Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

दिवंगत पत्रकार के बेटे ने राम रहीम को चुनाव के लिए खतरा बताया, आयोग को लिखी चिट्ठी

र्चित और दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर डेरा सच्चा सौदा चीफ गुरमीत राम रहीम सिंह के पैरोल पर आपत्ति दर्ज कराई है. हरियाणा विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच बीते दिनों आयोग की मंजूरी के बाद गुरमीत को 11वीं बार पैरोल मिली है.

माना जाता कि हरियाणा व आस-पास राम रहीम का बड़ा फॉलोअर बेस है. जिनके बारे में कहा जाता है कि वे एकपक्षीय मतदान करते हैं.

आज तक डॉट इन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, अंशुल ने राम रहीम को मिलने वाली पैरोल को चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा बताया है. अंशुल का कहना है कि डेरा प्रमुख ने अपनी चमड़ी बचाने के लिए राजनीतिक दलों का भरपूर फायदा उठाया है. इसी के चलते गुरमीत राम रहीम ने अपने डेरा की एक राजनीतिक विंग भी तैयार की है. इसी विंग के जरिए डेरा सच्चा सौदा व उसका मुखिया पिछले दो दशकों से अपने श्रद्धालुओं के वोटों का सौदा करता रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, अंशुल ने दावा किया है कि पिछले दो सालों में राम रहीम को दस बार पैरोल या फरलो दी गई है, जिसमें से छह बार विभिन्न चुनावों के ऐन पहले दी गई थी. उन्होंने बताया कि चुनावों से पहले राम रहीम पैरोल पर बाहर आकर वोटों को प्रभावित करने की कोशिश करता है. इससे निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से चुनाव होना मुश्किल हो जाता है.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो राम रहीम ने हाल ही में इमरजेंसी पैरोल के लिए आवेदन किया था, जिसे चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद हरियाणा सरकार के पास भेजा गया है. अंशुल छत्रपति ने अपने पत्र में चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि वे हरियाणा सरकार को राम रहीम की पैरोल रद्द करने का निर्देश दें साथ ही निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए.

राम रहीम को कब कब मिली आजादी?
दिवंगत पत्रकार के बेटे अंशुल ने बताया कि पहली बार पंजाब विधानसभा से पूर्व फरवरी 2022 में 21 दिन की फरलो मिली. इसके बाद हरियाणा नगर निकाय चुनाव से पहले जून 2022 में 30 दिन की पैरोल मिली. फिर हरियाणा की आदमपुर विधानसभा उपचुनाव में 2022 में ही 40 दिन की पैरोल दी गई. 2023 में हरियाणा पंचायत चुनाव से पहले जुलाई में 30 दिन की पैरोल मिली. राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले नवंबर 2023 में 29 दिन की पैरोल मिली.

अंशुल ने चिट्ठी में यह भी जिक्र किया है कि, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक जनहित याचिका लगाकर चुनाव पूर्व बार-बार दी जा रही पैरोल पर सवाल खड़े किए. इस याचिका का निपटारा करते हुए माननीय न्यायालय ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए थे कि गुरमीत राम रहीम के मामले में बिना मनमानी और पक्षपात के निर्णय लिए जाएं. इसके बावजूद हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पूर्व अगस्त 2024 में फिर राम रहीम को 21 दिन की फरलो दी गई.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन