
अनिल कुमार-
ये रमेशजी चंद्र मिश्रा है, बंसलजी भाई साहब की खोज! बदलापुर से भाजपा का विधायक है! 2017 से पहले दूसरे दल में था! ब्लॉक प्रमुख टाइप किसी पद पर! होटल व्यवसायी भी है! कुशल रणनीतिकार भाई साहब के नेतृत्व में भाजपा में आया! और भाजपा के ओरिजनल नेताओं को दरकिनार कर टिकट विंडो से बदलापुर का टिकट कटाकर प्रत्याशी बन गया! मोदीजी की लहर में जीत भी गया!
विधायकी से मन नहीं माना तो रणनीतिकार भाई साहब को दो खोखा देकर मंत्री बनने का गोटी सेट करने लगा, लेकिन रणनीतिकार भाई साहब की बहुत कोशिश के बावजूद दाल नहीं गली! रायता अलग फैल गया! बहुत पापड़ बेलने के बावजूद भाई साहब मंत्री नहीं बनवा पाये, लेकिन दो खोखा का एहसान चुकाते हुए 2022 का टिकट पहली ही लिस्ट में जारी करवा दिया, अबकी योगी लहर में जीत गया!
ये प्रवासी पक्षी है! कल को माहौल सपा या बसपा का ठीक हुआ तो उड़कर उस डाल पर जा बैठेगा, और टिकट विंडो तो आजकल हर दल में खुला हुआ ही है, दाम देने की औकात होगी तो टिकट भी मिल ही जायेगा, लेकिन भाजपा को क्या हासिल होगा? इस होटल व्यवसायी प्रवासी के चक्कर में रणनीतिकार भाई साहब ने बदलापुर में अपने वैचारिक नेताओं की मिट्टी पलीत कर दिया है! प्रवासियों को पनपाने के लिये अपने ही नेताओं की जड़ में मट्ठा डाल दिया!
बदलापुर में अगर यह दूसरे दल में चला गया तो भाजपा को इस सीट पर प्रत्याशी खोजना मुश्किल होगा, क्योंकि रणनीतिकार भाई साहब और उनके चिंटुओं ने अपने नेताओं को इन प्रवासियों के आगे फलने फूलने का मौका नहीं दिया! ऐसा उत्तर प्रदेश की उन तमाम सीटों पर होगा, जिन पर अपने वैचारिक नेताओं की कीमत पर रणनीतिकार भाई साहब ने प्रवासी व्यवसायी और ठेकेदार नेताओं को तवज्जो देकर फलने फूलने का मौका दिया, और खुद भी फले फूले!
रमेशजी चंद्र मिश्रा ने पहले खुद ही सरकार के खिलाफ बयान जारी किया, और खुद ही कहने लगा कि इस तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है! अबे चपड़गंजू तेरा वीडियो, तूने जारी किया, फिर इसे तोड़कर किसने मरोड़ दिया? मैं तो दोलांड ट्रंप पर भी तोड़ने मरोड़ने का आरोप नहीं लगा सकता, क्योंकि वो अपने पर हुये हमले से परेशान हैं! अखिलेश अंबानी की शादी में बिजी हैं, फिर ये वीडियो तोड़कर मरोड़ा किसने? बहनजी ने?
दरअसल, प्रवासियों को लोकसभा चुनाव के बाद से लगने लगा है कि भाजपा की हालत खराब हो रही है, और सपा की मजबूत! ऐसी स्थिति में रमेश जैसे प्रवासी नेता अब अपने लिये ठंडा इलाका तलाशना शुरू कर चुके हैं! फिलहाल उन्हें वो ठंडा इलाका सपा नजर आ रही है! यह तोड़ मरोड़ उसी का हिस्सा है! अभी चुनाव के पहले कई लोगों के बयान तोड़े मरोड़े जायेंगे! अपने लूर शऊर से हारने वाले राजेंद्र सिंह ऊर्फ मोती सिंह का बयान भी किसी ने हथौड़ी से तोड़कर पिलाश से मरोड़ दिया है!
फिलहाल, लखनऊ में भाजपा के अपर मुख्य लेबल के वरिष्ठ विजय बहादुर यादव जैसा प्रवासी नेता सपा ज्वाइन कर पहले ही बता दिया है कि हम तो ठहरे प्रवासी साथ क्या निभायेंगे, मौसम दिख गया सही तो उड़कर उधर जायेंगे! अपनों की बजाय रणनीतिकार भाई साहब की प्रवासी नेताओं को मजबूत करना यूपी भाजपा पर भारी पड़ने वाला है! जनता की भी सुलग रहा है, और 13 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में उसने बता दिया है कि ओरिजनल लेकर आओ नहीं तो प्रवासियों की लंका लगा देगी!
देखें वीडियो…
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।



संतोष देव गिरि
July 17, 2024 at 1:36 pm
झन्नाटेदार रिपोर्ट, एक दम खरी-खरी
अनिल भैया ने तो बदलापुर के बयान बहादुर का कचूमर ही निकाल दिया।