संतोष कुमार पाठक-
पिछले कुछ सालों में बहुत से ऐसे लोगों से मुलाकात हुई, जो अपना चैनल खोलना चाहते हैं। सही कहूं तो एक से एक जमूरे मिले, चिटफंडिए मिले और कुछ व्यापारी लोग भी मिले।
हाल ही में ऐसे ही एक व्यक्ति से मुलाकात हुई जो उत्तर प्रदेश/ उत्तराखंड के लिए आज तक से बड़ा चैनल खोलना चाहते थे ( हंसिए मत) । मिलने की इच्छा नहीं थी लेकिन एक पुराने सीनियर ने बार-बार कहा, जिन्हें मैं टाल नहीं सकता था तो मिलने चला गया। पेश है उस व्यापारी के साथ बातचीत का थोड़ा सा हिस्सा..
व्यापारी – नमस्कार पाठक जी
मैं – नमस्कार, कैसे हैं आप ( दुआ सलाम और कुछ औपचारिक बातचीत के बाद काम की बात पर आए)
व्यापारी – पाठक जी, पैसों की कोई कमी नहीं है अपने पास। मेरी इच्छा बस आज तक से भी बड़ा चैनल खोलने की है।
मैं -जी, अच्छा
व्यापारी : आप बताइए, आपके पास क्या प्लान है?
मैं – देखिए, जितनी चीनी डालेंगे ..चाय तो उतनी ही मीठी होगी..इसलिए फंड..
व्यापारी – बात काटते हुए बीच में ही बोला, पाठक जी, फंड की चिंता मत कीजिए। बहुत है अपने पास..
मैं – तो फिर किसी और धंधे में लगाइए, चैनल क्यों खोलना चाहते हैं। यह तो घाटे का सौदा बन गया है।
व्यापारी : इस देश ने मुझे बहुत कुछ दिया है, अब समाज को लौटाना चाहता हूं।
मैं – हम्म्म्म
व्यापारी – आप बताइए, आपके पास क्या प्लान है?
मैं – चैनल का लाइसेंस..
व्यापारी – ( फिर बात काटते हुए) वो बात हो गई है। अभी तो रेंट पर ले रहे हैं , बाद में उसी को खरीद लेंगे। आप बताइए , आपके पास क्या प्लान है?
मैं – आज तक जैसा चैनल खोलना चाहते हैं तो फिर..
व्यापारी : ( फिर बात को बीच में काटते हुए) आज तक जैसा नहीं, आज तक से भी बड़ा..
मैं – ( मुस्कुराते हुए) ये तो बहुत अच्छी बात है..लेकिन चैनल का फोकस एरिया क्या होगा?
व्यापारी – अब तो चुनाव का समय आने वाला है। हम एक साल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पर फोकस करेंगे। सुना है आपकी बहुत पकड़ है यूपी/उत्तराखंड पर..आपके पास तो लखनऊ, देहरादून और हर जिले में रिपोर्टर्स की फौज है..
मैं -जी
व्यापारी : मैंने जितने लोगों से आपका फीडबैक लिया, सब आपकी तारीफ करते हैं।
मैं – जी, ये तो उन लोगों का बड़प्पन है।
व्यापारी : अरे नहीं पाठक जी, सच कह रहा हूं। अभी परसो ही दिल्ली में भाईसाहब ( जिनका नाम लिया, उसे लिखना ठीक नहीं है) से मुलाकात हुई। मैंने आपके नाम का जिक्र किया तो उन्होंने तुरंत कहा कि हां पाठक जी, बहुत अच्छे आदमी हैं। राष्ट्रवादी हैं और उन्हें फिर से राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ना है।
मैं – ( यह जानते हुए भी कि वह बन्दा झूठ बोल रहा है, मैं मुस्कुराया ) हम्म्म्म
व्यापारी : तो बताइए , कैसे करेंगे आप?
मैं : मैंने तो बता ही दिया आपको, प्लानिंग फंड के हिसाब से ही होती है..
व्यापारी – उसकी चिंता मत कीजिए..
मैं -लेकिन चैनल के लिए कुछ तो रखा होगा।
व्यापारी – एक अमाउंट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें तो एक साल का काम चल जाएगा। फिर यूपी/उत्तराखंड का चुनाव भी तो है.. बाकी आप चिंता मत कीजिए.. अपने पास 5 साल का फंड है..
मैं – एक साल नहीं , सिर्फ कुछ महीने ही बाकी है। जिस दिन आप डील फाइनल करेंगे, उस दिन से अगर हम 24 घंटे सातों दिन काम करेंगे तो भी चैनल ऑन एयर जाने में ढाई से 3 महीने लगेंगे।
व्यापारी : अरे नहीं, 15-20 दिन में चैनल शुरू हो जाएगा। 2 बड़े फीमेल एंकर का नाम लेते हुए कहा कि आप उनसे बात कर लीजिए.. और भी कुछ बड़े नामों को जोड़िए। बाकी आपका क्या प्लान है? चुनाव में कितना तक आ जाएगा?
मैं – लेकिन आपका प्लान तो 5 साल का है न ?आज तक से भी बड़ा चैनल चलाने का..
व्यापारी – बिल्कुल
मैं – एक रिक्वेस्ट है लेकिन
व्यापारी -कहिए
मैं- 3-4 मिनट मुझे बिना किसी रुकावट के बोलने दीजिए..
व्यापारी- ( झेंपते हुए) अरे, अरे बिल्कुल बोलिए पाठक जी..
मैं – पिछले कुछ सालों में दिल्ली के इसी तरह के होटलों में और कुछ के साथ नोएडा के होटलों में भी मुलाकात हुई। शायद 13-14 लोगों के साथ। शुरुआत में तो मैं लंबी-चौड़ी तैयारी करके जाता था। फिर छोड़ दिया।
आपने जितना फंड बताया है, उसमें 5 साल तो छोड़िए , 3 महीने भी नहीं चल पाएगा ( अगर आज तक से मुकाबला करना है ) लेकिन यह बात सही है कि समाचार प्लस के बंद होने के बाद यूपी/उत्तराखंड में उस जैसे चैनल की जगह खाली है..जो हम चैनल शुरू होने के 6 महीने के अंदर हासिल कर सकते हैं लेकिन उसके लिए भी इससे तीन गुना फंड की जरूरत पड़ेगी.. लेकिन मेरी कुछ शर्तें हैं..
व्यापारी – ( चेहरे का रंग अब थोड़ा सा बदलने लगा)
बिल्कुल पाठक जी।
मैं – अगर मुझे चैनल चलाना है तो फिर सिर्फ मैं ही चलाऊंगा और वो भी प्रोफेशनल तरीके से। हर डिपार्टमेंट में काबिल और प्रोफेशनल लोग रखेंगे Including Sales & Marketing
व्यापारी – Sales वालों की क्या जरूरत है , वो तो..
मैं – बात को बीच में ही काटते हुए बोला.. चैनल को प्रोफेशनल तरीके से चलाने के लिए हर डिपार्टमेंट जरूरी है। बाकी और भी बहुत सारी चीजें हैं..
व्यापारी – लखनऊ और देहरादून में किसको रखेंगे?
मैं – बाकी सारा फंड अलग रखिए.. जिसका खर्च आप या आपके द्वारा appoint किया गया कोई व्यक्ति अपनी निगरानी में करें। Purchase में मेरा कोई दखल नहीं होगा लेकिन सामान हमें quality वाला मिलना चाहिए।
व्यापारी : जी
मैं – स्टॉफ की सैलरी का एक फंड अलग से बनाइए , जिसमें डेढ़ साल की सैलरी का फंड होना चाहिए ( लगभग इतना तो..)
व्यापारी – चौंकते हुए डेढ़ साल
मैं – जी ( इस पर दोनों के बीच लगभग 10 मिनट तक वाद-विवाद हुआ)
व्यापारी – ये तो ज्यादा है, लेकिन कुछ प्लान तो होगा आपके पास
मैं – अगर आप मुझे जोड़ना चाहते हैं तो पहले 6 महीने की सैलरी मुझे एडवांस देनी पड़ेगी।
व्यापारी -( चौंकते हुए ) 6 महीने
मैं – जी, यह मेरी सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है।
उनका चेहरा बता रहा था कि वो कुछ और ही सोच कर आए थे।
मैं- और अगर आप सिर्फ प्लान सुनना चाहते हैं तो उसका चार्ज मैंने एक लाख रुपया रखा है। उसे मेरे अकाउंट में तुरंत ट्रांसफर कीजिए। उसके बाद सारा प्लान बता देता हूं।
लखनऊ और देहरादून की लिस्ट मेरे पास तैयार हैं। हर जिले में भी रिपोर्टर की लिस्ट तैयार हैं। भगवान ने इतना तो गुडविल बना ही दिया है कि अगर मैं आपके साथ जुड़ा तो मेरे फोन करने पर इनमें से 70-80 फीसदी लोग तो जॉइन कर ही लेंगे और जो नहीं कर पाएंगे वो कहीं से भी ढूंढकर हमें अच्छा बंदा दे देंगे।
व्यापारी -लेकिन शुरू में ही एक लाख? हम तो साथ में जुड़ ही रहे हैं।
मैं – अरे आप तो इतने बड़े आदमी हैं महाराज। आपके लिए तो एक लाख , एक रुपए के बराबर ही है। बाकी अगर साथ में जुड़ेंगे तो जो 6 महीने का एडवांस आपसे कहा है, उसमें से काट लीजिएगा।
बैठक में थोड़ी देर खामोशी छा गई। फिर मैंने उठते हुए कहा
मैं – चैनल खोलना और चलाना मज़ाक नहीं है, महाराज। अच्छे से सोचिए ठीक लगे तो कॉल कीजिएगा। बाकी इस इंडस्ट्री में नए चैनल खुलवाने वाले बहुत से लोग हैं जो फ्री में भी आ जाएंगे और purchase में जमकर दलाली कूटेंगे और भाग जाएंगे। और आपके हाथ में..
यह 35-40 मिनट की मीटिंग का एक सार है।


