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एबीपी न्यूज के पश्चिम भारत संपादक जीतेंद्र दीक्षित का इस्तीफा

बीते 21 साल से जुड़े रहने के बाद एबीपी न्यूज़ के पश्चिम भारत संपादक जीतेंद्र दीक्षित ने चैनल से इस्तीफा दे दिया है। जीतेंद्र मुंबई ब्यूरो के प्रभारी थे और महाराष्ट्र गुजरात और गोवा राज्यों से समाचार संपादन की उनकी जिम्मेदारी थी। इस्तीफे के बाद जीतेंद्र का कहना है कि ये स्क्रीन से उनका अस्थाई ब्रेक है और इस ब्रेक का उपयोग वे लेखन और भ्रमण के लिए करेंगे।

जीतेंद्र साल 2003 में इस चैनल से जुड़े थे जब इसका नाम स्टार न्यूज़ हुआ करता था। वे इसकी संस्थापक टीम के सदस्य थे। साल 2007 में तत्कालीन संपादक उदय शंकर ने उन्हें 27 साल की उम्र में मुंबई ब्यूरो का प्रमुख बनाया था। ब्यूरो संचालन के अलावा जीतेंद्र ने चैनल में रहते हुए देश और दुनिया की कई बड़ी खबरों पर रिपोर्टिंग की। जैसे मार्च 1993 मुंबई बम कांड का मुकदमा, 26 नवंबर 2008 का आतंकी हमला, साल 2011 में सुनामी के कारण जापान में मची तबाही, 2013 में केदारनाथ में आई आपदा, भारत और इटली के बीच कूटनीतिक तनाव, 2015 में इंडोनेशिया में छोटा राजन की गिरफ्तारी, 2019 मैं महाराष्ट्र का सियासी ड्रामा इत्यादि।

टीवी पत्रकारिता के अपने ढाई दशक लंबे करियर में जीतेंद्र ने मुंबई अंडरवर्ल्ड पर खूब रिपोर्टिंग की और साल 2002 के गुजरात दंगे भी कवर किए। वे स्टार न्यूज़ के क्राइम शो “रेड अलर्ट” के एंकर थे।

जीतेंद्र का कहना है – “आज ज्यादातर पत्रकारों की पहचान राइट विंग या लेफ्ट विंग के समर्थक के तौर पर होती है, मुझे संतोष है कि मैंने old school of journalism का अनुसरण करते हुए, देश की राजनीतिक व्यवस्था के इन दोनो धड़ों से खुद को अलग रखा और निष्पक्ष पत्रकारिता की कोशिश की। मैने सदैव पत्रकारिता के मूलभूत सिद्धांतों पर अडिग रहने का प्रयास किया।”

जीतेंद्र ने हाल के सालों में एक लेखक के तौर पर पहचान हासिल की है और उनकी चार अंग्रेजी किताबें नामचीन अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक प्रकाशित कर चुके हैं। हाल ही में आई उनकी किताब “बॉम्बे आफ्टर अयोध्या” काफी चर्चित हुई है। जीतेंद्र का कहना है कि उनके पास कुछ ऐसी किताबों के विषय हैं जिनके रिसर्च में खूब मेहनत लगने वाली है। टीवी से मिले ब्रेक का समय वे इन किताबों को देंगे। जीतेंद्र का कहना है कि वे एक कहानियां सुनाने वाले शख्स हैं और किसी न किसी माध्यम से लोगों के बीच अपनी कहानियां लेकर जाएंगे, फिर चाहे उसका माध्यम टीवी हो, किताबें हो या फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म।

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