
बांग्लादेश में रिजर्वेशन को लेकर चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन में अब तक एक अखबार के पत्रकार समेत 19 लोगों की मौत होने की खबर है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्वतंत्रता संनानियों के वंशजों के लिए सिविल सर्विसेज में एक तिहाई सीटें आरक्षित की गई थीं, जिसे लेकर छात्र सड़कों पर उतर आए. इस पर बांग्लादेश पुलिस की कार्रवाई में 19 मौत और हजारों के घायल होने की बात कही जा रही है.
बांग्लादेश के ढाका, चटगांव, रंगपुर और कुमिला सहित कई शहरों में लाठी और पत्थरों से लैस हजारों स्टुडेंट्स और पुलिस जवानों के बीच हिंसक झड़पें देखी गईं. बढ़ती हिंसा को देखते हुए भारत व अन्य देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइडरी जारी की है.
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो गुरुवार पुलिस के साथ झड़प में 6 लोगों के मारे जाने के साथ मृतकों की संख्या 19 पहुंच गई है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेश में हालात तेजी से खराब हो रहे हैं.
इससे पहले बुधवार को सरकार ने पूर्ण बंदी की अपील के साथ स्टूडेंट को बातचीत के लिए निमंत्रण भेजा था. शिक्षा मंत्रालय ने अगले आदेश तक देशभर में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक लेवल के शिक्षण संस्थान बंद करने का आदेश दिया है. गुरुवार को प्रदर्शन में प्राइवेट स्कूलों के छात्र भी शामिल हो गए हैं. एक छात्र की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों ने रंगपुर में बेगम रोकैया विश्वविद्यालय के कुलपति के आवास को भी आग के हवाले कर दिया.
टीवी स्टेशन में आगजनी के साथ पत्रकार की मौत
प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण ढाका के रामपुरा में बांग्लादेश के सरकारी चैनल बीटीवी में आग लगा दी. शाम 4 बजे के बाद तक टीवी स्टेशन में आग की लपटें देखी जाती रहीं. वहीं, ढाका के जात्राबारी इलाके में कवरेज के दौरान ढाका टाइम्स के 35 वर्षीय पत्रकार हसन मेहेदी की मौत हो गई. इसके अलावा 1000 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है. ट्रेन और मेट्रो स्टेशन की सेवाएं प्रभावित होने के साथ ही मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं को भी बंद करा दिया गया है.


