रूपेश मिश्रा-
देखिए दोस्तों आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ऑनर मूवी माफिया, महाठग, धूर्त, झूठा, मक्कार दुर्गेश सिंह ने एक और फिल्म के साथ गद्दारी की है। “लव यू रानी” जिसके निर्माता निर्देशक बलदेव प्रसाद जी हैं, इनके साथ भी वही काम किया है जैसे परी सिंघानिया जी के साथ एग्रिमेंट कर किया था। सबके साथ ये ठग एक ही रूप अपनाता है एक ही फार्मूला अपनाता है और एग्रीमेंट करके मात्र 100 रुपए में फिल्म को अपनी जाल में फंसा लेता है।
पूरे सबूत के साथ मैं आप लोगों तक पहुंचा रहा हूं। मैं भी देखता हूं कब तक दुर्गेश सिंह पुलिस प्रशासन और कानून के आंख में धूल झोंक पाता है। इसका एक-एक काला चिट्ठा दुनिया के सामने लाकर रखूंगा और जब तक लोगों को न्याय नहीं मिल जाता और दुर्गेश सिंह को न्यायालय से काल कोठरी तक नहीं भेज दूंगा, तब तक मैं शांत बैठने वाला नहीं हूं।
देखिए और सुनिए ध्यान से पहला वीडियो निर्माता रितेश ठाकुर किस तरह से उनके बिना जानकारी के आर्य डिजिटल ने उन्हें एक मुकदमे का गवाह बनाया, ऐसे ही ये मुकदमे करता है। महाठग का वीडियो सुनिए।
अभिनेत्री एवं निर्मात्री परी सिंघानिया जी की पूरी बात सुनिए, किस तरह से दुर्गेश सिंह ने उनकी फिल्म जबरन हथिया ली। एग्रीमेंट के बाद पैसा नहीं दिया। देखें सुनें..
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Rupesh Mishra-

कल इम्पा की मीटिंग में निर्माता के हक की बात की गई। एक मध्यवर्गीय निर्माता के हक की बात हुई की किस तरह से एक निर्माता कलाकारों को लेकर फिल्म बनाता है और बनाने के बाद जब चैनल या म्यूजिक कंपनी के पास जाता है तो उसकी फिल्म का दाम 3 लाख या फिर 5 लाख रुपये लगाया जाता है। भला क्या 5 लाख में कोई फिल्म बनती है?
चैनल वाले पूछते हैं या म्यूजिक कंपनी वाले पूछते हैं स्टार कास्ट कौन है, नए स्टार कास्ट पर इतना ही मिलेगा? अरे पहले आप फिल्म की पूरी मेकिंग-टेकिंग तो देखो। अगर फिल्म की मेकिंग अच्छी लगती है तब रुपया, दम लगाइए।
नए कलाकारों से सजी फिल्म भी अच्छी बनती है मैं बहुत शुक्रगुजार हूं इम्पा संगठन का, मनोज ओझा जी का, परी सिंघानिया जी का जिन्होंने पहली बार निर्माता के हक कि बात की है।


