चंदौली | यूपी के चंदौली से एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में कुछ पत्रकार और एक ग्राम प्रधान का चमचा दिखाई दे रहा है. लेन-देन की सेटिंग दिखाई सुनाई दे रही है.
प्रकरण में प्रशांत कुमार नामक पत्रकार ने भड़ास को बताया कि विज्ञापन के पैसों को लेकर लेन-देन का मामला है. प्रधान अशोक कुमार का चेला है जिसने वीडियो बनाया है. प्रशांत किसी आशंका टाइम्स और मीडिया टाइम नाम के प्लेटफार्म में कलम घिसते हैं.
फिलहाल, आप वीडियो और प्रशांत का प्रेस कार्ड भी देखें… उसके बाद लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार ने प्रकरण पर क्या कुछ मौज ली है, उन्हें भी पढ़ें…

अनिल कुमार-
साला कलयुग अपने चरम पर पहुंच गया है! ब्लैकमेलिंग के धंधे में पत्रकारों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है! निर्लज्ज लोग बेहद सम्मान पूर्वक ब्लैकमेल कर रहे पत्रकार का वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं! ब्लैकमेलिंग के धंधे में इस तरह की अविश्वसनीयता एक असभ्य एवं ब्लैकमेलर समाज के सेहत के लिये हानिकारक और निंदनीय है!
हमको जो चिरकुट सूत्रों से चिकनी चुपड़ी जानकारी मिली उसके अनुसार किसी गांव के सामुदायिक शौचालय का मामला था! कुछ मेहनतकश ब्लैकमेलर पत्रकार गंदगी उंदगी की धमकी देकर महिला प्रधान के प्रधान ज्येष्ठ से पचास हजार रुपये मांगे! प्रधान ज्येष्ठ के बहुत गिड़गिड़ाने पर ईमानदार ब्लैकमेलर पत्रकार देशहित में पच्चीस हजार का नुकसान सहने को तैयार हो गये!
पर प्रधान ज्येष्ठ (प्रधान पति का बड़ा भाई) और छूट मांगने लगा, चूंकि ब्लैकमेलर पत्रकारों में दया की भावना कूट कूट कर भरी थी, लिहाजा वह दया और महानता दिखाते हुये दस हजार रुपये की ब्लैकमेलरी पर ही तैयार हो गये! परंतु बेईमान प्रधान ज्येष्ठ ने अपने काम धाम देखने वाले मुंशी के हाथ केवल सात हजार पर डील फाइनल करवा दिया! मात्र पांच हजार नगद दिया, दो हजार उधारी रख दिया! साथ ही विश्वासघात करते हुये वीडियो भी बनवा लिया!
क्या ऐसे ब्लैकमेलर पत्रकारों के साथ यह पाप और धोखा नहीं है, जिन्होंने पचास हजार रूपये के मेहनताना में चालीस हजार रूपये का त्याग कर दिया हो? उस पर भी दस हजार के मेहनताने में तीन हजार रूपया मार दिया गया हो! सचमुच यह कलयुग का चरम है! समय रहते प्रदेश भर के समस्त सम्मानित ब्लैकमेलर पत्रकारों से अपील है कि वह एकजुट होकर सरकार से ऐसे विश्वासघातियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करें!
…..और हां, मामला चंदौली जिले के चकिया तहसील का है!


