सत्येंद्र पीएस-
यौन शोषण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कथावाचक आसाराम बापू को 7 दिनों का पैरोल मिलने के बाद दुष्कर्म पीड़िता के परिवार ने सुरक्षा बढाने की मांग की है।
शाहजहांपुर की रहने वाली 16 वर्षीय पीड़िता के साथ आसाराम बापू ने अपने जोधपुर स्थित आश्रम में वर्ष 2013 में दुष्कर्म किया था। पीड़िता के आरोप लगाने के बाद एक सितंबर 2013 को कथावाचक को गिरफ्तार किया गया और 2018 में इस मामले में आसाराम बापू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अब जोधपुर उच्च न्यायालय ने कथावाचक को इलाज के लिए सात दिन की पैरोल दी है।

इस बीच, पीड़िता के पिता ने अपने परिवार पर खतरा बताते हुए कहा कि उनके यहां जो पुलिस बल तैनात है, वह नाकाफी है और सुरक्षा को बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब आसाराम जेल के अंदर था तब यहां उसके मुकदमे के मुख्य गवाह 35 वर्षीय कृपाल सिंह की शाहजहांपुर के कैंट क्षेत्र में 10 जुलाई 2015 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी तथा मुजफ्फरनगर में एक अन्य गवाह की गोली मार कर हत्या की गई थी।
पीड़िता के पिता ने कहा कि वह और उनका परिवार आसाराम के पैरोल पर बाहर आने के बाद से काफी भयभीत है क्योंकि वह इलाज के बहाने अब जेल से बाहर आ गया है।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली 16 वर्षीय पीड़िता के साथ आसाराम बापू ने अपने जोधपुर स्थित आश्रम में वर्ष 2013 में दुष्कर्म किया था। पीड़िता के आरोप लगाने के बाद एक सितंबर 2013 को कथावाचक को गिरफ्तार किया गया। मुकदमा चलने लगा। आशाराम के जेल में रहते हुए मुकदमे के मुख्य गवाह 35 साल के कृपाल सिंह की शाहजहांपुर के कैंट क्षेत्र में 10 जुलाई 2015 को गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद एक अन्य गवाह की मुजफ्फरनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। 2018 में इस मामले में आसाराम बापू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
जोधपुर उच्च न्यायालय ने कथावाचक को इलाज के लिए 7 दिन की पैरोल दी है। अभी 3 दिन पहले इस खुशी में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक आशाराम के समर्थन में भारी भरकम जुलूस निकाले गए। खुशी मनाई गई।
इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना है रेप के बारे में। यही भारतीयता है। रेप करने वाला कौन है, किस राज्य में रेप हुआ, किसकी सरकार में रेप हुआ। इन सब आधार पर रेप की गंभीरता, रेप की इंटेंसिटी तय होता है। इन सब आधारों पर टेलीविजन, अखबारों में जुनून चलता है। रेप के खिलाफ लहर चलती है। एक मनुष्य के रूप में रेप की घटनाओं से मुझे दुख होता है, ऐसे लोगों से घृणा होती है चाहे वह बंगाल में हो, बिहार में हो, उत्तराखंड में हो या दिल्ली में।
आसाराम के जेल से रिहा होने की खुशी में जुलूस और बंगाल में डॉक्टर के रेप होने के खिलाफ जुलूस। यह एक ही वक्त में चल रहा है। ऐसी स्थिति में क्या ही लिखा जा सकता है? अगर आप रेप को लेकर सलेक्टिव हैं तो आप अपनी मां बहन से बलात्कार कर रहे हैं, रेप का विरोध नहीं कर रहे हैं। ऐसा करते हैं और सलेक्टिव होते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से संभावित बलात्कारी हैं।


