नई दिल्ली | दिल्ली हाईकोर्ट ने सहारा समूह का विदेशी व्यापार संचालित करने वाले विजय सिंह डोगरा की विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी है. डोगरा ने, हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) द्वारा चल रही जांच और मुकदमे के दौरान ही भारत से बाहर यात्रा करने की अनुमति मांगी थी.
विजय सिंह डोगरा, सहारा ग्रुप से जुड़ी कई कंपनियों के डायरेक्टर हैं. उनके द्वारा दायर याचिका में यह माँग की गई थी कि लुकआउट सर्कुलर (LOC), जिसे आमतौर पर तब जारी किया जाता है जब किसी व्यक्ति के खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत और ठोस कारण होते हैं, ताकि उन्हें देश से भागने से रोका जा सके, को हटाया जाए और उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी जाए.
डोगरा के पक्ष में तर्क दिया गया कि यह यात्रा उनके बेटे के न्यूयॉर्क फिल्म अकादमी में प्रवेश में सहायता के लिए और दुबई में पढ़ रही उनकी बेटी से मिलने के लिए आवश्यक है. उन्होंने दावा किया कि यात्रा पर प्रतिबंध उनके भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 (राइट टू लाइफ एंड लिबर्टी) के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और उन्होंने चल रही जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया.
ये याचिका 13 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट ऑफ़ दिल्ली द्वारा खारिज कर दी गई, क्योंकि कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को बरकरार रखते हुए यात्रा अनुरोध को अस्वीकार कर दिया. कोर्ट ने डोगरा के सहारा समूह के साथ घनिष्ठ वित्तीय संबंधों और SFIO द्वारा चल रही जांच का हवाला दिया.
एक सीलबंद कवर में प्रस्तुत सबूतों से यह संकेत मिला कि डोंगरा ने अपनी संलिप्तता को पूरी तरह से प्रकट नहीं किया था, और अधिकारियों ने तर्क दिया कि वह एक उच्च उड़ान जोखिम का प्रतिनिधित्व करते है. अदालत ने पाया कि डोंगरा यात्रा के लिए उचित कारण प्रदान करने में विफल रहे और उनकी उपस्थिति जांच में बाधा डाल सकती है, जिससे याचिका खारिज कर दी गई.
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