जयपुर | दैनिक भास्कर अख़बार में प्रकाशित एक खबर को लेकर पुलिस महानिदेश, एटीएस एवं एसओजी जयपुर राजस्थान द्वारा नोटिस भेजी गई है. यह नोटिस खबर में प्रकाशित कुछ तथ्यों के साक्ष्य उपलब्ध कराने को दी गई है.
नोटिस के अनुसार, भास्कर के विभिन्न संस्करणों में – “भास्कर इन्वेस्टिगेशन – एसआई भर्ती में डमी अभ्यर्थी व पेपर लीक मामले की जांच में गड़बड़झाला, आरोपों की पुष्टि के बावजूद ट्रेनिंग ले रहे 56 एसआई, 6 माह में डमी परिक्षार्थियों तक नहीं पहुंच पाई एसओजी” नाम के शीर्षक से प्रकाशित किया गया है.
नीचे बॉक्स में, “एफआईआर के बाद इन्वेस्टिगेशन में 69 नाम ऐसे सामने आए जो गड़बड़ी में शामिल थे, लेकिन एसओजी ने चालान से नाम हटाकर क्लीन चिट दे दी.
खबर में 69 आरोपियों के चालान से नाम हटाने की बात कही गई, जिसकी सूची भास्कर के पास होना बताया गया है.”
इसके अलावा, एसओजी जिन्हें बचा रही है उसकी लिस्ट भास्कर के पास होनी जैसी चीजें बताई गई हैं.” जिसे लेकर विभाग ने नोटिस जारी कर सबूत मांगा है.
इस मसले पर ममता राजगढ़ नाम के एक्स हैंडल से कई सवाल उठाते हुए लिखा गया है कि- “दैनिक भास्कर अखबार की न्यूज झूठी हो सकती है पर दैनिक भास्कर के पत्रकार के पास 56 जनों का डाटा कहां से आया? रोल नंबर, मेरिट नंबर, नाम, पिता का नाम, और सेंटर नाम.
दैनिक भास्कर की न्यूज गलत है और मनगढ़ंत है तो उसने माफीनामा पेश क्यों नहीं किया? क्या मामला दबाया जा रहा है? क्या लीपापोती चल रही है ये ईमानदार लोगों को सफाई देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है आप सही हो तो आपको डरने की जरूरत नहीं है. हमारी एक ही मांग भर्ती रद्द हो.”
ममता ने अपने दूसरे ट्वीट में भास्कर को टैग कर लिखा है- “दैनिक भास्कर का भी SOG को तगड़ा ज़वाब. SOG कोर्ट जाये, हम कोर्ट में सबूत दें. हम गोपनीयता का सम्मान करते हैं क्योंकि खबर SOG के अंदर से दी गयी है, हम उन अधिकारियों का नाम उजागर नहीं करना चाहते.”

देखें भास्कर में प्रकाशित खबर और उसके बाद नोटिस….




