
अडानी ग्रुप अपनी एक कंपनी बेच रहा है. आज तक यही खबर आती थी कि अडानी कंपनी खरीद रहा है. पहली बार खबर आई है कि अडानी अपनी कंपनी बेच रहा है.
अदाणी समूह ने अदाणी विल्मर लिमिटेड (AWL) में अपनी पूरी 44% हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया है। यह बिक्री दो चरणों में संपन्न होगी, जिससे समूह को लगभग 2.2 अरब डॉलर (करीब 18,817 करोड़ रुपये) की प्राप्ति होगी।
बिक्री की प्रक्रिया:
पहला चरण: अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, अदाणी कमोडिटीज़ (ACL), विल्मर इंटरनेशनल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी लेंस को AWL में अपनी 31.06% हिस्सेदारी बेचेगी, जिससे अदाणी समूह को लगभग 13,301 करोड़ रुपये मिलेंगे।
दूसरा चरण: AEL अपनी शेष 13% हिस्सेदारी भी बेचेगा, ताकि न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता मानदंडों का पालन सुनिश्चित हो सके। इन दोनों चरणों के बाद, अदाणी समूह AWL से पूरी तरह बाहर हो जाएगा।
प्राप्त धनराशि का उपयोग:
अदाणी एंटरप्राइजेज ने बताया है कि इस बिक्री से प्राप्त धनराशि का उपयोग ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य प्रमुख बुनियादी ढांचा प्लेटफॉर्मों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
अदाणी विल्मर का परिचय:
AWL, अदाणी समूह और सिंगापुर स्थित विल्मर इंटरनेशनल के बीच एक संयुक्त उद्यम है, जो मुख्य रूप से खाद्य तेल और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन और विपणन में सक्रिय है। वित्त वर्ष 2024 में, कंपनी का कुल कारोबार 51,262 करोड़ रुपये रहा, जिसमें ‘फॉर्च्यून’ ब्रांड की प्रमुख भूमिका रही।
शेयर बाजार पर प्रभाव:
इस घोषणा के बाद, अदाणी विल्मर के शेयरों में 1.8% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे शेयर की कीमत 323.25 रुपये पर बंद हुई। वहीं, अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 7.6% की वृद्धि हुई, जिससे शेयर की कीमत 2,593.45 रुपये पर बंद हुई।



