गूगल ने लोकल न्यूजरूम को लाखों डॉलर प्रदान करने के लिए कैलिफोर्निया के सांसदों के साथ एक समझौता किया है. जिसे लेकर पत्रकारों और डेमोक्रेटिक सांसदों की ओर से इसकी आलोचना की जा रही है.
डील क्या है?
इस डील के अनुसार गूगल और कैलिफोर्निया राज्य, यूसी बर्कले के पत्रकारिता स्कूल में स्थापित न्यूज ट्रांसफॉर्मेशन फंड का इस्तेमाल करते हुए, ब्रॉडकास्टर को छोड़कर, लोकल न्यूज रूमों को समर्थन देने के लिए पांच सालों में संयुक्त रूप से धनराशि का योगदान करेंगे. रिपोर्ट में ऑकलैंड डेमोक्रेट असेंबली सदस्य बफी विक्स, जिन्होंने डील के लिए नेगोशिएशन का नेतृत्व किया था, के हवाले से कहा गया है कि गूगल 110 मिलियन डॉलर देगा और राज्य 70 मिलियन डॉलर देगा.
गूगल ने डील क्यों की?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गूगल की यह डील वैश्विक प्रयासों की सीरीज में लेटेस्ट बताई जा रही है. विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों में, जहां टेक कंपनियां उस पत्रकारिता का समर्थन करती हैं, जिससे उन्हें लाभ होता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि मीडिया इंडस्ट्री में गिरावट देखी गई है, साथ ही पाठकों की संख्या ऑनलाइन माईग्रेट हो गई है और विज्ञापन के लिए मिलने वाले पैसे खत्म हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप वैश्विक स्तर पर हजारों नौकरियां समाप्त हो गई हैं.
पत्रकारों द्वारा डील की आलोचना
दरअसल, गूगल और कैलिफोर्निया द्वारा ये डील एआई के लिए भी निर्धारित की गई है, जिससे कई पत्रकारों में भय पैदा हो गया है कि उनकी नौकरियां छीन ली जाएंगी. डेमोक्रेटिक विधायकों का मानना था कि गूगल सैक्रामेंटो से अनुकूल शर्तें प्राप्त करने के लिए अपने प्रभाव का प्रयोग कर रहा था.
हालांकि, कैलिफोर्निया न्यूज पब्लिशर एसोसिएशन ने इस डील का समर्थन किया और इसे पत्रकारिता को अधिक टिकाऊ व्यवसाय मॉडल की ओर ले जाने में पहला कदम बताया. जर्नलिस्ट यूनियन मीडिया गिल्ड ऑफ द वेस्ट ने कहा कि इस समझौते से न्यूजरूम पर गूगल की व्यापक शक्ति में कोई बदलाव नहीं आएगा.


