सेबी (SEBI) ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज को तगड़ा झटका दिया है. सेबी के अनुसार सूचीबद्धता मानदंडों के कथित उल्लंघन को लेकर जी एंटरटेनमेंट के खिलाफ जांच जारी है.
इतना ही नहीं इस मामले में सेबी संस्थापक चेयरमैन सुभाष चंद्रा और उनके बेटे पुनीत गोयनका को नया कारण बताओ नोटिस भेजेगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेबी के न्याय निर्णय से जुड़े अधिकारी ने पारित आदेश में कहा कि उन्हें जारी किए गए पहले कारण बताओ नोटिस (एससीएन) की बातों को भी नए नोटिस में शामिल किया जाएगा.
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और उसके शीर्ष प्रबंधक खुलासा नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर सेबी की जांच के दायरे में है. उन्हें इससे पहले जुलाई 2022 में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.
जुलाई में भेजे गए कारण बताओ नोटिस के बाद जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और पुनीत गोयनका ने सेबी के पास निपटान आवेदन दायर किया था. हालांकि, कार्यवाही के निपटान के आवेदन को सेबी के पूर्णकालिक सदस्यों के एक पैनल ने खारिज कर दिया था और मामले को आगे की जांच के लिए बाजार नियामक (SEBI) के पास भेज दिया गया था.
आदेश में कहा गया था- इस संबंध में देखा गया है कि मामले में जांच पूरी होने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने सेबी अधिनियम 1992 की धारा 11बी के तहत नोटिस प्राप्तकर्ताओं के खिलाफ मामला आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. धारा 11बी नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने की सेबी की शक्तियों से संबंधित है.
ऑडिट मामले में जुर्माना
राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की ऑडिट में खामियों के लिए डेलॉयट हैस्किन्स एंड सेल्स एलएलपी पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही दो चार्टर्ड अकाउंटेंट पर भी जुर्माना और पाबंदी लगाई है. वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 के ऑडिट से जुड़े मामले में चार्डर्ड अकाउंटेंट एबी जानी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ पांच साल के लिए कोई भी ऑडिट कार्य करने पर रोक लगाई है. वहीं, राकेश शर्मा पर पांच लाख रुपया जुर्माना और तीन साल की पाबंदी लगाई है.


