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सुख-दुख

जनसत्ता समेत कई अखबारों में कार्यरत रहे वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ झा का ब्रेन स्ट्रोक से निधन!

Grayscale portrait of a bearded man with glasses; Hindi headline above.

प्रदीप विद्रोही-

नदी, पानी, समाज को समर्पित वरिष्ठ पत्रकार एवं संवेदनशील इंसान साथी अमरनाथ झा जी के निधन की अत्यंत दुःखद सूचना मिली। उनका असमय जाना पत्रकारिता और जनपक्षधर सामाजिक सरोकारों की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है। वे केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और संघर्षों को अपनी संवेदना और लेखनी से स्वर देने वाले सजग नागरिक थे।

आज भी कहलगांव में गंगा मुक्ति आंदोलन की वर्षगांठ पर दो वर्ष पूर्व हुई आखिरी मुलाकात स्मृतियों में ताज़ा है। उनकी आत्मीयता, विनम्रता और संघर्षशील चेतना हमेशा याद रहेगी।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, मित्रों और सहयोगियों को यह गहन दुःख सहने की शक्ति दें। भावभीनी श्रद्धांजलि।


जनसत्ता और उससे पहले गुवाहाटी के पूर्वांचल प्रहरी अखबार में पुराने साथी रहे अमरनाथ झा का ब्रेन स्ट्रोक से पटना में निधन हो गया. गुवाहाटी के पत्रकार मित्र रवि शंकर रवि ने सुबह यह सूचना दी. इससे मन काफी उद्विग्न है.
अभी महीने भर पहले ही फोन पर अमरनाथ से बात हुई थी. हमारी आखिरी मुलाकात हुई थी 2022 में मणिपुर विधानसभा चुनाव के दौरान इम्फाल में. विनम्र श्रद्धांजलि.
-प्रभाकर मणि तिवारी. वरिष्ठ पत्रकार


महेंद्र यादव-

निशब्द कर देने वाली दुखद सूचना मिली है। वरिष्ठ पत्रकार, नदी पानी समाज को समर्पित अमरनाथ झा जी का विगत रात 10 बजे निधन हो गया।

उनका दाह संस्कार आज 18 जून को दोपहर 12 बजे के लगभग दीघा घाट पटना में किया गया।

अमरनाथ झा जी का असमय निधन सामाजिक जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। अश्रुपूरित विनम्र श्रद्धांजलि। परिजनों को दुःख सहने का साहस मिले इसकी कामना करता हूं।

(उनके घर से लौटकर विनीत भाई ने सूचना दी है और कुलभूषण गोपाल जी ने फोन पर बताया है )


कमला कांत पांडेय-

लोकचेतना, लोकधर्मी और समाजवादी धारा के अप्रतिम वरिष्ठ पत्रकार एवं उसूलों से मसझौता किए बगैर मित्रों के लिए हमेशा खड़े रहने वाले अमरनाथ झा जी की निधन की सूचना अत्यंत दुःखद है. उनका असमय यूं ही चला जाना पत्रकारिता और जनपक्षधर सामाजिक सरोकारों की दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति है.

अमरनाथ झा केवल एक पत्रकार नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और संघर्षों को अपनी संवेदना और लेखनी से स्वर देने वाले सजग नागरिक भी थे. उनसे समय-समय पर विचारों का आदान-प्रदान दो हजार के पहले से चला आ रहा था. आज से इसपर सदा-सदा के लिए विराम लग गया.

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, मित्रों और सहयोगियों को दुःख सहने की शक्ति दें! भावपूर्ण श्रद्धा-सुमन


संजीव चौरसिया-

दीघा विधानसभा अंतर्गत महेन्द्र मंडल के अध्यक्ष श्री अरिमर्दन झा जी के बड़े भाई श्री अमरनाथ झा जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। उनका असामयिक निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं अपूरणीय क्षति है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल एवं धैर्य प्रदान करें।

श्री अमरनाथ झा जी का अंतिम संस्कार आज प्रातः 11:30 बजे दीघा घाट पर किया जाएगा। ॐ शांति।


कुमार कृष्णन-

नदी पानी समाज को समर्पित वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ जी के निधन के दुखद समाचार को सुनकर बहुत स्तब्ध और मर्माहत हूं। अमरनाथ झा जी का असमय निधन सामाजिक जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है।

Elderly man with a green knitted cap and white beard sits cross-legged on a bed, looking down in a sunlit room.

अमरनाथ जी से मेरा परिचय पाटलिपुत्र टाईम्स के समय से ही था। पाटलिपुत्र टाईम्स के डगमगाने के बाद वे गुवाहाटी पुर्वांचल प्रहरी चले गए। कुछ दिनों के लिए जब गुवाहाटी मैं गया था, तो प्रायः उनसे मुलाकात हो जाती थी। उसके बाद वे जनसत्ता में आए।

इस दौरान मिलना जुलना ज़ारी रहा। अखबारी नौकरी से उनका मन उब चुका था। उन्होंने जनसत्ता से स्वैच्छिक अवकाश ले लिया। लगातार नदी पानी पर काम करते रहे। बनारस के गंगा मुक्ति आंदोलन के सम्मेलन में मिले। हर साल भागलपुर के कहलगांव में होने वाले गंगा मुक्ति आंदोलन के स्थापना दिवस में मुलाकात होती रहती थी।

उनसे अंतिम मुलाकात रांची प्रेस क्लब में सुप्रसिद्ध पर्यावरण विद् अनुपम मिश्र जी को समर्पित कार्यक्रम में हुई थी। लेकिन उनका फोन बराबर आता रहा। वे मुंगेर के योग के मेरे आलेख को देख बहुत कुछ जानना चाहते थे।

चार पांच रोज पहले ही कहा था कि मैं ध्यान करना चाहता हूं, वहां आकर। मैं तुरंत में तो किसी कोर्स में संभव नहीं है, लेकिन योग दिवस के दिन पादुका दर्शन में होनेवाले कार्यक्रम में या चातुर्मास के कार्यक्रम में आ सकते हैं। उन्होंने कहा -आते है मुंगेर, आपके साथ ही चलेंगे। लेकिन ईश्वर को यह मंजूर नहीं था। वे दुनिया से रुखसत हो गए।

आप बहुत याद आएंगे। विनम्र श्रद्धांजलि


सीपीआईएमएल, बिहार-

वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ झा के निधन पर भाकपा (माले) की श्रद्धांजलि

पटना, 18 जून 2026- वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक और जनपक्षधर साथी अमरनाथ झा के निधन का समाचार अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है. भाकपा (माले) उनकी स्मृति को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है. पार्टी राज्य सचिव कुणाल ने उन्हें पूरी पार्टी की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

अमरनाथ झा ने अपना पूरा जीवन पत्रकारिता को जनसरोकारों से जोड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित किया. उत्तर बिहार के गांवों में नदी, बाढ़, विस्थापन और आम जनता के जीवन से जुड़े सवालों पर उनका काम पत्रकारिता की जनपक्षधर परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है.

सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और मानवीय मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई.

वे केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि जन आंदोलनों, सामाजिक बदलाव की पहल और लोकतांत्रिक अधिकारों के संघर्षों के संवेदनशील, सजग और विश्वसनीय साथी थे. उन्होंने हमेशा हाशिये के लोगों की आवाज़ को मजबूती से सामने रखा और सत्ता से असुविधाजनक सवाल पूछने का साहस दिखाया.

उनका निधन बिहार की पत्रकारिता, लोकतांत्रिक चेतना और प्रगतिशील-समाजवादी आंदोलनों के लिए एक अपूरणीय क्षति है. उनके विचार, लेखन, संघर्ष और जनपक्षधर हस्तक्षेप आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे.

भाकपा (माले) अमरनाथ झा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है. शोक संतप्त परिवार, मित्रों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है.

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