संजय कुमार सिंह
अंतिम चरण का मतदान एक जून को पूरा हो गया। मतगणना चार जून को है। इससे पहले उत्तर पूर्व के नतीजे आ चुके हैं आज के अखबारों में छप चुके हैं। प्रचार- प्रसारण हो चुका है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं के पैसे से मतदाताओं का आभार कहा है। इसके लिए अखबारों का सहारा लिया है और यह अखबारों की कमाई है। सरकार ने लुटाया है। आज के अखबारों की खास बात है, भाजपा ने चुनाव प्रक्रिया का महत्व कम करने का मिला-जुला प्रयास करने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस का एक शीर्षक है, भाजपा को अरुणाचल में एक और कार्यकाल मिला, कांग्रेस नीचे जाती हुई एक सीट पर पहुंची। दूसरा शीर्षक है, विजय के भरोसे के साथ भाजपा ने खुशी मनाने के लिए राजनीतिक आयोजन की योजना बनाई, सप्ताहांत में संभावना। आज की एक और बड़ी खबर है, केजरीवाल वापस तिहाड़ गये। आज पहले पन्ने का एक शीर्षक है, जयराम का आरोप – शाह ने 150 डीएम से की बात, आयोग ने मांगे सबूत तो पहुंचे ही नहीं।
अमर उजाला में टॉप की खबर है, भीषण गर्मी-लू और रेमल से प्रभावित लोगों को दी जाए हर संभव मदद : मोदी। “100 दिन का एजेंडा: होम लोन के ब्याज पर रियायत संभव”। द टेलीग्राफ की खबरें आम अखबारों से अलग है। मुख्य शीर्षक कुछ इस तरह होगा, एक्जिट पॉल के नतीजे चुनाव नतीजे से पहले का ममला गर्माये हुए हैं। इंडिया समूह ने पूर्वानुमानों को एक मनोवैज्ञानिक मामला और मोदी मीडिया का सपना कहा है। यही नहीं, पांच कॉलम का एक शीर्षक है, “इसपर विश्वास मत कीजिये, यह फर्जी है : ममता”। पूर्वोत्तर के परिणाम यहां बॉटम हैं जो दिल्ली के अखबारों में लीड है।
इस बीच, तृणमूल पार्टी के सांसद साकेत गोखले ने ट्वीट कर बताया है कि वोटिंग और काउंटिंग के बीच रहस्यमय अंतर कैसे बीजेपी को पैसा कमाने में मदद करता है? शनिवार, एक जून को आखिरी चरण का मतदान संपन्न हो गया। सभी तैयारियों के लिए रविवार को एक दिन का ब्रेक लेते हुए, ईसीआई आज यानी सोमवार 3 जून को मतगणना का काम शुरू कर सकता था। लेकिन इसके बजाय गिनती मंगलवार के लिए रखी गई है, क्यों? एग्जिट पोल के नतीजे शनिवार और रविवार को जारी किए गए। सबसे ज्यादा देखे जाने वाले सर्वेक्षण में मोदी के “400 पार” नारे (जिसे बाद में उन्होंने खुद वापस ले लिया) को दोहराते हुए एनडीए को लगभग 400 सीटें दी गई हैं।
दिलचस्प बात यह है कि सबसे ज्यादा देखे जाने वाले एग्जिट पॉल करने वाली कंपनी का ग्राहक भी बीजेपी है। दूसरी ओर, जैसा अनुमान था, एग्ज़िट पोल में एक दल को भारी बहुमत मिलने के बाद, शेयर बाज़ार में आज उछाल आया। एसजीएक्स निफ्टी सुबह 8 बजे पहले से ही +3.58% पर है। अमित शाह और उनके व्यापारियों की टीम ने जिस कंपनी को काम पर रखा है, उसके एक्जिट पॉल के आधार पर आज बाजार में करोड़ों का कारोबार होगा। यदि आज की बाजार गतिविधि की सेबी और ईडी द्वारा बारीकी से जांच और खोजबीन की जाए, तो कई खुलासे हो सकते हैं।
यही कारण है कि मतगणना सोमवार को नहीं बल्कि मंगलवार को है। मोदी द्वारा नियुक्त चुनाव आयोग वास्तविक नतीजों से पहले भाजपा को करोड़ों कमाने में मदद कर रहा है और भाजपा ने शिकायत की है कि विपक्ष चुनाव की प्रक्रिया को बदनाम कर रहा है। यह शिकायत तब नहीं हुई जब चुनाव आयोग आदर्श आचार संहिता की ऐसी तैसी होते देख रहा था। अखबारों में खबर एक ही है, दूसरी साकेत गोखले के ट्वीट से है जो सबुह 8:31 बजे की है।


