गाजियाबाद के मीडिया टाइम्स अपार्टमेंट में रहने वाली हिंदुस्तान टाइम्स की महिला संपादक ने सोसाइटी में ही रहने वाले तीन लोगों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. मुकदमे में शामिल तीन लोगों में एक पत्रकार है, जो कि भारत एक्सप्रेस चैनल में कार्यरत बताया जा रहा है.
महिला एडिटर की तहरीर पर थाना इंद्रापुरम (कमिश्नरेट) पुलिस ने मुकदमा संख्या- 1024/2024 की धारा 115(2), 352 व 352(2) के तहत शुक्रवार 13 सितंबर को कृष्ण मोहन शर्मा, पीके राय और कैलाश तिवारी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है. इनमें कृष्ण मोहन शर्मा भारत एक्सप्रेस में काम करते हैं.
महिला पत्रकार का आरोप है कि इन तीनों लोगों द्वारा उन्हें, उनके पति व सास को लगातार परेशान किया जा रहा है. जिसके बाद उन्होंने बेहद मजबूरी में कानून का सहारा लिया है. यह तीनों लोग अक्सर अपनी दबंगई दिखाते हुए उसे व उसके परिवार को प्रताड़ित करते रहते हैं, उसे नोकरी से निकलवा देने की धमकी देते हैं.
यह लोग अपने कुत्ते को सोसाइटी में खुला छोड़ देते हैं, कोई भी विरोध करता है तो यह लोग उसे गालियां बकना और धमकी देना शुरू कर देते हैं, इनकी दबंगई से की लोग त्रस्त हैं.
भड़ास से हुई बातचीत में महिला संपादक ने बताया कि, “शर्मा ने मुझे पीटने की धमकी देते हुए कहा, “इसको तो मार पड़ेगी, निकलवा के बाहर कर देंगे, ‘यह सब पुलिस के सामने हुआ. साफ़ था कि उन्हें पुलिस की मौजूदगी का भी डर नहीं था. इसके बाद राय ने भी आक्रामकता में मुझे एक तरफ धकेल दिया. इससे पहले, 30 अगस्त को शर्मा, तिवारी और पीके राय ने उनके बगीचे के पास एक सामान्य क्षेत्र में हमारे वाहन की पार्किंग के संबंध में हमें धमकी दी थी, जिसमें मेरे परिवार को “चुपचाप उठा ले जाने” और गाली-गलौज किया जाना शामिल था.”
वहीं, इस मामले में दूसरे पक्ष से पीके राय ने भड़ास4मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि, “ऐसा कुछ नहीं है. सभी आरोप गलत हैं. मैं सोसाइटी का एडहॉक सेक्रेटरी हूं और पिछले 20-22 वर्षों से यहां 100 से ज्यादा परिवार सौहादृपूर्वक रह रहे हैं. यह लोग जो आरोप लगा रहे हैं, वह यहां रेंट पर आए हैं और खुद को कमांडो तथा अपनी पत्नी के पत्रकार होने का रौब दिखाते हैं. पीएम तक अपने संबंध बताकर मनमानी करते हैं.
उन्होंने कहा कि पत्रकार कृष्णमोहन शर्मा की पत्नी कैंसर पेशेंट हैं और यह लोग अपनी कार उनके फ्लैट के सामने लगा देते हैं. रात को किसी भी वक्त एक मरीज को कैसी भी समस्या पड़ सकती है, दरवाजे पर किसी की कार लगी है तो मजबूरी है आदमी आवाज उठाएगा ही.
आवाज उठाने पर दोनों पति-पत्नी अन्य लोगों पर हावी होने का प्रयास करते हैं. 13 तारीख को जो भी मामला हुआ, उसमें पुलिस के चार कांस्टेबल और चौकी इंचार्ज खुद सामने थे, उनके सामने किसी तरह तरह की अभद्रता कोई कैसे कर सकता है. जो भी मामला दर्ज कराया गया है उसमें हमारे पास पुलिस की तरफ से अभी तक कोई मैसेज नहीं आया है.”
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