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छह महीने हो गए, नेशनल वायस चैनल के स्ट्रिंगरों-रिपोर्टरों को नहीं मिला पैसा!

नया चैनल नेशनल वॉयस उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड शुरू हो गया है. रिपोर्टर और स्ट्रिंगर से खूब खबरें ली जा रही हैं. सभी को माइक आईडी भी दे दी गयी है. लेकिन माइक आईडी के साथ अथॉरिटी लेटर कुछ ही लोगों को दिए गए है. जिसको लेटर नहीं मिला है उसे काम करने में परेशानी हो रही रही है. सूचना विभाग लेटर माँगता है. कई बार असाइनमेंट पर कॉल करके बता भी दिया गया है. लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है.

नया चैनल नेशनल वॉयस उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड शुरू हो गया है. रिपोर्टर और स्ट्रिंगर से खूब खबरें ली जा रही हैं. सभी को माइक आईडी भी दे दी गयी है. लेकिन माइक आईडी के साथ अथॉरिटी लेटर कुछ ही लोगों को दिए गए है. जिसको लेटर नहीं मिला है उसे काम करने में परेशानी हो रही रही है. सूचना विभाग लेटर माँगता है. कई बार असाइनमेंट पर कॉल करके बता भी दिया गया है. लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है.

6 महीने से ज्यादा समय हो गया लेकिन अभी तक किसी को पेमेंट नहीं दिया गया है. प्रभु चावला जी, स्ट्रिंगरों और रिपोर्टरों की मेहनत पर भी ध्यान दीजिए. सारा पैसे खुद क्यों दबा ले रहे हैं. आपको चैनल के मालिकों पर दबाव बनाकर सभी को पेमेंट नियमित दिलाने पर जोर देना चाहिए. जिन रिपोर्टरों-स्ट्रिंगरों की मेहनत और लगन से ये चैनल शुरू होने के कुछ ही महीनों में आम जन और मीडिया में पहचाना जाने लगा है, अगर उन्हीं स्ट्रिंगरों और रिपोर्टरों को समय से पेमेंट नहीं दिया जाएगा तो ये कैसे स्वस्थ दिल दिमाग से काम करेंगे. सोचिए जरा, इनके परिवार का खर्चा कैसे चलेगा.

हम सब आपके चैनल के लिए जी जान से मेहनत कर रहे हैं ताकि आपका चैनल आगे चलकर बहुत ऊंचाइयों पर जाए. लेकिन पेमेंट न मिलने से बहुत दिक्कत हो रही है. अगर पैसा नहीं मिलेगा तो हमारे बीवी और बच्चे भूखे मर जाएंगे. आपसे रिक्वेस्ट है कि सभी को पेमेंट और अथॉरिटी लेटर देने की कृपा करे.

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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1 Comment

1 Comment

  1. अरुण श्रीवास्तव

    August 22, 2016 at 2:36 pm

    अब इस तरह की खबरें आम होती जा रही हैं यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जब अखबार और चैनल चला नहीं सकते तो शरू ही क्यों करते हैं।

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