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प्रतीक त्रिवेदी जितने अच्छे प्रोफेशनल और एंकर हैं, उतने ही अच्छे इंसान भी हैं!

Vikas Mishra-

जून 2006 में जब मैंने पहली बार आजतक ज्वाइन किया था तो कुछ ही महीने बाद चैनल के प्रतिष्ठित शो ‘विशेष’ का हिस्सा बना। राठौर विचित्रमणि सिंह Bichitramani Rathor इंचार्ज थे और मैं उनका डेप्युटी। आदरणीय नकवी जी ने हमें ये छूट दी थी कि विशेष हम किसी भी एंकर से करवाएं, विशेष के लिए एंकर शिड्यूल नहीं लगता था। हम लोगों को एंकर चुनने की आजादी थी। सभी एंकर्स में विशेष की एंकरिंग करने की होड़ भी थी। एक रोज क्राइम से जुड़ी एक खबर पर विशेष जा रहा था। हमने कहा कि एंकर किसे रखें। विचित्र जी बोले- आज प्रतीक त्रिवेदी से करवाते हैं। उस रोज पहली बार प्रतीक त्रिवेदी से भेंट हुई थी।

लंबे कद के प्रतीक त्रिवेदी। न तो चिकना चुपड़ा चेहरा और न ही उस दौर में प्रचलित दाढ़ी वाला चेहरा.. खुरदुरी आवाज। मैंने एकाध बार वारदात की एंकरिंग करते हुए उन्हें देखा था। बहरहाल उन्होंने उस शो के सारे एंकर लिंक्स पहले पढ़ लिए। इसके बाद जब उन्होंने एंकरिंग की तो मजा ही आ गया। फिर तो अक्सर विशेष में हम प्रतीक त्रिवेदी को बुलाने लगे। इस बीच दिल्ली आजतक पर उनका शो- जनपथ सुपरहिट हो रहा था। आजतक की दूसरी पारी में भी मैंने उनकी कई स्पेशल रिपोर्टिंग पर शो बनाया। प्रतीक की ये आदत रही कि उन्हें जो भी काम सौंपा जाता है, उसे वे पूरे समर्पण के साथ पूरा करते हैं। लगकर और डटकर काम करते हैं। वे ऐसे रिपोर्टर हैं, जिनकी स्क्रिप्ट भी बहुत शानदार है। स्क्रिप्ट के मामले में भी वे किसी भी प्रोड्यूसर को चैलेंज कर सकते हैं।

करियर में प्रतीक त्रिवेदी Prateek Trivedi ने टॉप गियर लगाया और न्यूज 18 इंडिया पहुंच गए। यहां पर उनका शो- ‘भैयाजी कहिन’ कामयाबी की ऊंचाइयों पर है। पब्लिक के बीच वो किसी हीरो से कम नहीं हैं। प्रतीक की आवाज, उनके अंदाज के लोग कायल हैं। जहां भी जाते हैं, पहचान लिए जाते हैं। कुछ महीने पहले जब गुजरात में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू हुआ था, तो मैं सोमनाथ में था। प्रतीक जी भी सोमनाथ में थे। रात में मंदिर में ही उनसे भेंट हो गई। हम लोग गर्मजोशी से मिले तो वहां पर भी उनके प्रशंसक जमा हो गए। महादेव के दर्शन से पहले प्रतीक त्रिवेदी के दर्शन की होड़। उनके फैन्स के सामने संकट ये कि सेल्फी कैसे लें, क्योंकि मोबाइल फोन और कैमरे तो बाहर ही जमा हो गए थे।

प्रतीक त्रिवेदी की खासियत ये है कि वे जितने अच्छे प्रोफेशनल हैं, जितने अच्छे एंकर हैं, उतने ही अच्छे इंसान भी हैं। उन्होंने अपनी जमीन नहीं छोड़ी है। कामयाबी ने उनका दिमाग खराब नहीं किया है। अभी तो प्रतीक त्रिवेदी रास्ते में हैं, अभी कई मुकाम आने बाकी हैं, कई और मंजिलें आनी बाकी हैं। आज प्रतीक त्रिवेदी का जन्मदिन है। सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है। मेरी तरफ से भी प्रतीक जी को जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई।

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