एक तरफ देश में रेडियो इंडस्ट्री को लेकर लगातार नकारात्मक चर्चाएं हो रही हैं। हाल ही में कई प्रमुख रेडियो ब्रांड्स के संचालन पर सवाल उठे और कुछ बड़े नाम बाजार से बाहर भी हुए। ऐसे समय में एक मीडिया प्रोफेशनल का रेडियो की ओर लौटना इंडस्ट्री के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
मीडिया, एडवरटाइजिंग और कंटेंट इंडस्ट्री में करीब एक दशक का अनुभव रखने वाले अनुज पारीक ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली स्थित रेडियो ऊर्जा FM 89.6 में स्टेशन मैनेजर एवं प्रोग्रामिंग हेड के रूप में जिम्मेदारी संभाली है।
दिलचस्प बात यह है कि पारीक का यह कदम ऐसे समय आया है, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव और बदलते विज्ञापन बाजार के बीच रेडियो के भविष्य पर लगातार बहस चल रही है। ऐसे माहौल में मुंबई की स्थापित कॉर्पोरेट और मीडिया दुनिया छोड़कर रेडियो में वापसी को कई लोग एक साहसिक और असामान्य फैसला मान रहे हैं।
अनुज पारीक ने अपने करियर की शुरुआत भी रेडियो से ही की थी। इसके बाद उन्होंने करीब तीन वर्षों तक राजस्थान पत्रिका समूह में क्रिएटिव कॉपीराइटर के रूप में कार्य किया। वर्ष 2021 में उन्होंने पत्रिका समूह को अलविदा कहकर मुंबई का रुख किया था। उस समय उनके करियर मूवमेंट की खबर भी मीडिया जगत में चर्चा का विषय बनी थी।
मुंबई में उन्होंने एक एंटरटेनमेंट एजेंसी के साथ कॉपी मैनेजर के रूप में काम किया और मनोरंजन जगत के कई बड़े ब्रांड्स के लिए कंटेंट, प्रमोशन और ब्रांड स्ट्रैटेजी पर भूमिका निभाई। उनके क्लाइंट पोर्टफोलियो में Zee TV, &TV, Zee Anmol, Zing TV, Saregama Carvaan और Saregama Bhakti जैसे नाम शामिल रहे।
इसके अलावा वे Pocket FM के लोकप्रिय ऑडियो शो “Forbidden Nights – Kahani Us Raat Ki” के लेखक भी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने मुंबई आधारित भारत के पहले एडल्ट डायपर ब्रांड के साथ Hindi Lead Writer तथा एक प्रमुख एडटेक कंपनी के साथ Senior Performance Writer के रूप में भी कार्य किया।
अब करीब एक दशक बाद उनकी पेशेवर यात्रा फिर वहीं पहुंची है, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी—रेडियो।
मीडिया हलकों में इस फैसले को सिर्फ एक नौकरी परिवर्तन नहीं बल्कि एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब कई पेशेवर रेडियो से डिजिटल की ओर बढ़ रहे हैं, अनुज पारीक का डिजिटल और एडवरटाइजिंग दुनिया से वापस रेडियो में लौटना यह संकेत देता है कि स्थानीय समुदायों से जुड़ा रेडियो आज भी अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है।
रेडियो ऊर्जा FM 89.6 में उनकी नई भूमिका में कंटेंट रणनीति, प्रोग्रामिंग, रेडियो ग्रोथ, ब्रांड विस्तार और कम्युनिटी एंगेजमेंट की जिम्मेदारियां शामिल होंगी।
क्या सच में यह करियर वापसी है, या फिर वाकई कम्युनिटी रेडियो आज कमर्शियल से ज़्यादा प्रासंगिक है? फिलहाल यही सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है।



