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उत्तर प्रदेश

बिना लाईसेंस के केबल नेटवर्क चला रहा डेन संचालक धर्मेन्द्र सिंह ‘दीनू’

वाराणसी। जैसा की आप जानते है की डेन संचालक धर्मेन्द्र कुमार सिंह “दीनू” एक अपराधी है और मीडिया माफिया बना बैठा है। खासकर इलेक्ट्रानिक मीडिया को अपने अपराधो पर पर्दा डालने के लिए उपयोग करता है। लेकिन जिस मीडिया के बल पर वो गुंडई करता है उसका वो लाईसेंस भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 9 दिसम्बर 2013 को निरस्त कर दिया था। लेकिन माफिया दीनू ने वाराणसी जिला प्रशासन और मनोरंजन कर विभाग के कर्मचारियों से मिल कर आज भी अवैध रूप से डेन केबल नेटवर्क का संचालन कर रहा है।

वाराणसी। जैसा की आप जानते है की डेन संचालक धर्मेन्द्र कुमार सिंह “दीनू” एक अपराधी है और मीडिया माफिया बना बैठा है। खासकर इलेक्ट्रानिक मीडिया को अपने अपराधो पर पर्दा डालने के लिए उपयोग करता है। लेकिन जिस मीडिया के बल पर वो गुंडई करता है उसका वो लाईसेंस भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 9 दिसम्बर 2013 को निरस्त कर दिया था। लेकिन माफिया दीनू ने वाराणसी जिला प्रशासन और मनोरंजन कर विभाग के कर्मचारियों से मिल कर आज भी अवैध रूप से डेन केबल नेटवर्क का संचालन कर रहा है।

अब आपको पुरे प्रकरण को विस्तार से बताते हैं। दरअसल 2009 में डेन काशी का गठन हुआ जिसमें संजय ओझा, सुरेश वादय, राकेश कुमार, मनोज पाण्डेय, अनिल अग्रवाल और धर्मेन्द्र कुमार सिंह “दीनू” 49प्रतिशत शेयर होल्डर हुए। डेन कंपनी का 51 प्रतिशत का शेयर था। जिसमें दीनू का मात्र 14 प्रतिशत शेयर था। लेकिन दीनू ने कंपनी के अन्य अधिकारियो को मिलकर सारे शेयर होल्डरों का हिस्सा मारकर डेन काशी की जगह एमिनेंट केबल नेटवर्क प्राईवेट लिमिटेड कंपनी बनाई जिसमे अपने गैंगेस्टर चचेरे भाई सत्येन्द्र कुमार सिंह “पिंटू “को भी निदेशक मंडल में रक्खा।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दीनू के प्रार्थना पत्र पर दिनांक 25.03.2013 को सशर्त प्रोविजनल लाईसेंस दिया। लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा जांच में दीनू का आपराधिक इतिहास सामने आने के कारण दिनांक 09.12.2013 प्रोविसनल लाईसेंस निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही डेन संचालक धर्मेन्द्र सिंह दीनू को निर्देश दिया की 15 दिवस के अन्दर केबल नेटवर्क का प्रसारण बंद कर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सूचित करें।

लेकिन दीनू ने आजतक कोई प्रसारण बंद नहीं किया। वह आज भी निर्बाध रूप से डेन एमिनेंट केबल नेटवर्क का प्रसारण संचालित कर रहा है। एक और अति महत्वपूर्ण तथ्य ये की दीनू ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को झूठा एवं अपने आपराधिक इतिहास को छिपा कर ये कहा की मेरे खिलाफ किसी भी न्यायालय में आपराधिक मुक़दमा पंजीकृत नहीं है। जबकि दीनू 26.02.2013 को पुष्कर शुक्ल हत्याकांड में न्यायलय द्वारा फरार घोषित किये जा चुके थे।

झूठा और गलत शपथपत्र देने के कारण सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय दीनू के खिलाफ मुक़दमा भी पंजीकृत करा सकता है।

 

राम सुंदर मिश्रा
वाराणसी- 221001
ईमेलः [email protected]
मोः 9336933552, 9918701615

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2 Comments

2 Comments

  1. डॉ. मत्स्येन्द्र

    August 27, 2014 at 3:23 pm

    मुमकिन है यह अराजकता पहले कायम हुई हो, उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र बनने के बाद तो इसे बरक़रार नहीं रहना चाहिए! क्या भाजपाइयों को इसका पता नहीं, अथवा सञ्चालक भाजपा के आश्रय में है !!

  2. vinay kumar singh

    September 14, 2014 at 3:20 pm

    प्रिय दोस्तों मै आपको बता दू की ये राम सुन्दर मिश्रा जो ज़ी न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित चैनल से अपनी गलत सूचनाओ और बड़े bussness man को ब्लैकमेलिंग करने की हरकतों की वजह से ज़ी न्यूज़ चैनल से निकला जा चूका है ,आपको बताते चले की फर्जी पत्रकार लोगो को ब्लैकमेल करके धन उगाही का काम किया करता था और उसने यही काम धर्मेन्द्र सिंह दीनू के साथ भी करने की कोसिस किया करता था मगर जब उसका dabao उन पर नहीं चला तो उसने एक बड़े bussnessman को गलत गलत तथ्यों के आधार पर बदनाम करने की कोसिस करने लगा और सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर अपनी जाती दुश्मनी निकलने के लिए बदनाम करने की कोसिस करने लगा मगर जीत हमेशा सच्चाई की होती है और वह खुद ही ज़ी न्यूज़ चैनल से निकल दिया गया चैनल से निकले जाने के बाद वह और ज्यादा तिलमिला उठा और अब भड़ास फॉर मीडिया पर अपने कुकर्मो को छिपाने के लिए गलत गलत अफवाह लिख कर अपने आप को बसहि साबित करने की कोसिस कर रहा है।

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