सीसीआई यानी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 48 पेज का एक विस्तृत आदेश पब्लिश किया, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के वायकॉम 18 और वॉल्ट डिज्नी के स्वामित्व वाले स्टार इंडिया के मेगा मीडिया विलय को मंजूरी दी गई है. इस आदेश में सात टीवी चैनलों के विनिवेश सहित कुछ अन्य शर्तें भी शामिल हैं.
नियामक की मंजूरी की अन्य शर्तों को दोनों समूहों की तरफ से स्वेच्छा से सहमति दी गई. जिसमें मौजूदा अधिकारों के अंत तक आईपीएल, आईसीसी और बीसीसीआई के लिए टीवी विज्ञापन स्लॉट की बिक्री को मौजूदा अधिकारों के शेष कार्यकाल के लिए एक साथ नहीं रखेंगी. इसके अलावा पार्टियां हंगामा व सुपर हंगामा समेत सात टीवी चैनल बेचेंगी.
दोनों पार्टियों की तरफ से कहा गया कि वे आईसीसी और आईपीएल आयोजनों के लिए अपने टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन दरों को अनुचित स्तर तक नहीं बढ़ाएंगे, जब तक कि मौजूदा अधिकार उनके पास नहीं हैं.
इकोनॉमिक टाइम्स ने पीटीआई के हवाले से लिखा है कि आरआईएल 56% हिस्सेदारी के साथ विलय की गई इकाई को नियंत्रित करेगी. संयुक्त फर्म में डिज़्नी की 37% हिस्सेदारी होगी, जबकि बोधि ट्री सिस्टम्स के पास शेष 7% हिस्सेदारी होगी.
विलय की गई इकाई का मूल्यांकन 70,352 करोड़ रुपये होगा और टीवी और स्ट्रीमिंग दोनों में प्रमुख उपस्थिति होगी.
स्टार इंडिया का मूल्यांकन 26,000 करोड़ रुपये किया गया है जबकि Viacom18 का मूल्यांकन 33,000 करोड़ रुपये है. डिज़्नी+ हॉटस्टार और JioCinema को क्रमशः स्टार और Viacom18 के लीनियर टीवी व्यवसायों से अधिक महत्व दिया गया है.
विलय के बाद बनी इकाई में आरआईएल 11,500 करोड़ रुपये लगाएगी. इसके साथ, अंबानी के समूह ने मीडिया और मनोरंजन व्यवसाय में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया होगा. अप्रैल 2023 में, RIL ने Viacom18 में 15,145 करोड़ रुपये के निवेश के हिस्से के रूप में 10,839 करोड़ रुपये डाले, जिसमें उदय शंकर और जेम्स मर्डोक की बोधि ट्री सिस्टम्स ने 4,306 करोड़ रुपये का निवेश भी किया.
विलय से पैरामाउंट ग्लोबल भी बाहर हो जाएगा, जिसने वायाकॉम18 में अपनी 13% हिस्सेदारी 4,286 करोड़ रुपये में आरआईएल को बेच दी है.
रिपोर्ट के अनुसार, विलय की गई इस नई इकाई में नीता अंबानी अध्यक्ष और उदय शंकर इसके उपाध्यक्ष होंगे.


