संजय कुमार सिंह
वैसे तो आज टेलीग्राम पर प्रतिबंध की खबर ही लीड होनी चाहिए थी लेकिन उसकी चर्चा से पहले आज की कुछ दूसरी और महत्वपूर्ण खबरों की चर्चा कर लें। उदाहरण के लिए देशबन्धु की लीड है, ममता ने अपनी हार को हाईकोर्ट में दी चुनौती। इस खबर के साथ बताया गया है कि नंदीग्राम का मामला आज भी लंबित है। लेकिन आज की खबर है, सिर्फ पहचान के लिए आधार के उपयोग पर जवाब मांगा। नवोदय टाइम्स की खबर के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर केंद्र और सभी राज्यों व केंद्र-शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किए हैं और इसे इसी तरह के लंबित मामलों के साथ जोड़ दिया। याचिका में केंद्र, राज्यों और चुनाव आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आधार का इस्तेमाल पहचान के सबूत के तौर पर हो, न कि नागरिकता, निवास, पते और जन्म तिथि के सबूत के तौर पर। आज की एक और खबर है, कोटा में राहुल गांधी आज रैली करेंगे। जब प्रश्नपत्र लीक हो जा रहे हैं, सरकार रोक नहीं पा रही है तब एक खबर यह भी है किखांसी की दवाई डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी। दैनिक भास्कर की सेकेंड लीड है, एनसीआर के चारो राज्यों में बनेगी एक-एक नमो सिटी। द हिन्दू की लीड का शीर्षक है, मानसून की रफ़्तार धीमी पड़ने से भारत में बारिश की 35% कमी रही। मध्य भारत में बारिश की यह कमी 61% है। मानसून का पहला दौर कमज़ोर पड़ा। इसलिए सरकार ने फ़सल-वार आपातकालीन योजनाएँ बनाने के निर्देश दिए हैं। लगभग 200 ज़िलों को प्राथमिकता वाली निगरानी में रखा और साप्ताहिक समीक्षा के आदेश दिए। दि एशियन एज की खबर है, प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि ट्रंप के सामने नाविकों की मौत का मुद्दा उठाएं। इन सभी खबरों के बीच दैनिक भास्कर और कई अखबारों की लीड टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने की खबर है। इसलिए नहीं कि बहुत सही कदम है इसलिए कि इससे सरकारी कार्रवाई या तैयारी का खोखलापन दिखता है। इसके बावजूद लीक होना जाहिर हो जाए तो चर्चा टेलीग्राम पर प्रतिबंध की होगी धर्मेन्द्र प्रधान को दी जा रही सुरक्षा और संरक्षण की नहीं होगी।
यह वैसे ही है कि पहले रेल दुर्घटना होती थी तो रेलवे के सुरक्षा आयुक्त जांच करते थे। बाद में इसमें साजिश दिखने लगी और जांच का काम पिंजड़े में बंद तोते से कराया गया। नतीजा क्या निकला पता नहीं, अब दुर्घटनाओं की जांच कौन करता है राम जानें। और वे भी क्या जानें जब उन्हीं के यहां डकैती हुई पड़ी है। प्रचारक परेशान हैं कि राहुल गांधी ने (उनकी) भावना को ठेस पहुंचा दी। लुट गए वह (प्रचारकों के लिए) मुद्दा ही नहीं है। ऐसे में आज अखबारों ने यह प्रचार किया है कि प्रधानमंत्री ने ट्रम्प को सुनाया कि समुद्री नाविकों (पोत कर्मचारियों) की रक्षा की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा है कि भरोसे की कमी है, दुनिया में अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान नहीं है। आप जानते हैं कि अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान की नाम लेकर आलोचना नहीं करने, मरने वालों के प्रति शोक नहीं जताने के लिए नरेन्द्र मोदी की खूब आलोचना हुई। जवाब में भारत सरकार ने जो किया और उसके बाद जो सब हुआ उससे कंप्रोमाइज्ड होने की शंकाओं के बीच छवि संभालना महत्वपूर्ण कार्य था और उसके लिए हेडलाइन मैनेजमेंट वाला शीर्षक है, With Trump listening, PM says seafarers must be protected. टाइम्स ऑफ इंडिया में टेलीग्राम पर प्रतिबंध की खबर सेकेंड लीड है। हिन्दी ने भी ऐसा ही किया है। दोनों को लगभग बराबर महत्व दिया है। टेलीग्राम वाली खबर लीड की जगह तीन कॉलम में लाइट फौन्ट के शीर्षक से है जबकि मोदी जी खबर लगभग उसी शीर्षक से चार कॉलम में बोल्ड शीर्षक से है। इस तरह लीड यही है लेकिन सेकेंड लीड भी हो तो प्रमुखता इसे ज्यादा दी गई है।
इंडियन एक्सप्रेस में लीड के बराबर वाली सेकेंड लीड की जगह न्यूज 18 इंडिया का विज्ञापन है। लीड टेलीग्राम वाली खबर है और उसके साथ की खबर का शीर्षक है, राहुल गांधी के दौरे से पहले भाजपा और कांग्रेस आमने सामने, कोटा चाहता है कि उसे अकेला छोड़ दिया जाए। आप जानते हैं कि यह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का चुनाव क्षेत्र है और अखबार बताना चाह रहा है कि उनका शहर भी उन्हीं की तरह स्वतंत्र छोड़ दिया जाना चाहता है ताकि निष्पक्ष कार्रवाई करता रहे। अखबार ने राहुल गांधी की यात्रा और कोटा में कार्यक्रम से संबंधित खबर दी है। खबर यह भी है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम के पोस्ट बैनर हटवा दिए गए थे जबकि दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक थी तो उसके खिलाफ बैनर लगवा दिए गए थे। प्रधानमंत्री की खबर यहां भी वही है लेकिन बाकी अखबारों की तरह चापलूसी वाला शीर्षक नहीं है। हिन्दी में पूरा शीर्षक इस प्रकार होगा। फ्लैग शीर्षक है, अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता आज। मुख्य शीर्षक है, ट्रम्प सुन रहे थे, मोदी ने जी7 से कहा: भरोसे की कमी, फिर से बनाने की जरूरत। दि एशियन एज प्रधानमंत्री की छवि बनाने वाले कार्यक्रम में और आगे है। उसका शीर्षक है, संबंधों में तनाव के बीच जी-7 में प्रधानमंत्री ने ट्रम्प से संक्षिप्त वार्ता की। अमर उजाला का शीर्षक टाइम्स ऑफ इंडिया जैसा प्रभावशाली और समयानुकूल नहीं है बल्कि उन्हें महान दिखाने की दिशा में प्रगति है। शीर्षक के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा है, दुनिया आज संसाधनों (की कमी से) नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है है। खबर के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा, साझेदारियां तभी सफल हो सकती हैं जब वे भरोसे पर टिकी हों। उन्होंने दो टूक कहा, दुनिया में संसाधनों की नहीं विश्वास की कमी है। अखबार ने लिखा है, प्रधानमंत्री ने अमेरिका समेत जी7 देशों से कहा। फोटो के साथ यह भी लिखा है, ट्रम्प के पास बैठे पीएम की दो टूक। यहां भी टेलीग्राम पर प्रतिबंध सेकेंड लीड है। नवोदय टाइम्स में भी दोनों खबरें लगभग समान प्राथमिकता से हैं।
द टेलीग्राफ में पहले पन्ने पर टेलीग्राम की खबर तो लीड है लेकिन प्रधानमंत्री वाली दूसरी खबर नहीं है। नीट पर प्रतिबंध वाली खबर का फ्लैग शीर्षक है, आलोचकों के अनुसार, ऐप्प ब्लॉक करना परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस खबर में कहा गया है, टेलीग्राम को ब्लॉक करने का स्वागत करते हुए नीट का आयोजन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि यह कार्रवाई नकल करने-कराने वाले रैकेट्स द्वारा ऐप्प के संगठित उपयोग के खिलाफ है। ये लोग नीट के उम्मीदवारों को धोखा देने का काम कर रहे थे। खबर के अनुसार, सोमवार को अहमदाबाद में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनपर अंतर राज्यीय गिरोह चलाने का आरोप है। यह गिरोह 21 जुलाई की पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर प्रश्नपत्र साझा करने का झूठा दावा करके छात्रों और अभिभावकों से पैसे वसूलता था। जाहिर है, कार्रवाई लीक कराने वालों पर नहीं हुई है, लीक प्रश्नपत्र का प्रसार रोकने के लिए की गई है ताकि लीक हो भी जाए, पैसे वालों को फायदा मिले और परीक्षा रद्द भी नहीं करनी पड़े। दिखावे के लिए परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 नामक एक सख्त कानून लागू किया है। इस कानून में दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अब समझिए कि हो क्या रहा है, एक देश, एक परीक्षा जैसे किसी नारे के तहत एनटीए बनाया गया उसके तहत नीट आया और लगातार प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं। इससे लोग कमा रहे हैं और हिस्सा सही जगह पहुंच रहा है इसलिए चल रहा है वरना कोई कारण नहीं है कि टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगे और शिक्षा मंत्री बने रहें। पर्चे तो व्हाट्सऐप्प से भी बंट सकते हैं।

मैं रोज चार हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल दस, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। एआई का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।


