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उत्तर प्रदेश

पत्रकार व परिजन पर हमला करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर लगाने की मांग

सुरेश गांधी-

वाराणसी | वरिष्ठ पत्रकार अजीत सिंह और उनके परिजनों पर हुए कातिलाने हमले व लूटपाट की घटना से आहत पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश है। खास यह है कि घटना के बाद पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप पर बड़ागांव थाना पुलिस द्वारा दोषियों के खिलाफ रपट दर्ज कर कार्रवाई तो हो गयी, लेकिन जिस तरह दोषियों के समर्थकों एवं सपा कार्यकर्ताओं द्वारा पेशी के दौरान न्यायालय परिसर में हंगामा किया गया और पत्रकार को देख लेने की धमकी दी गयी, उससे पत्रकार एवं उसके परिजनों में भय व्याप्त है।

इस मामले में काशी पत्रकार संघ एवं वाराणसी प्रेस क्लब के बैनरतले पत्रकारों का एक शिष्टमंडल शनिवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ के. एंजिलरसन से ट्रैफिक पुलिस लाइन स्थित उनके कार्यालय में मिला। शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरुण मिश्रा द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में हमलावरों पर गैंगस्टर में कार्रवाई करने व डकैती की धारा लगाने की मांग की गयी। साथ में चेताया भी गया है कि अगर पत्रकार के साथ किसी भी तरह का उत्पीड़न या हमला किया गया तो उसके लिए पुलिस की विफलता मानी जायेगी। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने शिष्टमंडल को प्रकरण की जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

शिष्टमंडल द्वारा संयुक्त पुलिस आयुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में कहा गया है कि “दैनिक हिंदुस्तान“ के वरिष्ठ पत्रकार अजीत सिंह अपने परिवार के साथ 5 सितंबर, गुरुवार की रात आठ बजे एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने हरहुआ (बाबतपुर) जा रहे थे। रिंग रोड स्थित वाजिदपुर गांव के समीप पीछे से आ रहे ट्रक ने कार में टक्कर मार दी। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार अजीत सिंह की ट्रक चालक से कहासुनी हो गई। इस बीच दासेपुर गांव के करीब बीस पच्चीस लोगों का समूह वहां पहुंचकर वरिष्ठ पत्रकार एवं उनके परिवार पर हमला कर लूटपाट की। घटना से आहत अजीत सिंह ने हरहुआं पुलिस चौकी सहित बड़ागांव थाना प्रभारी व पुलिस कमिश्नर को फोन के जरिए घटना की जानकारी दी।

सूचना पर पहुंची बड़ागांव पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार एवं उनके परिवार पर जानलेवा हमला, लूट, छेड़खानी के आरोप में दो लोगो को गिरफ्तार कर कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिये प्रभावी कदम उठाये जाने की मांग की गयी। लेकिन उक्त घटना में गिरफ्तार दो आरोपियों को छुड़ाने के लिए जिस तरीके से राजनीतिक पार्टी विशेष के लोगों ने कचहरी में भी हंगामा किया था, वह डरावना है।

हालांकि, पेशी के बाद न्यायालय द्वारा उन्हें जेल भेज दिया गया। लेकिन पत्रकार एवं परिजनों में माफिया प्रवृत्ति के अपराधियों से भय व्याप्त है। ऐसे में शिष्टमंडल ने संयुक्त पुलिस आयुक्त से मांग किया है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों पर सख्त से सख्त कारवाई की जाए। साथ ही सभी पर गैगेस्टर एक्ट और गिरोहबंदी अधिनियम के तहत कारवाई की जाएं, जिससे भविष्य में इस तरह की घटना पर रोक लग सके। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिये प्रभावी कदम उठाये जायें।

हाईवे और शहर के बाहरी क्षेत्रों में भी पुलिस पेट्रोलिंग की पुख्ता व्यवस्था की जाय। संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ के. एंजिलरसन ने शिष्टमंडल को उचित और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिष्ट मंडल में काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष डॉ. अत्रि भारद्वाज, महामंत्री अखिलेश मिश्र, वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरुण मिश्र, मंत्री विनयशंकर सिंह, दीनबंधु राय, पुष्पेन्द्र त्रिपाठी, अजीत सिंह, अमरीष सिंह, अमित वर्मा, अशोक कुमार सिंह, जितेन्द्र श्रीवास्तव, अमित शर्मा, सुरेश गांधी, अरशद आलम मुख्य रूप से शामिल थे।

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