
संजय कुमार सिंह
आज जब अरविन्द केजरीवाल को जमानत मिलने की खबर सभी अखबारों में लीड है तो खबर यह है कि जीएसटी के झंझट को कोई व्यवसायी अब मंत्री के समक्ष रख पाया और भाजपा के नेताओं ने मंत्री (सरकार) की प्रतिष्ठा में संबंधित व्यवसायी का एक वीडियो जारी कर दिया जिसमें वे माफी मांगते (अफसोस जताते) नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया में इसकी इतनी थू-थू हुई कि तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष, जो विदेश में हैं उन्हें भी सक्रिय होना पड़ा। हालांकि विवाद तब भी ठंडा नहीं हो पाया और आज यह खबर कई अखबारों में पहले पन्ने पर है। आज ही नियमों औऱ कानून में संशोधन का फायदा उठाने वाले एक केंद्रीय मंत्री ने कुछ गलत और गैरकानूनी हो तो मैं मंजूरी वापस करने को तैयार हूं, जैसा बयान दिया है।
पहले जीएसटी का मामला जो इंडियन एक्सप्रेस में आज आठ कॉलम का एंकर है। इसका शीर्षक है, “जीएसटी ‘विवाद’ वित्त मंत्री के समक्ष, रेस्तरां श्रृंखला ने भाजपा को मुंह की खाने पर मजबूर किया”। मूल मामला तमिल में है। सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा अंग्रेजी में है। हिन्दी के मेरे दोनों अखबारों के साथ द हिन्दू और द टेलीग्राफ में आज में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। हिन्दुस्तान टाइम्स में यह खबर तीन कॉलम में है और शीर्षक है, जीएसटी के प्रति तमिलनाडु के व्यवसायी की नाराजगी और माफी से राजनीतिक हंगामा मचा। टाइम्स ऑफ इंडिया में भी यह खबर तीन कॉलम में है। शीर्षक है, जीएसटी पर टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु के होटल व्यवसायी से वित्त मंत्री की माफी ने राजनीतिक विवाद बढ़ाया। कुल मिलाकर, मामला यह है कि तमिलनाडु के भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई ने कोयंबटूर में श्री अन्नपूर्णा रेस्तरां के मालिक श्रीनिवासन से माफी मांगी है। श्रीनिवासन ने केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी की जटिलताओं की शिकायत की थी। इस घटना के बाद तमिलनाडु भाजपा ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें होटल व्यवसायी माफी मांगते नजर आ रहे थे। इससे तमिलनाडु ही नहीं, देश भर में सियासत तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने बीजेपी पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
बताया जाता है कि श्रीनिवासन ने यह कहते हुए माफी मांगी कि वे किसी पार्टी से जुड़े हुए नहीं हैं। उन्होंने अपने पूछे गए सवाल को लेकर भी माफी मांगी। नवभारत टाइम्स की एक खबर के अनुसार, वित्त मंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोयंबटूर गई थीं। वहाँ उन्होंने छोटे कारोबारियों से मुलाकात की। इस दौरान तमिलनाडु की एक लोकप्रिय रेस्तरां श्रृंखला ‘श्री अन्नपूर्णा’ के मालिक श्रीनिवासन ने वित्त मंत्री के सामने खाने की अलग-अलग चीजों पर अलग-अलग जीएसटी दरों का उल्लेख किया औऱ कहा कि इसके चलते रेस्तरां मालिकों को भारी समस्या होती है। उन्होंने कहा कि क्रीम से भरे बन पर 18% टैक्स है, जबकि बन पर कोई जीएसटी नहीं है। क्रीम पर जीएसटी की दर अलग है। श्रीनिवासन ने कहा कि ग्राहक अक्सर कहते हैं कि मुझे बन और क्रीम अलग दो लगाने का काम मैं खुद कर लूंगा। इससे व्यवसाय में दिक्कत है और कंप्यूटर भी जीएसटी की गणना करने में उलझ जाते हैं।
देश में अगर रोजगार-व्यवसाय की हालत खराब है तो एक कारण यह भी है कि जीएसटी के इस हास्यास्पद झंझट को व्यवसायियों ने अभी तक खुद सार्वजनिक रूप से नहीं कहा, अखबारों ने खबर नहीं दी और जो कुछ हुआ उसपर सरकार ने कार्रवाई नहीं की। और बात इतनी ही नहीं है, भाजपा वालों ने यह दिखाने-बताने की कोशिश की कि संबंधित व्यवसायी ने माफी मांग ली है और मुद्दा वह नहीं है जो वीडियो में दिख रहा है। कुल मिलाकर, अगर व्यवसाइयों ने अपनी समस्या बताई भी हो तो कार्रवाई नहीं हुई और कार्रवाई के नाम पर कल जो हुआ वह भाजपा की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। दिलचस्प यह है कि इस मामले में राहुल गांधी ने एक्स पर लिखकर भाजपा और सरकार की आलोचना की है पर वह आज खबरों में नहीं है। आप जानते हैं कि इससे पहले मेडिकल इंश्योरेंस पर 18 प्रतिशत जीएसटी का मुद्दा भी उठ चुका है और सरकार ने इसे अभी तक वापस नहीं लिया पर कार्रवाई चल रही है ऐसी खबर छप चुकी है। जीएसटी दर और विवादों से संबंधित विवाद पर वित्त मंत्री और सरकार समर्थक प्रचारकों, सोशल मीडिया के ट्रोल आदि का कहना है कि कौंसिल में सभी राज्यों के वित्त मंत्री हैं और फैसले वही करते हैं। उसमें विपक्षी दलों के नेता भी हैं। यहां उल्लेखनीय है कि जब जीएसटी लागू हुआ था तो नियम और भी अव्यावहारिक और उद्योग विरोधी थे। जैसे-जैसे केंद्र सरकार की लोकप्रियता या दबंगई कम हुई है जीएसटी के नियम हल्के हो रहे हैं। जहां तक उद्योग व्यवसाय के नुकसान की बात है शेल कंपनियों को बंद करने और गैर सरकारी संस्थाओं का विदेशी चंदा रोकने से भी भारी नुकसान हुआ है। इससे ना लोगों के पास काम है ना पैसा।

आज की खबरों के अनुसार, श्रीनिवासन ने यह भी कहा, ‘लोग कहते हैं कि वित्त मंत्रालय ने मिठाइयों पर 5% और नमकीन पर 12% जीएसटी लगाया है क्योंकि उत्तर भारत में लोग मिठाई ज्यादा खाते हैं। तमिलनाडु में मिठाई, नमकीन और कॉफी एक साथ चलते हैं। कृपया इनके लिए एक समान जीएसटी लें। वीडियो में निर्मला सीतारमण इस पर कोई प्रतिक्रिया देती नहीं दिखीं। खबरों के अनुसार, निर्मला सीतारमण ने अगले दिन विभिन्न उत्पादों के लिए अलग-अलग जीएसटी दर का बचाव किया। इसके बाद भाजपा सदस्यों के एक्स हैंडल के माध्यम से सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया। इसमें श्रीनिवासन को वित्त मंत्री से माफी मांगते हुए देखा गया। इसपर राहुल गांधी ने एक्स पर अपना पक्ष रखा है। 24 घंटे से कम समय में इसे 17 लाख लोग देख चुके थे। अंग्रेजी के इस ट्वीट का अनुवाद मेरा है। “जब कोयंबटूर में अन्नपूर्णा रेस्तरां जैसे छोटे व्यवसाय का मालिक हमारे लोक सेवकों से सरलीकृत जीएसटी व्यवस्था की मांग करता है, तो उसके अनुरोध का सामना अहंकार और घोर अनादर के साथ किया जाता है। फिर भी, जब कोई अरबपति मित्र नियमों में संशोधन चाहता है, कानूनों को बदलना चाहता है, या राष्ट्रीय संपत्ति हासिल करना चाहता है, तो मोदी जी लाल कालीन बिछा देते हैं। हमारे छोटे व्यवसायों के मालिकों ने पहले ही नोटबंदी, दुर्गम बैंकिंग प्रणाली, जबरन टैक्स वसूली और विनाशकारी जीएसटी की मार झेल चुके हैं। अब और अधिक अपमान वह आखिरी चीज़ है जिसके हक़दार वे हैं। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के नाजुक अहंकार को जब ठेस पहुंचती है, तो ऐसा लगता है कि उन्हें अपमान ही झेलना पड़ेगा। एमएसएमई वर्षों से राहत की मांग कर रहे हैं। अगर यह अहंकारी सरकार लोगों की बात सुनेगी तो उन्हें समझ आएगा कि एक कर दर के साथ सरलीकृत जीएसटी से लाखों व्यवसायों की समस्याएं हल हो जाएंगी।
आज की जो दूसरी महत्वपूर्ण खबर है वह भी इंडियन एक्सप्रेस में ही है। आज अखबार की सेकेंड लीड गोवा की एक खबर है। यह केंद्रीय मंत्री श्रीपद नायक से संबंधित है। इंडियन एक्सप्रेस में 9 सितंबर को प्रकाशित एक खबर के अनुसार, गोवा के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने पिछले 18 महीनों में 20 लाख वर्ग मीटर से ज्यादा भूमि के उपयोग में परिवर्तन को मंजूरी दी है। इसमें ग्रीन जोन को सेटेलमेंट में बदलना शामिल है। इससे इन क्षेत्रों में निर्माण की गतिविधियां हो सकेंगी और यह आवासीय व व्यावसायिक दोनों उपयोग के लिए होगा। ये परिवर्तन गोवा टीसीपी अधिनिययम 1974 में मार्च 2023 में किये गये एक संशोधन से संभव हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने 25 जुलाई 2023 को खबर दी थी कि उत्तर गोवा से छह बार के भाजपा सांसद ने इस संबंध में एक आवेदन दिया था जिसे सुधार कर आधिकारिक गजट में 15 फरवरी 2024 को प्रकाशित कराया गया था।
भ्रष्टाचार की नई परिभाषा
खबर के अनुसार इसके कई लाभार्थी हैं और इनमें राज्य के दो मंत्रियों के अलावा केंद्रीय मंत्री और कई रीयल इस्टेट कंपनियां हैं। खबर के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने अब कहा है कि अगर इसमें कुछ गलत पाया जाता है और उनकी जानकारी में लाया जायेगा तो वे अपना आवेदन और मिली मंजूरी वापस लेने को तैयार हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि इस मामले में भ्रष्टाचार की परिभाषा ही बदल गई लगती है। छह बार के सांसद ने अपनी पार्टी की सरकार (जिसमें वे खुद मंत्री हैं) के शासन में नियम बदलने के बाद आवेदन किया, उसके लाभार्थी बने और मामला सामने आया तो कह रहे हैं गैर कानूनी नहीं है और हो तो मंजूरी वापस कर देंगे।
बिना जमानत जेल में चार साल
आज जब सभी अखबारों में अरविन्द केजरीवाल को जमानत मिलने की खबर लीड है तो इंडियन एक्सप्रेस में एक खबर उमर खालिद की है। शीर्षक है, आतंक क्या है पर बहस के बीच उमर खालिद ने जेल में पाँचवाँ साल शुरू किया। खबर के अनुसार इस मामले में ट्रायल अभी भी शुरू नहीं हुआ है।
आज की दूसरी खबरों में प्रमुख हैं
1. किश्तवाड़, बारामूला में मुठभेड़; जेसीओ समेत दो शहीद, दो घायल
2. ग्रेटर कैलाश में जिम संचालक की हत्या
3. लखनऊ से कानपुर जा रही ट्रेन में छेड़छाड़ करने वाले रेल कर्मचारी की पीटकर हत्या
4. पोर्टब्लेयर का नाम बदलकर श्री विजयपुरम किया गया।
5. कोलकाता में डॉक्टर की हड़ताल से मौत का इल्जाम
6. मणिपुर शहर बेहतर रॉकेट के डर से आसमान की ओर देखता है
7. फोर्ड मोटर वापस भारत आयेगा, अपना प्लांट फिर शुरू करने के लिए तैयार
8. अदाणी ने स्विस कोर्ट द्वारा जब्त किये गये 311 मिलियन की राशि से संबंध से इनकार किया
9. केंद्र ने मणिपुर हिंसा पर 20 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी
10. कोलकाता के चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की
11. सेबी प्रमुख ने कहा है कि सभी आरोप गलत, प्रेरित हैं।
तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने सेबी प्रमुख के खिलाफ जांच की मांग करने के लिए लोकपाल को पत्र लिखा है। यह खबर (हिन्दुस्तान टाइम्स को छोड़कर) पहले पन्ने पर नहीं है। इनके अलावा, जूस में मूत्र मिलाकर पिलाने वाला दुकानदार गिरफ्तार और कांग्रेस नेता टाइटलर के खिलाफ चलेगा मुकदमा अमर उजाला की पहले पन्ने की खास खबरें है ।
*जीएसटी पर 2018 में मेरी किताब आई थी, नाम है – जीएसटी 100 झंझट।



