ मिनट चली। इसका ३१०० रुपये बिल आया।

इसी बिल में यह भी दिखाया गया है कि ६ मई २०१४ को उसी मोबाईल नंबर से ४ बजकर ४५ मिनट १७ सेकेंड पर फिर ३१ मिनट तक आईएसडी उसी नंबर पर बात की गयी जिस पर पहले बात की गयी थी। इस दूसरे नंबर पर बातचीत करने का चार्ज भी ३१०० रुपये हुआ।

इस बिल को पाने के बाद इस फ़िल्म निर्माता ने वोडाफोन के प्रबंधक कस्टमर केयर से संपर्क किया और कहा कि अगर मैंने पहला कॉल ४ बजकर ३५ मिनट ५६ सेकेंड पर किया और दूसरा कॉल ४ बजकर ४५ मिनट १७ सेकेंड पर किया तो दोनों कॉल में समय का अंतर ९.२१ मिनट है। आपने दोनो कॉल की समयावधि ३१-३१ मिनट दिखाया है और यह बिल गलत है मगर कोई सुनवाई नहीं हुयी।

कमल आनंद ने ७ जुलाई २०१४ को अपना मोबाईल नंबर फिर से चालू करने का वोडाफोन से निवेदन किया मगर कोई कारवाई नहीं हुयी जिसके बाद कमल आनंद शर्मा ने अपने एडवोकेट के जरिये वोडाफोन को नोटिस भेजा और १० हजार रुपये की नुकसान भरपाई मांगा।

मगर इस नोटिस का वोडाफोन प्रबंधन ने जवाब नहीं दिया और कमल किशोर से बार बार वोडाफोन ६२०० रुपये अनबिल्ड एमाउंट की मांग कर रहा था। उनका फोन कनेक्शन नहीं चालू किया गया। कमल किशोर आनंद ने मुंबई के ग्राहक तक्ररार निवारण मंच (उपभोक्ता फोरम ) की शरण ली।

इस मामले की सुनवाई में वोडाफोन और कमल आनंद शर्मा का पक्ष सुनने के बाद ग्राहक तक्ररार निवारण मंच ने कमल आनंद शर्मा के पक्ष को सही पाया और १७ अक्टूबर २०१९ को एक आदेश जारी किया। इस आदेश में वोडाफोन इंडिया लिमिटेड और उनके मैनेजिंग डायरेक्टर को स्पष्ट कहा गया है कि शिकायतकर्ता को मानसिक और शारीरिक रुप से परेशान किये जाने पर ५० हजार रुपये नुकसान भरपाई और १० हजार रुपये खर्च रकम के रुप में और पांच हजार रुपये जो शिकायतकर्ता से लिये गये हैं उसे वापस किया जाए।

फिलहाल उपभोक्ता फोरम के इस आदेश के बाद वोडाफोन ने डिमांड ड्राफ्ट के जरिये कमल आनंद शर्मा को ६५ हजार रुपये की रकम ५ दिसंबर २०१९ को भेज दिया है। ग्राहक तक्ररार निवारण मंच की ओर से यह आदेश मंच की अध्यक्ष शुभदा द. तुलणकर, सदस्या श्रद्धा एम जालनापुरकर, शीतल ए पेटकर ने दिया था।

मुंबई से वरिष्ठ पत्रकार शशिकांत सिंह की रिपोर्ट. संपर्क- ९३२२४११३३५

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