
टीवी 27 के मालिक और बिल्डर लक्ष्मी नारायण मालवीय उर्फ एलएन मालवीय की मुश्किलें कम होती दिखाई नहीं दे रही हैं. बीते दिनों मालवीय पर धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज हुआ था. अब जानकारी है कि उत्तराखंड सरकार का सूचना विभाग भी मालवीय पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है. एमपी के व्यापमं घोटाले का दाग मालवीय पर पहले से है ही.
बता दें कि दो दिन पहले टीवी 27 न्यूज चैनल के मालिक और बिल्डर एलएन मालवीय पर ईओडब्ल्यू ने चार सौ बीसी का मकदमा दर्ज किया था. इस एफआईआर में पीडब्ल्यूडी के पांच अधिकारियों को भी मालवीय का मुकदमेवार बनाया गया है. आरोप है कि मालवीय ने पीडब्ल्यूडी के अदिकारियों के साथ मिलकर सरकार को 13 करोड़ 86 लाख रुपये का चूना लगाया है. जबकि प्रोजेक्ट में अभी तक महज 47 प्रतिशत ही काम हुआ है.
उधर उत्तराखंड से मिले इनपुट के अनुसार मालवीय ने कूटरचित दस्तावेजों और वीडियो के आधार पर चैनल सूचीबद्ध कराया है, करोड़ों के विज्ञापन झटके. इसे लेकर अब उत्तराखंड का सूचना विभाग टीवी27 के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में सभी साक्ष्यों के साथ पुलिस महानिदेशक को प्रार्थना पत्र दिया गया है.
मालवीय पर व्यापमं का दाग

एलएन मालवीय मध्य प्रदेश के सबसे बड़े घोटाले यानी व्यापमं का एक प्रमुख आरोपी बताया जाता है. मालवीय पर एमपीपीएमटी 2013 परीक्षा घोटाले के मामले में व्यापमं के अधिकारियों से सांठगांठ कर स्कोरर बैठाकर परीक्षार्थी को पास कराने का गंभीर आरोप है. मालवीय पर यह आरोप सीबीआई के वकील सतीश दिनकर ने लगाया था. साल 2013 के इस बड़े घोटाले में पुलिस ने 20 लोगों को अरेस्ट किया था. इस आरोप में मालवीय को 26 मार्च 2015 को हिरासत में लिया गया था. एसटीएफ भोपाल ने मालवीय पर मुकदमा संख्या- 539/2013 दर्ज की थी.
घोटाले में बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले मालवीय को जज ने इस शर्त पर जमानत दी ती कि वह हर सप्ताह नजदीकी थाने में जाकर हाजिरी लगाएगा. इतना ही नहीं कोर्ट ने मालवीय का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया था. इसके साथ ही आरोपी मालवीय को विदेश जाने पर भी पाबंदी लगाई गई है.


