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सुख-दुख

रिश्तेदार बनकर साइबर फ्रॉड की कोशिश, 26 हजार रुपए जाते जाते बचे!

अमित त्यागी-

विवार ठीक दस बजे मुझे एक अनजान नंबर से फोन आता है। फोन उठाते ही उधर से आवाज आई, ‘हैलो Amit कैसे हो?’

मैं- ठीक हूं, माफ करिए, मैंने पहचाना नहीं आपको।

स्कैमर- मैं (मेरी एक बुआ की बेटी का नाम लेते हुए) का हस्बैंड बोल रहा हूं।

मैं- अरे प्रणाम… कैसे हैं आप? (मैं इसलिए नहीं पहचान सका क्योंकि कभी फोन पर बात नहीं हुई थी, ऊपर से जिस तरीके से उसने मेरा नाम लिया और हालचाल पूछा, मुझे थोड़ा भी डाउट नहीं हुआ?

स्कैमर- ठीक हूं। आप कैसे हैं? दिल्ली ही हैं?

मैं- नहीं। घर आया हूं।

स्कैमर- Amit एक काम फंस गया था।

मैं- हां बताइए।

स्कैमर- मुझे एक जगह 26 हजार रुपए भेजने हैं। लेकिन मेरे खाते से उसके खाते में जा नहीं रहा है। तो मैं तुम्हारे खाते में भेज दे रहा। तुम उसे भेज दोगे प्लीज?

मैं- हां-हां। आप भेज दीजिए। मैं ट्रांसफर कर दूंगा।

स्कैमर- अच्छा एक मिनट बस।

तभी मेरे फोन पर एक मैसेज आता है। जिसका स्क्रीनशॉट मैं नीचे लगा रहा हूं। मैसेज ठीक वैसा ही है जैसे बैंक से आता है। पहली नजर में देख कर लगा कि सच में पैसे क्रेडिट किए गए हैं। लेकिन मुझे थोड़ा शक हुआ।

मैंने तुरंत मैसेज जिस नंबर से आया उस पर गौर किया। नंबर किसी बैंक का नहीं लग रहा था। मैंने ट्रूकॉलर पर नंबर चेक किया। वहां ‘सर जी’ लिखा हुआ आ रहा था। आठ लोगों ने स्कैम रिपोर्ट किया था। बस मुझे पता चल गया पूरा खेल…

मैं- आप इस वक्त कहां हैं? (क्योंकि मुझे पता है कि मेरी दीदी के हस्बैंड किस शहर में रहते हैं। यहां मैंने क्रॉस चेक किया)

स्कैमर- कुछ काम से बाहर आया हूं।

मैं- अरे किस शहर में हैं?

स्कैमर- लखनऊ आया था।

मैं- क्या भाई… मैं ही मिला सुबह-सुबह ठगी करने को। और राजा से केवल 26 हजार ही ठगने का सोचे तुम? स्कैमर ने तुरंत फोन काट दिया।

मैंने फिर कई बार कॉल किया। लेकिन कोई जवाब नहीं। रिंग पूरी बजने के बाद जो महिला बोलती है न कि जिस व्यक्ति को आप कॉल कर रहे हैं वह जवाब नहीं दे रहा, उसे सुनकर समझ आ गया कि नंबर ओडिशा का है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि स्कैमर को मेरा नाम और मेरी दीदी का नाम दोनों पता था। उसे यह भी पता था कि मैं किस शहर में नौकरी करता हूं। हालांकि मेरा नाम और शहर पता करना कोई बड़ी बात नहीं। लेकिन दीदी का नाम बताना थोड़ा शॉकिंग था। थोड़ी सी मेरी लापरवाही आज 26 हजार पानी में बहा देती।

कॉल कटने के बाद मैंने तुरंत एक साइबर एक्सपर्ट को फोन किया। उन्होंने बताया कि ठगी करने वाले पर्सनल डिटेल भी निकलवा लेते हैं। इसके लिए वह सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखते हैं। एक-एक कमेंट पर गौर करते हैं। कई बार वह डराने वाली बात भी कह देते हैं। जैसे कि आपके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है या आपकी बेटी होटल में पकड़ी गई है या आपके पति को हार्ट अटैक आ गया है, आदि।

ऐसे में सावधान रहना बहुत जरूरी है। पैनिक बिलकुल मत करें। किसी भी बात पर तुरंत भरोसा नहीं करना है। अब तो टेक्नोलॉजी इस कदर हाईटेक हो गई है कि आवाज बदल कर भी बात की जा रही है। यहां तक कि वीडियो कॉल पर आपके परिचित को दिखा दिया जाएगा, लेकिन वह सब फेक होगा। आप जिसे अपना परिचित समझ कर बात करेंगे, वह असल में स्कैमर होगा। इसलिए क्रॉस चेक करें। पक्का होने पर ही लेनदेन करें।

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